Tuesday, 4 March 2014

राम कथा मे आज के भारत की सभी गंभीर से गंभीर समस्याओ का समाधान छिपा है

आपने आजतक बहुत से साधू ,संतो से राम कथा सुनी होगी ! लेकिन शायद ही कोई ऐसा साधू ,संत होगा जिसने आपको ये बताया हो की राम कथा मे आज के भारत की सभी गंभीर से गंभीर समस्याओ का समाधान छिपा है !

राजीव भाई ने बहुत से साधू - संतो से पूछा कि मुझे ये बताएं कि प्रभु श्री राम ने खुद अपने राम राज्य के बारे मे राम कथा क्या कहा है ? 

रामराज्य की कल्पना कितनी बड़ी है ??

रामराज्य कैसा होता है ?

रामराज्य के नियम कायदे कानून कैसे होते है ??

आखिर वो राज्य है तो उसकी राजनीति क्या है उसकी सीमाए कैसी है ??

रामराज्य की नीतियाँ कैसे होती है ??

रामराज्य की अर्थ व्यवस्था कैसी होती है ??

रामराज्य की सेना कैसी होती है ??

रामराज्य मे भ्र्ष्टाचार की दर क्या होती है ??

सभी संतो से राजीव भाई को निराशा हाथ लगी कोई भी उनके सवाल का जवाब नहीं दे पाया !! फिर राजीव भाई ने खुद भारत मे लिखी सभी राम कथाओ अध्यन किया और आप सोच के हैरान हो जाएंगे
कि रामकथा मे सच मे भारत की सभी समस्याओ का समाधान है !! किसी राज्य मे tax दर क्या होनी चाहिए ,भ्रष्टाचार की दर कितने से ज्यादा नहीं जानी चाहिए,मुकदमा कैसे चलना चाहिए ,सजा कैसे मिलनी चाहिए , प्रशासनीय खर्चा कितना होना आदि आदि ऐसे सैंकड़ों सब सवालों का जवाब है !!

मित्रो एक बार जरूर जरूर देखें !! बहुत बार घंटो घंटो आपने बेकार सी फिल्मों ,क्रिकेट मैचो के लिए कितना समय बर्बाद किया ! एक बार इसे देखें और ज्ञान हासिल करें !!
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Monday, 3 March 2014

इंटर पास चपरासी ने बनाया हेलिकॉप्टर :::::

कहते हैं कि अगर इंसान के अंदर मेहनत, लगन और ईमानदारी से काम करने का जज्बा हो तो वह बुलंदियों को छू सकता है। प्रतिभा किसी भी संसाधन की मोहताज नहीं होती है। इस बात को मऊ के इस व्यक्ति ने सच साबित कर दिखाया है। 

गाजीपुर में 32 साल पहले वीरेंदर ने हाई स्कूल में पढ़ाई के दौरान टीचर की मदद से छोटा हेलिकॉप्टर बनाया था। वीरेंदर सिंह का दावा है कि उन्होंने जो हेलिकॉप्टर बनाया है, वह पायलट और पैसेंजर दोनों को सहूलियत देगा।

जानिए क्या है हेलिकॉप्टर की खासियत :::::

आमतौर पर हेलिकॉप्टर में उड़ान भरते समय पायलट समेत पैसेंजर को झटका लगता है। वीरेंदर सिंह ने बताया कि खास तकनीक की वजह से इस हेलिकॉप्टर में ऐसा नहीं होगा। इस हेलिकॉप्टर की खासियत होगी कि यह सीधी लाइन में उड़ेगा और अप-डाउन की समस्या भी नहीं रहेगी, इस वजह से ईंधन की बचत होगी और हादसों में कमी आएगी।

वीरेंदर सिंह ने बताया कि हेलिकॉप्टर को हॉरिजेंटल लाइन डिस्बेल्टी के लिए पायलट को बार-बार लिफ्ट करना पड़ता है। हेलिकॉप्टर की इन कमियों को बेस्ट लिफ्टिंग के जरिए आसानी से दूर किया जा सकेगा।

1981 में पहली बनाया था हेलिकॉप्टर ::::::

वीरेंदर सिंह ने बताया कि हाईस्कूल में पढ़ाई के दौरान हल्के इंजन से हेलिकॉप्टर का पूरा डिजाइन बनाया था। तब टीचर ने मॉडल पर दस हजार रुपये खर्च किए थे। पैसा न होने की वजह से प्रोजेक्ट अधूरा रह गया। इंटर तक पढ़ाई करने के बाद बनारस आईटीआई में ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। उन्होंने बताया कि 1994 में एक बड़े अधिकारी का बिगड़ा जनेटर जुगाड़ से ठीक कर देने पर, उस अधिकारी ने मेरे काम से प्रभावित होकर नौकरी दिलवा दी।

चपरासी होने के बावजूद मैं खाली समय में यही सोचा करता था कि मुझे हेलिकॉप्टर बनाना है। उन्होंने बताया कि हाईस्कूल में जब पढ़ाई कर रहा था, तो एयरक्राफ्ट पर छोटा सा चेप्टर था। जिसमें राइट ब्रदर्स के बारे में बताया गया था कि साइकिल टेक्नीशियन होने के बावजूद राइट ब्रदर्स ने एयर क्राफ्ट बनाया।

उन्होंने बताया कि मैं फिर 2004 से हेलिकॉप्टर बनाने के प्रोजेक्ट पर लग गया। हेलिकॉप्टर के पार्ट्स के लिए खर्च बहुत था। कम आमदनी में परिवार चलाने के साथ-साथ अपने प्रोजेक्ट पर भी लगा रहा। आज पूरा मॉडल बनकर तैयार खड़ा है, जो टेस्टिंग के दौरान तीन फुट की ऊंचाई तक आसानी से उड़ा है।

महावीर प्रसाद खिलेरी 

जापान के एक वैज्ञानिक ने एक प्रयोग में यह पाया की पानी को आप जिस भावना से रोज़ देखते है , उसका असर उससे जमाये हुए बर्फ के कणों के आकार पर पड़ता है | जिस पानी को अच्छी भावनाएं प्रेषित की उसके कण एकदम व्यवस्थित आकर के थे |
जिस पानी को घृणा और अन्य नकारात्मक भावनाएं प्रेषित की उसके कण सही आकार में नहीं बने |
हमारे भोजन का अधिकांश हिस्सा जल है , जब हम भोजन को भोग लगाते है तो मन्त्र बोलते है , अच्छी और पवित्र भावना के साथ परमात्मा को याद करते है , ऐसा भोजन करने से हमारी सारी व्याधियां और विकार दूर होते है |
इसी तरह पूजा का जल भी मन्त्रों से अभिमंत्रित होने के कारण शक्ति युक्त हो जाता है , ऐसे जल का छिडकाव और आचमन हमें शक्तियों से भर देता है |
हमें गर्व है वैज्ञानिक धर्म के पालन करने का |

विठ्ठलनामसे बढती है हृदयकी कार्यक्षमता ! - वैद्यकीय शास्त्रके आधारपर किए गए शोधनका निष्कर्ष

हिंदुद्रोही अंनिसको सनसना तमाचा !

हिंदुओ, नामस्मरण, ध्यानधारणा, प्राणायाम, योग आदि साधनाके सभी प्रकार केवल धार्मिक ही नहीं, अपितु वैज्ञानिक स्तरपर भी सिद्ध होते हैं । तपस्वी हिंदु ऋषियोंने तथा हिंदु धर्मग्रंथोंने हमें अलौकिक पूंजी दी है । उसकी ओर अनदेखा न कर उसका अभ्यास कर यह वेदविज्ञान पुनः विश्वके समक्ष लाएं !- संपादक, दैनिक सनातन प्रभात
 
 पुणे (महाराष्ट्र) : वेद विज्ञान संशोधन केंद्रके प्रमुख पंडित प्रसाद जोशीने पत्रकार परिषदमें नामके विषयमें जानकारी देते हुए कहा कि संशोधनके अंतमें सिद्ध हो गया है कि विट्ठलनामका गर्जन करते हुए आलंदी से पंढरपुर यात्रा करनेवाले वारकरियोंके हृदयकी कार्यक्षमता विठ्ठलनामका जप करनेसे बढती है । पता चला है कि विठ्ठलनामके उच्चारणसे हृदयकी ऊर्जाके साथ कार्यक्षमतापर सकारात्मक परिणाम होता है ।(नामस्मरण तथा ध्यानधारणाकी निंदा करनेवाली अंनिसका इस विषयमें क्या कहना है ? क्या पश्चिमी सभ्यतावालोंका अंधानुकरण करनेवाले जन्महिंदु इस शोधनसे सीख लेकर अब तो साधना कर आनंदमय जीवनयापन करेंगे ? – संपादक, दैनिक सनातन प्रभात ) 

पंडित जोशीने कहा... 

१. २० से ६० वर्ष आयुगुटके ३० निरोगी व्यक्तियोंमें किए शोधनसे ये निष्कर्ष निकाले गए हैं । पिछले वर्षभर इस संदर्भमें  संशोधन चालू था । 
२. जिनपर प्रयोग किए गए वे व्यक्ति कुछ आस्तिक तो कुछ नास्तिक तथा अलग अलग व्यावसायी क्षेत्रके थे ।
३. उनको कुछ समयतक विठ्ठलका नामस्मरण करने कहा गया । नामस्मरण करनेसे पूर्व एवं पश्चात उनका रक्तदाब, नाडीके स्पंदन, हृदयके स्पंदन, इसीजी, टू डी इको समान विविध परीक्षण किए गए । 
४. भक्ति, भाव तथा नामका मानवी शरीरपर एकत्रित परिणाम क्या होता है, यह देखनेके लिए ये परीक्षण किए गए ।
५. नामस्मरणके पश्चात रक्तदाब, हृदय एवं नाडीके स्पंदन ठोके संतुलित पाए गए । टू डी इकोके इंजेक्शन फ्रॅक्शन भी सकारात्मकतासे बढते हुए दिखाई दिए । 
६. विठ्ठलनामका जप करते हुए पैदल जानेवाले वारकरियोंको इतनी ऊर्जा कहांसे मिलती है ? इस प्रश्नसे संशोधनकी कल्पना सूझी । (ऐसी जिज्ञासा हिंदुद्रोहियोंमें नहीं होती ! वे केवल आलोचना करनेमें ही स्वयंको धन्य मानते हैं ! – संपादक, दैनिक सनातन प्रभात ) 
७. वरिष्ठ हृदयरोगतज्ञ डॉ. अविनाश इनामदार एवं डॉ. संजीवनी इनामदारके मार्गदर्शनमें संशोधन किए जानेवाले व्यक्तियोंके हृदयकी जांच की गई । 
८. भविष्यमें हृदयरोगपर इस जपका परिणाम होता है ? इसपर संशोधन किया जाएगा ।
९. स्वयंस्फूर्त होकर वेदोंके विज्ञानका संशोधन करना चाहिए । यदि इसके संदर्भमें हीन भावना छोडकर संशोधन किया गया, तो इन बातोंमें जो विज्ञान है, उसे सभी लोगोंतक पहुंचाया जा सकता है !

धर्मनिरपेक्ष नहीं धर्मसापेक्ष बनो

भगवान श्री कृष्ण ने कहा है कि --- "तुम धर्म के साथ रहो या धर्म के विरुद्ध रहो । अगर धर्म के साथ हो तो विजय है , अगर अधर्म के साथ हो तो पराजय है । किन्तु तुम बीच में नहीं रह सकते। अगर तुम निष्पक्ष हो तो इसका मतलब है , तुम धर्म के विरुद्ध हो। 

अर्थात धर्मनिरपेक्ष नहीं धर्मसापेक्ष
बनो । ॥ओ३म्॥

इस्लाम में जाति-व्यवस्था ... छुआ-छूत और आपसी घृणा

मुस्लिम एवं मनहूस सेकुलरों द्वारा अक्सर यह भ्रम फैलाया जाता है कि.... हमारे हिन्दू धर्म में बहुत ज्यादा जातिवाद है ..... जबकि, इस्लाम में समानता की भावना है....!
इतना ही नहीं.... गद्दार सेकुलरों के मुंह से ऐसी बातें सुनकर.... आज तक मुस्लिमों ने अपने लुटेरे पूर्वजों के कुकर्मों को छुपाने के लिए अब एक नया तर्क यह देने लगे हैं कि.... हिन्दू धर्म में जातिवाद के कारण ही ..... बहुतायत में हिंदुओं ने इस्लाम स्वीकार कर लिया .... क्योंकि, इस्लाम जातिवाद से अछूता था .... और, इस्लाम में काफी भाई-चारा था...!
लेकिन.. हकीकत यह है कि..... इस्लाम में जाति-व्यवस्था ... छुआ-छूत और आपसी घृणा के हद तक मौजूद है...!
जैसा की सर्वविदित है कि..... इस्लाम मे शुरू से ही “शिया और सुन्नी” संप्रदाय ..... एक दूसरे की जान के दुश्मन हैं, यह लोग सालों-भर आपस में ही लड़ते-मरते रहते हैं ...!!
इसके अलावा.... इस्लाम में .... अहमदिया, सलफमानी, शेख, क़ाज़ी, मुहम्मदिया, पठान आदि भी जातियां हैं......... परन्तु हास्यास्पद है कि.... यह एक ही अल्लाह को मानते हुए भी ... वे एक मस्जिद में नमाज़ नहीं पढते ... और, सभी जातियों के लिए अलग अलग मस्जिदें होती हैं .!!
भारतीय मुसलमान भले कितना भी.... देश से गद्दारी कर ... वंदे-मातरम गाने से मना करे.... अथवा भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाने कि चेष्टा करता रहे..... लेकिन, उनकी स्थिति वैश्विक इस्लामिक समाज में .... एक कुत्ते से भी बदतर है..... और, सउदी अरब, अरब अमीरात, ओमान, कतर आदि अन्य अरब राष्ट्रों के मुस्लिम........ भारत, पाकिस्तान एवं बंगलादेशी मुस्लिमों को नीच मुसलमान मानते हें .....और, इनसे छुआछूत मानते हैं ।
यहाँ तक कि....सउदी अरब के ऑफिसो मे तो...... भारत और पाक के मुसलमानों के लिए पानी तक.... अलग रखा रखता है |
जहाँ तक बात रह गई शादी-ब्याह कि तो.... शेख अपने आपको सबसे उपर मानते हैं और वे किसी अन्य जाति में निकाह नहीं करते.
और तो और..... चूँकि इंडोनेशिया में अभी हाल के 100 वर्ष पूर्व अनेकों बौद्ध और हिंदू परिवर्तित होकर मुस्लिम बने थे.......इसी कारण सभी इस्लामिक राष्ट्र....इंडोनेशिया से घृणा की भावना रखते हैं..
भारतीय मुस्लिमों का तो हाल ये है कि..... क़ाज़ी मुस्लिम, ''भारतीय मुस्लिमों'' को मुस्लिम ही नहीं मानते... क्यूंकि, उन का मानना है के यह सब भी हिंदूधर्म से परिवर्तित हैं !
और, सिर्फ भारत ही क्यों..... अफ्रीका महाद्वीप के सभी इस्लामिक राष्ट्र जैसे मोरोक्को, मिस्र, अल्जीरिया, निजेर,लीबिया आदि राष्ट्रों के मुस्लिमों को ..... तुर्की के मुस्लिम सबसे निम्न मानते हैं ।
और, सोमालिया जैसे इस्लामिक राष्ट्रों में तो... अपने बुजुर्गों को ''जीवित'' समुद्र में बहाने की प्रथा चल रही है!
आप यह जानकर चकित ही हो जायेंगे कि.... भारत के ही बोहरा मुस्लिम किसी भी मस्जिद में नहीं जाते, क्योंकि...वो सिर्फ मज़ारों पे जाते हैं... क्योंकि..उनका विश्वास मात्र सूफियों पे है... अल्लाह पे नहीं !
अभी तक तो सिर्फ आपने इस्लामिक विभेद ही जाना है.....
अब जानिये .. इस्लाम के अंदर मौजूद जाति-प्रजाति ..... एवं छुआछूत को.....
दरअसल....मुस्लिमों में दो सामाजिक विभाग हैं-
१. अशरफ अथवा शरु ...और , २. अज़लफ।
अशरफ से तात्पर्य है..... 'कुलीन' .....और, शेष अन्य मुसलमान जिनमें व्यावसायिक वर्ग और निचली जातियों के मुसलमान शामिल हैं... उन्हें अज़लफ अर्थात् नीच अथवा निकृष्ट व्यक्ति माना जाता है.. और, उन्हें कमीना अथवा इतर कमीन या रासिल, जो रिजाल का भ्रष्ट रूप है, 'बेकार' कहा जाता है।
कुछ स्थानों पर एक तीसरा वर्ग 'अरज़ल' भी है, जिसमें आने वाले व्यक्ति सबसे नीच समझे जाते हैं।
और, उनके साथ कोई भी अन्य मुसलमान मिलेगा- जुलेगा नहीं और न ही उन्हें मस्जिद और सार्वजनिक कब्रिस्तानों में प्रवेश करने दिया जाता है।
१. 'अशरफ' अथवा उच्च वर्ग के मुसलमान ..... अपने नाम के साथ...... सैयद, शेख, पठान, मुगल, मलिक और मिर्ज़ा.... जैसे उपनाम लगाते हैं... !
२. 'अज़लफ' अथवा निम्न वर्ग के मुसलमान......
(A) इस्लाम के उस भाग में..... खेती करने वाले शेख और अन्य वे लोग आते हैं......जो मूलतः हिन्दू थे, किन्तु किसी बुद्धिजीवी वर्ग से सम्बन्धित नहीं थे... इसीलिए , जिन्हें अशरफ समुदाय, अर्थात् पिराली और ठकराई आदि में प्रवेश नहीं मिला है।
(B) दर्जी, जुलाहा, फकीर और रंगरेज।
(C) बाढ़ी, भटियारा, चिक, चूड़ीहार, दाई,धावा, धुनिया, गड्डी, कलाल, कसाई, कुला, कुंजरा,लहेरी, माहीफरोश, मल्लाह, नालिया, निकारी।
(D) अब्दाल, बाको, बेडिया, भाट, चंबा, डफाली, धोबी, हज्जाम, मुचो, नगारची, नट, पनवाड़िया, मदारिया, तुन्तिया।
३. जबकि.... ' अरजल' अथवा निकृष्ट वर्ग में..... भानार,हलालखोदर,हिजड़ा , कसंबी, लालबेगी, मोगता, मेहतर.... आदि आते हैं....!

अब आप खुद ही सोचें कि..... कि ... जहाँ मुस्लिम अल्लाह एक, एक कुरान, एक .... नबी और आपस में महान एकता बतलाते हैं ....
वहीँ .... शिया और सुन्नी .....सभी मुस्लिम देशों में एक दूसरे को मार रहे हैं ...और, अधिकांश मुस्लिम देशों में.... इन दो संप्रदायों के बीच हमेशा धार्मिक दंगा होता रहता है..!

और सिर्फ... इतना ही नहीं... शिया को.., सुन्नी मस्जिद में जाना मना है .
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इन दोनों को.. अहमदिया मस्जिद में नहीं जाना है.
और, ये तीनों...... सूफी मस्जिद में कभी नहीं जाएँगे.
फिर, इन चारों का मुजाहिद्दीन मस्जिद में प्रवेश वर्जित है..!
किसी बोहरा मस्जिद मे कोई दूसरा मुस्लिम नहीं जा सकता साथ ही....कोई बोहरा का किसी दूसरे के मस्जिद मे जाना वर्जित है ..
बात यहीं नहीं रुकती ... बल्कि. आगा खानी या चेलिया मुस्लिम का भी अपना अलग मस्जिद होता है .
ये इस्लामी जातिवाद का ही नतीजा है कि.....सबसे ज्यादा मुस्लिम किसी दूसरे देश मे नही बल्कि मुस्लिम देशो मे ही मारे गए है .. और, आज भी सीरिया मे करीब हर रोज एक हज़ार मुस्लिम हर
रोज मारे जा रहे है .

आपको तो याद ही होगा कि....अपने आपको इस्लाम जगत का हीरों बताने वाला सद्दाम हुसैन ने करीब एक लाख कुर्द मुसलमानों को रासायनिक बम से मार डाला था ...
और, आज भी पाकिस्तान मे हर महीने शिया और सुन्नी के बीच दंगे भड़कते है ।

"वास्तव में मुसलमान उस संतरे की तरह है , जो देखने में एक लगता है ,लेकिन उसके अन्दर फाकें ही फांकें है ....
और....मुसलामानो के कई फिरके ऐसे भी है जो एक दुसरे को फूटी आँखों से नहीं देखना चाहते है .

फिर भी हास्यास्पद तरीके से ..... सारे मूर्ख मुसलमान बस एक सपना देख रहे है कि .......जैसे -जैसे मुसलमान सूअरों की तरह जनसंखया बढ़ाते जायेगे .... वे और मजबूत होते चले जायेंगे ....

लेकिन यह मुसलमानों का केवल सपना ही है ......क्योकि, जैसे जैसे मुसलमान बढ़ेंगे उतने ही लड़ेंगे.....और, इनको परास्त करने में कोई देर नहीं लगेगी .....बस केवल प्रयास करने की,जरूरत है.....और उचित समय की देर है !

जय महाकाल...!!!

Disclaimer : यह लेख किसी भी समुदाय की धार्मिक भावना को ठेस पहुँचाने या उन्हें अपमानित करने के लिए नहीं लिखी गयी है.... फिर भी यदि किसी की धार्मिक भावना आहत होती है या उन्हें अपमान लगता है तो..... जो उखाड़ना है उखाड़ लो....!
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मुसलमानों से जुड़े भ्रम और उनका पर्दाफाश !
Myths about Muslims exposed !
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1. भ्रम: आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता । 
तथ्य: आतंकवाद का धर्म इस्लाम होता है । आतंकवादी मुसलमानों को जिन्दा छोड़ देते है और गैर-मुसलमानों को चुन चुन कर मारते है । जैसे केनिया और मुंबई का 26/11 का हमला ।

2. भ्रम: कोई धर्म आतंकवाद नहीं सिखाता ।
तथ्य: इस्लाम आतंकवाद की सीख देता है । कुरान सूरा 9, आयत 5 में स्पष्ट लिखा है की जो भी मुसलमान नहीं है उसे मार डालो । इस्लामी आतंकवादी यही कुरान का पालन कर रहे है ।

3. भ्रम: मुसलमान गरीब और अनपढ़ होने से आतंकवाद में लिप्त है ।
तथ्य: ओसामा (इंजिनियर), ओवैसी (वकील), अफजल गुरु (डॉक्टर), हाफिज सइद (प्रोफ़ेसर) जैसे ज्यादातर आतंकी संपन्न और उच्च शिक्षित है । हिंदू, बौद्ध, सीख, इसाई धर्म में भी करोडो लोग गरीब और अनपढ़ है । क्या वे जेहाद, जनसंख्या विस्फोट, दंगे, बम धमाके करते है ?

4. भ्रम: एक के कारण सभी मुसलमानों को दोष देना गलत है ।
तथ्य: 99% आतंकवादी मुसलमान हि होते है । बाकी मुसलमान आतंकियों की सिर्फ दिखावे के लिए निंदा करते है और कुरान, ओवैसी, झाकिर नाईक, अफजल गुरु का समर्थन करते है ।

5. भ्रम: मुसलमान भी सेक्युलर होते है ।
तथ्य: मुसलमान अल्पसंख्यक होने पर सेक्युलरिजम का दिखावा करते है, लेकिन बहुसंख्यक होने के बाद वे गैर-मुस्लिमो कों मौत के घाट उतार देते है । जैसे की कश्मीर, पाकिस्तान, बांग्लादेश, असम । विश्व के 56 मुस्लिम बहुल राष्ट्रों में से 1 भी देश 100% सेक्युलर नहीं !

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Sunday, 2 March 2014


कश्मीर स्थित शंकराचार्य हिल का फोटो। जिसका नाम बदल के तख़्त -ए-सुलेमान करने जा रही है, यह हिन्दू विरोधी कोंग्रेस सरकार।