Wednesday, 17 April 2013

पाकिस्तानी हिन्दुओं की दर्द भरी दास्तान

जमुना और हनुमान ने बयां की पाकिस्तानी हिन्दुओं की दर्द
भरी दास्तान और कहा- हमारी जान खतरे में है, हमें बचाइए!
हमने सालों से कोई त्योहार नहीं मनाया। हम हिन्दू हैं, मगर
पहचान छिपाकर रहने को मजबूर हैं। मुसलमानों के लिए
मजदूरी करते हैं, बदले में हर वक्त आशंका रहती है कि जाने
क्या बुरा हो जाए। हमें जिंदा रखते हैं तो सिर्फ मजदूरी कराने के
लिए। मैं हाथ जोड़कर विनती करती हूं- हमारी सुध लो। वहां मत
भेजो चाहे भारत में ही मार दो। मैं आपके सामने यह सब बोल
रही हूं यह जानते हुए भी कि ऐसा बोलने से पाकिस्तान में मेरे
परिवार की जान को खतरा हो सकता है।' -जमुना देवी
'बिरादरी की महिलाओं की सरेआम बेइज्जती, पूजा के ठौर-
ठिकानों का अपमान। आप सोच नहीं सकते, वह सब कुछ
वहां होता है। पाकिस्तान हिन्दुओं के लिए नर्क बन चुका है।
अगर आप लोग अब भी हमारे लिए कुछ नहीं करेंगे तो हम
मजबूरों की बद्दुआ लगेगी। भारत के क्रिकेट मैच जीतने पर हमें
कई दिन तक घरों में छुपे रहना पड़ता है, हमारी शामत आ
जाती है।' -हनुमा

Monday, 15 April 2013


चित्र में जिसे को आप देख रहे है उसका नाम है
मोहम्मद अब्दुल कादीर है. यह भूतपूर्व पुलिस
कांस्टेबल है.
१९९० में हैदराबाद में दंगा हुआ उस दंगे में जब
इसका सीनियर इसे एक दंगाई मुस्लिम भीड़ पर
गोली चलाने का आदेश दिया तो ये भीड़ पर
गोली चलाने के बजाय उस सीनियर पर
ही गोली चला दी. न्यायालय के द्वारा इसे आजीवन
कारावास की सजा मिली है लेकिन
अभी इसकी क्षमा याचना रास्ट्रपति के पास है.
इसको छुड़ाने के लिए बहुत से मुस्लिम संगठन लगे हुए
है. यह चित्र उस समय का है जब उसे उसकी माँ के
देहांत पर ७ दिनों के लिए छोड़ा गया था.
 — w

Friday, 12 April 2013

अगस्त्य संहिता का विद्युत्-शास्त्र


"महर्षि अगस्त्य" ने बैटरी निर्माण की विधि का आविष्कार किया था
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समान्यतः हम मानते हैं की विद्युत बैटरी का आविष्कार बेंजामिन फ़्रेंकलिन ने किया था, किन्तु आपको यह जानकार सुखद आश्चर्य होगा की बैटरी के बारे में सर्वप्रथम एक भारतीय ने बताया। अगस्त्य 

संहिता में महर्षि अगस्त्य ने बैटरी निर्माण की विधि का वर्णन किया था ।

राव साहब कृष्णाजी वझे ने १८९१ में पूना से इंजीनियरिंग की परीक्षा पास की। भारत में विज्ञान संबंधी ग्रंथों की खोज के दौरान उन्हें उज्जैन में दामोदर त्र्यम्बक जोशी के पास अगस्त्य संहिता के कुछ

पन्ने मिले। यह शक संवत्‌ १५५० के करीब के थे। आगे चलकर इस संहिता के पन्नों में उल्लिखित वर्णन को पढ़कर नागपुर में संस्कृत के विभागाध्यक्ष रहे डा. एम.सी. सहस्रबुद्धे को आभास हुआ कि यह

वर्णन डेनियल सेल से मिलता-जुलता है। अत: उन्होंने नागपुर में इंजीनियरिंग के प्राध्यापक श्री पी.पी. होले को वह दिया और उसे जांचने को कहा।

अगस्त्य संहिता में एक सूत्र हैः
संस्थाप्य मृण्मये पात्रे ताम्रपत्रं सुसंस्कृतम्‌।
छादयेच्छिखिग्री वेन चार्दाभि: काष्ठापांसुभि:॥
दस्तालोष्टो निधात्वय: पारदाच्छादितस्त त:।
संयोगाज्जायते तेजो मित्रावरुणसंज्ञतिम्‌॥

एक मिट्टी का पात्र (Earthen pot) लें, उसमें ताम्र पट्टिका (copper sheet) डालें तथा शिखिग्रीवा डालें, फिर बीच में गीली काष्ट पांसु (wet saw dust) लगायें, 

ऊपर पारा (mercury‌) तथा दस्त लोष्ट (Zinc) डालें, फिर तारों को मिलाएंगे तो, उससे मित्रावरुणशक्ति का उदय होगा।

उपर्युक्त वर्णन के आधार पर श्री होले तथा उनके मित्र ने तैयारी चालू की तो शेष सामग्री तो ध्यान में आ गई, परन्तु शिखिग्रीवा समझ में नहीं आया। संस्कृत कोष में देखने पर ध्यान में आया कि 

शिखिग्रीवा याने मोर की गर्दन। अत: वे और उनके मित्र बाग गए तथा वहां के प्रमुख से पूछा, क्या आप बता सकते हैं, आपके zoo में मोर कब मरेगा, तो उसने नाराज होकर कहा क्यों? तब उन्होंने 

कहा, एक प्रयोग के लिए उसकी गरदन की आवश्यकता है। यह सुनकर उसने कहा ठीक है। आप एक एप्लीकेशन दे जाइये। इसके कुछ दिन बाद एक आयुर्वेदाचार्य से बात हो रही थी। उनको यह सारा 

घटनाक्रम सुनाया तो वे हंसने लगे और उन्होंने कहा, यहां शिखिग्रीवा का अर्थ मोर की गरदन नहीं अपितु उसकी गरदन के रंग जैसा पदार्थ कॉपरसल्फेट है। यह जानकारी मिलते ही समस्या हल हो गई और फिर इस आधार पर एक सेल बनाया और डिजीटल मल्टीमीटर द्वारा उसको नापा। उसका open circuit voltage था १.३८ वोल्ट और short circuit 

current था २३ मिली एम्पीयर.

प्रयोग सफल होने की सूचना डा. एम.सी. सहस्रबुद्धे को दी गई। इस सेल का प्रदर्शन ७ अगस्त, १९९० को स्वदेशी विज्ञान संशोधन संस्था (नागपुर) के चौथे वार्षिक सर्वसाधारण सभा में अन्य विद्वानों के 

सामने हुआ। तब विचार आया कि यह वर्णन इलेक्ट्रिक सेल का है। पर इसका आगे का संदर्भ क्या है इसकी खोज हुई और आगे ध्यान में आया ऋषि अगस्त ने इसके आगे की भी बातें लिखी हैं-

अनेन जलभंगोस्ति प्राणो दानेषु वायुषु।
एवं शतानां कुंभानांसंयोगकार्यकृत्स्मृत:॥

अगस्त्य कहते हैं सौ कुंभों की शक्ति का पानी पर प्रयोग करेंगे, तो पानी अपने रूप को बदल कर प्राण वायु (Oxygen) तथा उदान वायु (Hydrogen) में परिवर्तित हो जाएगा। उदान 

वायु को वायु प्रतिबन्धक वस्त्र में रोका जाए तो यह विमान विद्या में काम आता है।

फिर लिखा गया हैः
वायुबन्धकवस्त्रेण
निबद्धो यानमस्तके
उदान : स्वलघुत्वे बिभर्त्याकाशयानकम्‌। (अगस्त्य संहिहिता शिल्प शास्त्र सार)

अर्थात् उदान वायु (हाइड्रोजन) कोबन्धक वस्त्र (Air Tight Cloth) द्वारा निबद्ध किया जाए तो वह विमान विद्या (Aerodynamics) के लिए प्रयुक्त किया जा सकता है।


राव साहब वझे, जिन्होंने भारतीय वैज्ञानिक ग्रंथ और प्रयोगों को ढूंढ़ने में अपना जीवन लगाया, उन्होंने अगस्त्य संहिता एवं अन्य ग्रंथों के आधार पर विद्युत भिन्न-भिन्न प्रकार से उत्पन्न होती हैं, इस 

आधार उसके भिन्न-भिन्न नाम रखे-

(१) तड़ित्‌-रेशमी वस्त्रों के घर्षण से उत्पन्न।
(२) सौदामिनी-रत्नों के घर्षण से उत्पन्न।
(३) विद्युत-बादलों के द्वारा उत्पन्न।
(४) शतकुंभी-सौ सेलों या कुंभों से उत्पन्न।अगस्त्य संहिता में विद्युत्‌ का उपयोग इलेक्ट्रोप्लेटिंग के लिए करने का भी विवरण मिलता है। उन्होंने बैटरी द्वारा तांबा या सोना या चांदी पर पालिश चढ़ाने की विधि निकाली। अत: अगस्त्य को 

कुंभोद्भव (Battery Bone) कहते हैं।

कृत्रिमस्वर्णरजतलेप: सत्कृतिरुच्यते। -शुक्र नीति
यवक्षारमयोधानौ सुशक्तजलसन्निधो॥
आच्छादयति तत्ताम्रं
स्वर्णेन रजतेन वा।
सुवर्णलिप्तं तत्ताम्रं
शातकुंभमिति स्मृतम्‌॥ ५ (अगस्त्य संहिता)

अर्थात्‌-कृत्रिम स्वर्ण अथवा रजत के लेप को सत्कृति कहा जाता है। लोहे के पात्र में सुशक्त जल अर्थात तेजाब का घोल इसका सानिध्य पाते ही यवक्षार (सोने या चांदी का नाइट्रेट) ताम्र को स्वर्ण या 

रजत से ढंक लेता है। स्वर्ण से लिप्त उस ताम्र को शातकुंभ अथवा स्वर्ण कहा जाता है।

स्पष्ट है कि यह आज के विद्युत बैटरी का सूत्र (Formula for Electric Battery) ही है। साथ ही यह प्राचीन भारत में विमान विद्या होने की भी पुष्टि करता है।

शेयर कर आप ये जानकारी फैला कर किसी और को गर्वित होने का सौभाग्य दे सकते हैं||

शंखनाद धर्म और राजनीति —

नागा नरेश बुलंद हौसले और साहस की मिसाल ,शारीरिक विंकलांगता और पिता के लौरी ड्राईवर होने के बाद भी आई आई टी ईन्जीनियर बने।
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क्या आप जानते है की कोई मीडिया समूह हिन्दू या हिन्दू संघठनो के प्रति इतना बैरभाव क्यों रखती है. -भारत में चलने वाले न्यूज़ चैनल, अखबार वास्तव में भारत के है ही नहीं… 
सन २००५ में एक फ़्रांसिसी पत्रकार भारत दौरे पर आया उसका नाम फ़्रैन्कोईस था उसने भारत में हिंदुत्व के ऊपर हो रहे अत्याचारों के बारे में अध्ययन किया और उसने फिर बहुत हद तक इस कार्य के लिए मीडिया को जिम्मेवार ठहराया. फिर उसने पता करना शुरू किया तो वह आश्चर्य चकित रह गया की भारत में चलने वाले न्यूज़ चैनल, अखबार वास्तव में भारत के है ही नहीं… फीर मैंने एक लम्बा अध्ययन किया उसमे निम्नलिखित जानकारी निकल कर आई जो मै आज सार्वजानिक कर रहा हु. विभिन्न मीडिया समूह और उनका आर्थिक श्रोत……
१- दि हिन्दू … जोशुआ सोसाईटी, बर्न, स्विट्जरलैंड, इसके संपादक एन राम, इनकी पत्नी ईसाई में बदल चुकी है.

२- एन डी टी वी… गोस्पेल ऑफ़ चैरिटी, स्पेन, यूरोप

३- सी.एन.एन, आई.बी.एन.७, सी.एन.बी.सी… १००% आर्थिक सहयोग द्वारा साउदर्न बैपिटिस्ट चर्च
४- दि टाइम्स ऑफ़ इंडिया, नवभारत, टाइम्स नाउ… बेनेट एंड कोल्मान द्वारा संचालित, ८०% फंड वर्ल्ड क्रिस्चियन काउंसिल द्वारा, बचा हुआ २०% एक अँगरेज़ और इटैलियन द्वारा दिया जाता है. इटैलियन व्यक्ति का नाम रोबेर्ट माइन्दो है जो यु.पी.ए. अध्यक्चा सोनिया गाँधी का निकट सम्बन्धी है.

५-हिन्दुस्तान टाइम्स, दैनिक हिन्दुस्तान… मालिक बिरला ग्रुप लेकिन टाइम्स ग्रुप के साथ जोड़ दिया गया है...

६- इंडियन एक्सप्रेस… इसे दो भागो में बाट दिया गया है, दि इंडियन एक्सप्रेस और न्यू इंडियन एक्सप्रेस (साउदर्न एडिसन) - Acts Ministries has major stake in the Indian express and later is still with the Indian कौन्तेर्पर्त

७- दैनिक जागरण ग्रुप… इसके एक प्रबंधक समाजवादी पार्टी से राज्य सभा में सांसद है… यह एक मुस्लिम्वादी पार्टी है.

८- दैनिक सहारा .. इसके प्रबंधन सहारा समूह देखती है इसके निदेशक सुब्रोतो राय भी समाजवादी पार्टी के बहुत मुरीद है
९- आंध्र ज्योति..हैदराबाद की एक मुस्लिम पार्टी एम् आई एम् (MIM ) ने इसे कांग्रेस के एक मंत्री के साथ कुछ साल पहले खरीद लिया१०- स्टार टीवी ग्रुप…सेन्ट पीटर पोंतिफिसिअल चर्च, मेलबर्न,ऑस्ट्रेलिया

११- दि स्टेट्स मैन… कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया द्वारा संचालित

इस तरह से एक लम्बा लिस्ट हमारे सामने है जिससे ये पता चलता है की भारत की मीडिया भारतीय बिलकुल भी नहीं है.. और जब इनकी फंडिंग विदेश से होती है है तो भला भारत के बारे में कैसे सोच सकते है... अपने को पाक साफ़ बताने वाली मीडिया के भ्रस्ताचार की चर्चा करना यहाँ पर पूर्णतया उचित ही होगा,,,, बरखा दत्त जैसे लोग जो की भ्रस्ताचार का रिकार्ड कायम किया है उनके भ्रस्ताचरण की चर्चा दूर दूर तक है, इसके अलावा आप लोगो को सायद न मालूम हो पर आपको बता दू की ये १००% सही बात है की NDTV की एंकर बरखादत्त ने ईसाई धर्म स्वीकार कर लिया है....
प्रभु चावला जो की खुद रिलायंस के मामले में सुप्रीम कोर्ट में फैसला फिक्स कराते हुए पकडे गए उनके सुपुत्र आलोक चावला, अमर उजाला के बरेली संस्करण में घोटाला करते हुए पकडे गए.दैनिक जागरण ग्रुप ने अवैध तरीके से एक ही रजिस्ट्रेसन नो. पर बिहार में कई जगह पर गलत ढंग से स्थानीय संस्करण प्रकाशित किया जो की कई साल बाद में पकड़ में आया और इन अवैध संस्करणों से सरकार को २०० करोड़ का घटा हुआ....

दैनिक हिन्दुस्तान ने भी जागरण के नक्शेकदम पर चलते हुए यही काम किया उसने भी २०० करोड़ रुपये का नुकशान सरकार को पहुचाया इसके लिए हिन्दुस्तान के मुख्य संपादक सशी शेखर के ऊपर मुक़दमा भी दर्ज हुआ है.. शायद यही कारण है की भारत की मीडिया भी काले धन, लोकपाल जैसे
मुद्दों पर सरकार के साथ ही भाग लेती है.....

सभी लोगो से अनुरोध है की इस जानकारी को अधिक से अधिक लोगो के पास पहुचाये ताकि दूसरो को नंगा करने वाले मीडिया की भी सच्चाई का पता लग सके....

.वन्दे मातरम्
मैं अपनी आँखों के सामने अपने घर की महिलाओं की अस्मिता लुटते नहीं देख सकता कहते हुए 80 वर्षीय बुजुर्ग वैशाखी लाल की आँखें नम हो गयी। दरअसल यह दिल्ली स्थित बिजवासन गांव के एक सामजिक कार्यकर्ता नाहर सिंह के द्वारा की गई आवास व्यवस्था मे रह रहे 479 पाकिस्तानी हिन्दुओं की कहानी है (कुल 200 परिवारों में 480 लोग हैं, परंतु एक 6 माह की बच्ची का पिछले दिनों स्वर्गवास हो गया)। एक माह की अवधि पर तीर्थयात्रापर भारत आये पाकिस्तानी-हिन्दू अपने वतन वापस लौटने के लिए तैयार नहीं है, साथ ही भारत-सरकार के लिए चिंता की बात यह है कि इन पाकिस्तानी हिन्दुओं की वीजा-अवधि समाप्त हो चुकी है।

विश्व के मानस पटल पर सभी मुनष्यों को मानवता का अधिकार देने की बात उठी परिणामतः विश्व मानवाधिकार का गठन हुआ। मानवाधिकार के घोषणा-पत्र में साफ शब्दों में कहा गया कि मानवाधिकार हर व्यक्ति का जन्म सिद्ध अधिकार है, जो प्रशासकों द्वारा जनता को दिया गया कोई उपहार नहीं है तथा इसके मुख्य विषय शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आवास, संस्कृति, खाद्यान्न व मनोरंजन इत्यादि से जुडी मानव की बुनयादी मांगों से संबंधित होंगे। इसके साथ-साथ अभी हाल में ही पिछले वर्ष मई के महीने 
में पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी द्वारा मानवाधिकार कानून पर हस्ताक्षर करने से वहां एक राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग कार्यरत है।

अभी पिछले दिनों पाकिस्तान द्वारा हिन्दुओं पर हो रही ज्यादतियों पर भारत की संसद में भी सभी दलों के नेताओं ने एक सुर में पाकिस्तान की आलोचना की जिस पर भारत के विदेश मंत्री ने सदन को यह कहकर धीरज बंधाया कि वे इस मुद्दे पर पाकिस्तान से बात करेंगे परन्तु पाकिस्तान से बात करना अथवा संयुक्त राष्ट्र में इस मामले को उठाना तो दूर यूपीए सरकार ने इस मसले को ही ठन्डे बसते में डाल दिया और आज तक एक भी शब्द नहीं कहा। पाकिस्तान में रह रहे हिन्दुओं पर की जा रही बर्बरता को देखते हुए हम मान सकते हैं कि विश्व-मानवाधिकार पाकिस्तान में रह रहे हिन्दुओं के लिए नहीं है। भारत के कुछ हिन्दू संगठनों के लोगों के अनुसार इन पाकिस्तानी हिन्दुओं द्वारा इस सम्बन्ध में पिछले माह (मार्च) में ही भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, विदेश मंत्री, कानून मंत्री, दिल्ली के उपराज्यपाल व मुख्यमंत्री के साथ सभी संबन्धित सरकारी विभागों सहित भारत व संयुक्त राष्ट्र संघ के मानवाधिकार आयोगों को भी पत्र भेजा जा चुका है किन्तु आज तक किसी के पास न तो इन पाक पीड़ितों का दर्द सुनने की फ़ुर्सत है और न ही किसी ऐसी कार्यवाही की जो पाकिस्तानी दरिंदगी पर अंकुश लगा सके। तो क्या यह मान लिया जाए कि पाकिस्तान के 76 वर्षीय शोभाराम का कहना सही ही है कि पाकिस्तानी हिन्दू अपने हिन्दू होने की सजा भुगत रहे हैं और उनके लिए मानवाधिकार की बात करना मात्र एक छलावा है ? ऐसी वीभत्स परिस्थिति में यदि समय पर विश्व मानवाधिकार ने इस गंभीर समस्या पर कोई संज्ञान नहीं लिया यह अपनेआप में विश्व मानवाधिकार की कार्यप्रणाली और उसके उद्देश्यों की पूर्ति पर ऐसा कुठाराघात है जिसे इतिहास कभी नहीं माफ़ करेगा।

आज भी डाक्टरों ने अंदर मानवता है ...

 दिव्यभास्कर में एक स्टोरी पढ़ी .. मै सलाम करता हूँ उस डाक्टरों को जिन्होंने इस पेशे में निहित मानवता को जिन्दा रखा है |

अहमदाबाद में आईआईएम के पास फुटपाथ पर एक महिला गरीबो को खाना और बिस्किट दे रही थी ..तभी एक भिखारी महिला उससे बोली कि बहन मेरी हालत देखो .. मै खड़ी तक नही हो सकती .. उस महिला के स्तन में बहुत बड़ा गांठ था और जो पक चूका था और उसमे से मवाद निकल रहा था |

उस महिल ने उसके कुछ फोटो लिए और अपनी फेसबुक की फ्रेंडलिस्ट में शामिल जाने माने सर्जन डा. Mukesh Bavishi को वो फोटो और उस महिला का पता मेल किया |

डा मुकेश बविसी अपनी डॉ पत्नी के साथ उस स्तन कैंसर के पीड़ित भिखारी महिला के पास गए और उसे लेकर तुरंत अपने होस्पिटल श्रेय होस्पिटल में उसे भर्ती किया ..फिर उसका सफल ऑपरेशन किया ...इतना ही नही ओपरेशन के बाद जब उस महिला को छुट्टी मिल गयी तब डॉ मुकेश जी ने उससे पूछा की तुम कहा जाओगी ? तो उसने कहा की फुटपाथ पर .. तब डॉ लो लगा की इससे उसके टांके में इन्फेक्शन हो सकता है ..फिर डॉ मुकेश ने उसे तब तक होस्पिटल में ही रखने का फैसला किया जब तक उससे घाव पूरी तरह से भर नही जाते |

डा मुकेश जी ने कहा की मुझे जिंदगी में सैकडो एवार्ड मिले है .. मैंने कई गिनीज रिकार्ड भी बनया है ..लेकिन जिन्दा रहने की उम्मीद छोड़ चुकी इस महिला के चेहरे पर मुस्कुराहट देखकर मुझे जो खुशी हुई उसको शब्दों में बयान नही किय जा सकता |

मित्रों, मेरी कई बार मुकेश जी से फोन पर बाते हुई है .. लेकिन मुझे डॉ मुकेश जी के जीवन के इस पहलू के बारे में पता नही था कि वो इतने सम्वेदनशील डॉ है | आज मैंने उनसे इस बारे में बात की और उनके इस नेक कार्य के लिए कोटि कोटि बधाई दी .. उन्होंने कहा जेपी जी आप भी एक मिशन के लगे हो कि सोये हुए समाज को कैसे जगाया जाय .. वैसे मै भी एक मिशन ले लगा हूँ कि किसी गरीब को मेडिकल हेल्प आसानी से कैसे दिया जाए |

सोचिये मित्रों, इसी सभ्य समाज में मशहूर फिल्म अभिनेत्री मीना कुमारी की लाश को लावारिश घोषित करने की नौबत आ गयी थी ...उन्हें कैंसर हो गया था कई अंतिम समय में कई महीनों तक अस्पताल में रहना पड़ा था ..और उनकी अस्पताल में ही मौत हो गयी थी

मीना कुमारी के पति कमाल अमरोही ने अस्पताल में कहा की मैंने तो उन्हें तलाक दे दिया था ... उसने सौतेले पुत्र ताजदार अमरोही ने कहा की मेरा उनसे कोई वास्ता नही है ... उनके छोटी बहन के पति मशहूर कामेडियन महमूद ने कहा की मै क्यों ८०००० दूँ ?

और तो और जिस धर्मेन्द्र को फगवाडा से मुंबई बुलाकर स्टार बनाया वो भी बिल का नाम सुनते ही खिसक गया |

फिर जिस सम्पूरन सिंह कालरा को मीना कुमारी ने झेलम की गलियों से मुंबई बुलाकर "गुलज़ार" बनाया उस गुलज़ार ने कहा की मै तो कवि हूँ और कवि के पास इतना पैसा कहा ...जबकि उसी गुलज़ार ने एक मुशायरे में जिसमे मीना कुमारी भी थी कहा था "ये तेरा अक्स है तो पड़ रहा है मेरे चेहरे पर ..वरना अंधेरो में कौन पहचानता मुझे "

हर टीवी चैनेल पर आकर मुस्लिम हितों पर बड़ी बड़ी बाते करने वाला महेश भट्ट बोला मै पैसे क्यों दूँ ?

. जिससे अस्पताल वालो को कहना पड़ा की अब हमे मीना कुमारी जी की लाश को लावारिश घोषित करके बीएमसी वालो को देना पडेगा ... जब ये खबर अखबारों में छपी तबएक अनजान पारसी व्यक्ति अस्पताल आया और बिल चुकाकर मीना कुमारी के शव को सम्मान के साथ इस्लामिक विधि से कब्रिस्तान में दफन करवाया

और तो और अभी कुछ दिन पहले पता चला की कई फिल्मो में सम्राट और महाराजा का रोल अदा करने वाले प्रदीप कुमार कलकता की सरकारी अस्पताल के फुटपाथ पर खुले आसमान में पड़े है

Thursday, 11 April 2013

दोस्तो आपको याद होगा ये नवंबर-दिसंबर सन् 2005 की बात है अमिताभ बच्चन अपने स्वर्गीय पिता हरिवंश राय बच्चन की जयंती के अवसर पर अपने परिवार के साथ उत्तर प्रदेश गए हुए थे. उन्होंने वहाँ एक समारोह में हिस्सा लिया लेकिन पेट दर्द के बाद उन्हें सोमवार सुबह साढ़े दस बजे दिल्ली के एस्कोर्ट्स अस्पताल में भर्ती करवाया गया था और हमारे देश की सर्वकालिक महान कांग्रेसी मीडिया ने इसे 24 घंटे दिखाकर राष्ट्रीय शोक घोषित करके सभी लोगोँ से ये कहा था कि अमिताभ बच्चन गंभीर रूप से बीमार है अपना सब लोग अपना काम-धाम छोड़ के भगवान से प्रार्थना करो !!!!

पूज्य राजीव दीक्षित अपने व्याख्यान मेँ सभा को संबोधित करते हुये कहते हैँ
http://www.youtube.com/watch?v=6JpOoS0bIBk&feature=plcp
कि- अमिताभ बच्चन नाम का एक फिल्म एक्टर है थोड़े समय पहले ये बीमार पड़ा और इसका ऑपरेशन हुआ और ऑपरेशन पूरे 9 घंटे चला उसे कुछ कोलाइटिस टाइप की नाम की आंतो अंतड़ियोँ के सड़ जाने की बीमारी थी तो जिस डॉक्टर ने उसका ऑपरेशन किया उससे मैँने पूछा की 9 घंटे तक आपने क्या ऑपरेशन किया ? ??

डॉ. बोला उसकी बड़ी आँत सड़ गई थी जगह जगह से उसको काटकर निकलना पड़ा तो फिर मैँने पूछा आपने ये 9 घंटे तक आँत काटकर क्योँ निकाला डॉ. बोला नहीँ निकालता तो ये मर जाता तो बचाने के लिये ये करना पड़ा !

फिर राजीव भाई जी लोगोँ से कहते हैँ बड़ी आँत सामान्य लोगोँ की नहीँ सड़ती है जो लोग "गाय का माँस (BEAF) सुअर का माँस (PORK) लाल माँस (RED MEAT) ,
शराब,सिगरेट,गुटखा,पिज्जा,बर्गर,हॉट-डॉग,मैगी ये सब खाते हैँ उन लोगोँ की बड़ी आँत सड़ती है"
लेकिन अमिताभ बच्चन तो इनमेँ से कुछ नहीँ करता (वैसे वो अभी टीवी विज्ञापनोँ पर 5 रुपये की छोटू मैगी खाता दिख जायेगा) तो मैँने डॉ से पूछा फिर कैसे उसकी बड़ी आँत सड़ गई ?

तो डॉ. बोला "वो पेप्सी और कोकाकोला जैसे कोल्ड ड्रिँक पीता है और दस साल से पी रहा है और इससे भी अंतड़िया सड़ जाती हैँ"
मैँने डॉ. से कहा कि क्या आपने अमिताभ बच्चन को इस बारे मे बताया ? डॉ बोला हाँ बता दिया। मैँने पूछा कि उसने क्या कहा उसका क्या रियेक्शन था ? तो डॉ बोला अमिताभ बच्चन ने अब से पेप्सी कोकाकोला का विज्ञापन करना बंद दिया पहले वो खूब एड करता था पर अब बंद कर दिया ! आज 2012 तक अमिताभ बच्चन pepsi coke की ad नहीं करता !(सभा मेँ तालियाँ गूंज उठी)

राजीव भाई जी बोले जब मुझे कन्फर्म हो गया तब मैँने अमिताभ बच्चन को E-Mail किया और उससे पूछा तो उसने कहा Yes It Is All True यह सब सच है कि मेरी आंते पेप्सी कोक पीने से सड़ गयीँ थी और उसे काट के निकाला गया।

मैँने बोला अमिताभ से कि आप ये सब टीवी./मीडिया पर बोल दो (सभा मेँ उपस्थित सभी लोग हँसने लगे) और अपने साथ ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर को भी बिठा दो वो भी बतायेगा कि कैसे मैँने 10 साल तक पेप्सी पी और आँते सड़ गईँ और उसे काट के निकालना पड़ा। तो अमिताभ ने कहा कि मैँ ये नहीँ कर सकता तो मैँने बोला कि इसपे एक 3 घंटे की फीचर फिल्म बना दो कि कैसे पेप्सी-कोक से आँते सड़ जाती हैँ उसने कहा कि मैँ ये भी नहीँ कर सकता मैँने पूछा क्योँ नहीँ कर सकते ! क्या तकलीफ है ??

अमिताभ बच्चन बोला-मैँने कोल्डड्रिँक कंपनियोँ से 100 करोड़ रुपये लिये हैँ और जब रुपये लिये तब कंपनी ने मुझसे एग्रीमेँट मेँ लिखवा लिया की जब तक ये दोनों अमेरीकन कंपनिया पेप्सी,कोक भारत मेँ रहेँगी मैँ उनके खिलाफ एक भी बात नहीँ बोलूंगा ऐसा समझौता हुआ है।


और अगर मैँने ऐसा उनके खिलाफ बोला तो वो मुझ पर 500 करोड़ का दावा ठोँक देँगी और ये 500 मुझे देना पड़ेगा और मेरा पास इतना पैसा नहीँ है मैँ कंगाल और भिखारी हो जाऊंगा (ध्यान दीजिये ये सन् 2005 की बात है फालतू के ख्याल दिमाग मेँ मत लायेँ) इसीलिये मैँ कंपनी के खिलाफ नहीँ जा सकता। मैँने पूछा मैँ बोलू इनके खिलाफ तो उसने बोला हाँ आप बोल दो, आपने तो कोई समझौता नहीँ किया है। मैँने फिर पूछा आपका नाम लेकर बोलूं तो अमिताभ बच्चन ने कहा हाँ मेरा नाम लेकर बोल दो अगर मेरा नाम लेके लोगोँ का भला होता है तो बोल दो कि अमिताभ बच्चन को ठंडा मतलब कोकाकोला पीने से ये हुआ है तो मुझे कोई समस्या नहीँ है, आप मेरा नाम लेकर बोल सकते हैँ

अब राजीव भाई सभा मेँ उपस्थित लोगोँ से कहते हैँ कि अब आप लोग देख लो कि ये पेप्सी-कोकाकोला आदि कोल्डड्रिँक्स कितनी खतरनाक हैँ इसीलिये कभी गलती से भी मत पीना और कभी आपके घर मेँ मेहमान-अतिथि आयेँ तो उन्हेँ भी बिल्कुल मत पिलाना,हमारी संस्कृति कहती है ! अतिथि देवो भव !
अतिथि भगवान के समान होते हैँ !और उन्हेँ टॉयलेट क्लीनर या संडास साफ करने का पानी नहीँ पिलाया करते (सभा मेँ उपस्थित सभी लोग हँसने लगे) ये आप ध्यान रखे !!
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और एक बात अगर आपको लगता है कि ठंडा मतलब toilet cleaner ये बात किसी ने मज़ाक मे बोली है ! तो आप से बड़ा मूर्ख कोई नहीं है !! नीचे link पर click कर दूसरी post पढे
http://www.facebook.com/photo.php?fbid=456275441080138&set=a.137060829668269.14827.100000930577658&type=3&theater


इसके बाद पूज्य राजीव जी अगले विषय पर व्याख्यान देने लगे जिसे हम अगले भाग मेँ पोस्ट करेँगे

तब तक आप यहाँ जरूर जरूर एक बार click करे ! और अपने कानो से सारी बात सुने !!
http://www.youtube.com/watch?v=6JpOoS0bIBk&feature=plcp