Wednesday, 29 April 2020

संभलने की जरूरत है !!
1. चोटियां छोड़ी,
2. टोपी, पगड़ी छोड़ी,
3. तिलक, चंदन छोड़ा,
4. कुर्ता छोड़ा, धोती छोड़ी,
5. यज्ञोपवीत छोड़ा,
6. संध्या-वंदन छोड़ा,
7. रामायण पाठ, गीता पाठ छोड़ा,
8. महिलाओं, लड़कियों ने साड़ी छोड़ी, बिछियां छोड़े, चूड़ी छोड़ी, दुपट्टा, चुनरी छोड़ी, मांग बिन्दी छोड़ी,
9. पैसे के लिये, बच्चे छोड़े (आया पालती है)
10. संस्कृत छोड़ी, हिन्दी छोड़ी,
11. श्लोक छोड़े, लोरी छोड़ी,
12. बच्चों के सारे संस्कार (बचपन के) छोड़े,
13. सुबह शाम मिलने पर राम राम छोड़ी,
14. पांव लागूं, चरण स्पर्श, पैर छूना छोड़े,
15. घर परिवार छोड़े (अकेले सुख की चाह में संयुक्त परिवार)
अब कोई रीति या परंपरा बची है? ऊपर से नीचे तक गौर करो, तुम कहां पर हिन्दू हो? भारतीय हो? सनातनी हो? ब्राह्मण हो? क्षत्रिय हो? वैश्य हो? या कुछ और हो कहीं पर भी ऊंगली रखकर बता दो कि हमारी परंपरा को मैंने ऐसे जीवित रखा है? जिस तरह से हम धीरे धीरे बदल रहे हैं- जल्द ही समाप्त भी हो जाएंगे।
बौद्धों ने कभी सर मुंड़ाना नहीं छोड़ा!
सिक्खों ने भी सदैव पगड़ी का पालन किया!
मुसलमानों ने न दाढ़ी छोड़ी और न ही 5 बार नमाज पढ़ना!
ईसाई भी संडे को चर्च जरूर जाता है!
फिर हिन्दू अपनी पहचान-संस्कारों से क्यों दूर हुआ?
कहाँ लुप्त हो गयी- गुरुकुल की शिक्षा, यज्ञ, शस्त्र-शास्त्र, नित्य मंदिर जाने का संस्कार ?
हम अपने संस्कारों से विमुख हुए, इसी कारण हम विलुप्त हो रहे हैं।
अपनी पहचान बनाओ!
अपने मूल-संस्कारों को अपनाओ!!!
मेरे पास आया और मैंने आगे भेजा। आप भी सभी हिन्दूओं को भेजे व अपने संस्कृति को बचाने में सहयोग करें.... धन्यवाद।

Saturday, 18 April 2020

श्री राम के दादा परदादा का नाम क्या था?
नहीं तो जानिये-
1 - ब्रह्मा जी से मरीचि हुए,
2 - मरीचि के पुत्र कश्यप हुए,
3 - कश्यप के पुत्र विवस्वान थे,
4 - विवस्वान के वैवस्वत मनु हुए.वैवस्वत मनु के समय जल प्रलय हुआ था,
5 - वैवस्वतमनु के दस पुत्रों में से एक का नाम इक्ष्वाकु था, इक्ष्वाकु ने अयोध्या को अपनी राजधानी बनाया और इस प्रकार इक्ष्वाकु कुलकी स्थापना की |
6 - इक्ष्वाकु के पुत्र कुक्षि हुए,
7 - कुक्षि के पुत्र का नाम विकुक्षि था,
8 - विकुक्षि के पुत्र बाण हुए,
9 - बाण के पुत्र अनरण्य हुए,
10- अनरण्य से पृथु हुए,
11- पृथु से त्रिशंकु का जन्म हुआ,
12- त्रिशंकु के पुत्र धुंधुमार हुए,
13- धुन्धुमार के पुत्र का नाम युवनाश्व था,
14- युवनाश्व के पुत्र मान्धाता हुए,
15- मान्धाता से सुसन्धि का जन्म हुआ,
16- सुसन्धि के दो पुत्र हुए- ध्रुवसन्धि एवं प्रसेनजित,
17- ध्रुवसन्धि के पुत्र भरत हुए,
18- भरत के पुत्र असित हुए,
19- असित के पुत्र सगर हुए,
20- सगर के पुत्र का नाम असमंज था,
21- असमंज के पुत्र अंशुमान हुए,
22- अंशुमान के पुत्र दिलीप हुए,
23- दिलीप के पुत्र भगीरथ हुए, भागीरथ ने ही गंगा को पृथ्वी पर उतारा था.भागीरथ के पुत्र ककुत्स्थ थे |
24- ककुत्स्थ के पुत्र रघु हुए, रघु के अत्यंत तेजस्वी और पराक्रमी नरेश होने के कारण उनके बाद इस वंश का नाम रघुवंश हो गया, तब से श्री राम के कुल को रघु कुल भी कहा जाता है |
25- रघु के पुत्र प्रवृद्ध हुए,
26- प्रवृद्ध के पुत्र शंखण थे,
27- शंखण के पुत्र सुदर्शन हुए,
28- सुदर्शन के पुत्र का नाम अग्निवर्ण था,
29- अग्निवर्ण के पुत्र शीघ्रग हुए,
30- शीघ्रग के पुत्र मरु हुए,
31- मरु के पुत्र प्रशुश्रुक थे,
32- प्रशुश्रुक के पुत्र अम्बरीष हुए,
33- अम्बरीष के पुत्र का नाम नहुष था,
34- नहुष के पुत्र ययाति हुए,
35- ययाति के पुत्र नाभाग हुए,
36- नाभाग के पुत्र का नाम अज था,
37- अज के पुत्र दशरथ हुए,
38- दशरथ के चार पुत्र राम, भरत, लक्ष्मण तथा शत्रुघ्न हुए |
इस प्रकार ब्रह्मा की उन्चालिसवी (39) पीढ़ी में श्रीराम का जन्म हुआ | शेयर करे ताकि हर हिंदू इस जानकारी को जाने..।
यह जानकारी महीनों के परिश्रम केबाद आपके सम्मुख प्रस्तुत है ।
🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻

Tuesday, 17 March 2020



मृत्यु का रहस्य
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*किरलियान फोटोग्राफी ने मनुष्‍य के सामने कुछ वैज्ञानिक तथ्‍य उजागर किये हैं। किरलियान ने मरते हुए आदमी के फोटो लिए, उसके शरीर से ऊर्जा के छल्‍ले बाहर लगातार विसर्जित हो रहे थे, और वो मरने के तीन दिन बाद तक भी होते रहे। मरने के तीन दिन बाद जिसे हिन्‍दू तीसरा मनाता है।*
*अब तो वह जलाने के बाद औपचारिक तौर पर उसकी हड्डियाँ उठाना ही तीसरा हो गया। यानि अभी जिसे हम मरा समझते हैं वो मरा नहीं है। आज नहीं कल वैज्ञानिक कहते हैं तीन दिन बाद भी मनुष्‍य को जीवित कर सकेगें।*
*और एक मजेदार घटना किरलियान के फोटो में देखने को मिली। की जब आप क्रोध की अवस्‍था में होते हो तो तब वह ऊर्जा के छल्‍ले आपके शरीर से निकल रहे होते हैं। यानि क्रोध भी एक छोटी मृत्‍यु तुल्‍य है।*
*एक बात और किरलियान ने अपनी फोटो से सिद्ध की कि मरने से ठीक छह महीने पहले ऊर्जा के छल्‍ले मनुष्‍य के शरीर से निकलने लग जाते हैं। यानि मरने की प्रक्रिया छ: माह पहले शुरू हो जाती है, जैसे मनुष्‍य का शरीर मां के पेट में नौ महीने विकसित होने में लेता है वैसे ही उसे मिटने के लिए छ: माह का समय चाहिए। फिर तो दुर्घटना जैसी कोई चीज के लिए कोई स्‍थान नहीं रह जाता, हां घटना के लिए जरूर स्‍थान है।*
*भारत में हजारों साल से योगी मरने के छ:माह पहले अपनी तिथि बता देते थे।*
*ये छ: माह कोई संयोगिक बात नहीं है। इस में जरूर कोई रहस्‍य होना चाहिए। कुछ और तथ्‍य किरलियान ने मनुष्‍य के जीवन के सामने रखे, एक फोटो में उसने दिखाया है, छ: महीने पहले जब उसने जिस मनुष्‍य को फोटो लिया तो उसके दायें हाथ में ऊर्जा प्रवाहित नहीं हो रही थी। यानि दाया हाथ उर्जा को नहीं दर्शा रहा था। जबकि बांया हाथ ठीक ठाक था, पर ठीक छ: माह बाद अचानक एक ऐक्सिडेन्ट के कारण उस आदमी का वह हाथ काटना पड़ा।*
*यानि हाथ की ऊर्जा छ: माह पहले ही अपना स्‍थान छोड़ चुकी थी।*
*भारतीय योग तो हजारों साल से कहता आया है कि मनुष्‍य के स्थूल शरीर में कोई भी बिमारी आने से पहले आपके सूक्ष्‍म शरीर में छ: माह पहले आ जाती है। यानि छ: माह पहले अगर सूक्ष्म शरीर पर ही उसका इलाज कर दिया जाये तो बहुत सी बिमारियों पर विजय पाई जा सकती है।*
*इसी प्रकार भारतीय योग कहता है कि मृत्‍यु की घटना भी अचानक नहीं घटती वह भी शरीर पर छ: माह पहले से तैयारी शुरू कर देती है। पर इस बात का एहसास हम क्‍यों नहीं होता।*
*पहली बात तो मनुष्‍य मृत्‍यु के नाम से इतना भयभीत है कि वह इसका नाम लेने से भी डरता है। दूसरा वह भौतिक वस्तुओं के साथ रहते-रहते इतना संवेदन हीन हो गया है कि उसने लगभग अपनी अतीन्द्रिय शक्‍तियों से नाता तोड़ लिया है। वरन और कोई कारण नहीं है।*
*पृथ्‍वी का श्रेष्‍ठ प्राणी इतना दीन हीन। पशु पक्षी भी अतीन्द्रिय ज्ञान में उससे कहीं आगे है।*
*साइबेरिया में आज भी कुछ ऐसे पक्षी हैं जो बर्फ गिरने के ठीक 14 दिन पहले वहां से उड़ जाते हैं। न एक दिन पहले न एक दिन बाद।*
*जापान में आज भी ऐसी चिड़िया पाई जाती है जो भुकम्‍प के12 घन्‍टे पहले वहाँ से गायब हो जाती है।*
*और भी न जाने कितने पशु-पक्षी हैं जो अपनी अतीन्द्रिय शक्‍ति के कारण ही आज जीवित हैं।*
*भारत में हजारों योगी मरने की तिथि पहले ही घोषित कर देते हैं। अभी ताजा घटना विनोबा भावे जी की है। जिन्‍होंने महीनों पहले कह दिया था कि में शरद पूर्णिमा के दिन अपनी देह का त्‍याग करूंगा।*
*ठीक महाभारत काल में भी भीष्‍म पितामह ने भी अपने देह त्‍याग के लिए दिन चुना था। कुछ तो हमारे स्थूल शरीर के उपर ऐसा घटता है, जिससे योगी जान जाते हैं कि अब हमारी मृत्‍यु का दिन करीब आ गया है।*
*आम आदमी उस बदलाव को क्‍यों नहीं कर पाता। क्‍योंकि वह अपने दैनिक कार्यो के प्रति सोया हुआ है। योगी थोड़ा सजग हुआ है। वह जागने का प्रयोग कर रहा है। इसी से उस परिर्वतन को वह देख पाता है महसूस कर पाता है।*
*एक उदाहरण। जब आप रात को बिस्तर पर सोने के लिए जाते है। सोने ओर निंद्रा के बीच में एक संध्या काल आता है, एक न्यूटल गीयर, पर वह पल के हज़ारवें हिस्‍से के समान होता है। उसे देखने के लिए बहुत होश चाहिए। आपको पता ही नहीं चल पाता कि कब तक जागे ओर कब नींद में चले गये। पर योगी सालों तक उस पर मेहनत करता है। जब वह उस संध्‍या काल की अवस्था से परिचित हो जाता है। मरने के ठीक छ: महीने पहले मनुष्‍य के चित्त की वही अवस्‍था सारे दिन के लिए हो जाती है। तब योगी समझ जाता है अब मेरी बड़ी संध्‍या का समय आ गया। पर पहले उस छोटी संध्‍या के प्रति सजग होना पड़ेगा। तब महासंध्या के प्रति आप जान पायेंगे।*
*और हमारे पूरे शरीर का स्नायु तंत्र प्राण ऊर्जा का वर्तुल उल्‍टा कर देता है। यानि आप साँसे तो लेंगे पर उसमें प्राण तत्‍व नहीं ले रहे होगें। शरीर प्राण तत्‍व छोड़ना शुरू कर देता है। ध्यान में बैठिए व सजग हो जाइए।*

Friday, 7 February 2020

पृथ्वी के सतह के नीचे मौजूद है यह खुफिया 8 वा महाद्वीप ! जाने विस्तार में इस लेख के अंदर

आपका दिमाग


दिमाग से जुड़ी कुछ गुप्त व मजेदार तथ्य – Brain Facts In Hindi :-

चलिए अब लेख के इस भाग में दिमाग से जुड़ी कुछ मजेदार तथ्यों (brain facts in hindi) को जानते हैं |
1. शरीर का सबसे मोटा अंग है दिमाग ! :-

आपको जानकर हैरानी होगा की हमारे शरीर का सबसे मोटा अंग दिमाग ही हैं| मित्रों! दिमाग का 60% हिस्सा चर्बी से भरी हुई होती हैं | इसलिए इसका वजन इसके आकार के हिसाब से ज्यादा हैं और मोटा भी हैं | वैसे अधिक जानकारी के लिए बता दूँ की, औसतन इंसानी दिमाग का वजन 3 पाउंड तक होता हैं |
2. बिजली भी उत्पन्न हो सकती है इसमें ! :-

वैसे तो बिजली लगने से इंसानी शरीर की हालत क्या होती हैं, यह तो आप लोगों को पता ही होगा | परंतु क्या आप जानते हैं, इंसानी दिमाग के अंदर बिजली में बनती हैं | वैज्ञानिकों का कहना है की एक औसतन आकार के इंसानी के अंदर लगभग 23 वॉट तक बिजली बन सकती हैं |
3. आकार में छोटा हो कर भी सबसे ज्यादा ऑक्सिजन की खपत करता है हमारा दिमाग :-

भले ही हमारा दिमाग (brain facts in hindi) शरीर का सबसे मोटा अंग क्यों न हो, परंतु इसके आकार के मुक़ाबले हमारे शरीर के अंदर अन्य कई सारे बड़े-बड़े अंग मौजूद हैं | परंतु रोचक बात तो यह है की, आकार में छोटा होने के बावजूद यह हमारे शरीर में उत्पन्न होनी वाली कुल ऑक्सिजन की मात्रा से लगभग 20% ऑक्सिजन खुद इस्तेमाल कर लेता हैं |तेजी से भावनाओं का होने वाला परिवहन | Credit: Science abc.

क्योंकि दिमाग ही वह अंग है, जो की पूरे शरीर में होने वाले प्रतिक्रियाओं को नियंत्रित करता हैं और इसी लिए इसे हमेशा ऑक्सिजन की जरूरत पड़ती ही पड़ती हैं |
4. खून और दिमाग का एक अनूठा रिश्ता :-

वैसे तो अगर किसी भी अंग के अंदर खून जाना बंद हो जाए तो, वह अंग काम करना बंद कर देता हैं परंतु ऐसा होने के लिए भी कुछ समय अवश्य ही लगता हैं | खैर मेँ बता दूँ की अगर दिमाग के पास खून जाना कुछ सेकंड (7-8 सेकंड) के लिए भी बंद हो जाता हैं, तो दिमाग काम करना ही बंद कर देगा |
5. इतनी लंबी कोशिका मौजूद हैं आपके दिमाग के अंदर :-

एक इंसानी दिमाग के अंदर मौजूद कोशिकाओं की कुल लंबाई लगभग 1 लाख 60 हजार किलोमीटर तक हैं |
6. इतनी देरी में होती है दिमाग की मौत :-

अगर किसी कारण वश दिमाग तक 6 से 8 मिनट तक ऑक्सिजन जाना बंद हो जाता हैं, तो आपका दिमाग खुद व खुद मौत के कगार पर पहुँच जाता हैं |
7. शिशुओं का दिमाग इतने तेजी से विकसित होता हैं ! :-

मित्रों! दिमाग के ऊपर (brain facts in hindi) आधारित इस लेख में अभी जिस बात को मेँ आप लोगों के सामने रखने जा रहा हूँ, यह बात बहुत ही दिलचस्प और अंजान हैं | इसे सुनने के बाद आप खुद के कानों पर विश्वास ही नहीं कर पाएंगे क्योंकि बात ही कुछ इतनी अनोखी हैं |

शिशुओं के अंदर हर एक मिनट के अंदर लगभग 2,50,000 न्यूरन बनते ही रहते हैं और यह भी नियमित रूप से | इसलिए तो इतने तेजी से बढ्ने के कारण वयस्क होते-होते हमारे दिमाग के अंदर करीब-करीब 1 अरब से भी ज्यादा न्यूरन मौजूद रहते हैं | वैसे अधिक जानकारी के लिए बता दूँ की न्यूरन सेल वास्तविक में हमारे शरीर के स्नायु तंत्र का इकाई हैं और इसी के द्वारा दिमाग अलग-अलग स्थानों पर मौजूद अंगों को नियंत्रित कर सकता हैं |
8. बुढ़ापे में कोई चीज़ इसलिए याद नहीं रहती हैं :-

इंसानी दिमाग एक तरह से भावनाओं और स्मृतिओं को संग्रह करने का जगह हैं | तो, पूरे जीवन काल में हम लोग अनेक प्रकार के स्मृतिओं को दिमाग के अंदर संगृहीत करके रखते हैं, जिससे इन स्मृतिओं की भरमार हमारे दिमाग के अंदर हो जाती हैं |

भारी तादाद में स्मृतिओं की उपस्थिति दिमाग के कार्य क्षमता को चुनौती देती हैं और बूढ़े होने के कारण हमारा दिमाग इस चुनौती को संभाल नहीं पाता | इसी कारण से हम बुढ़ापे के दौरान कई सारे चीज़ें भूलते ही रहते हैं |
9. शराब पीने से दिमाग के ऊपर यह अजीब असर पड़ता हैं :-

अकसर आपने शराब पिए लोगों को देखा होगा की, वे शराब के नशे में कोई भी चीज़ याद रखने में सक्षम नहीं रहते हैं | परंतु क्या वाकई में शराब का नशा ही उन्हें चीज़ें भूलने को मजबूर करता हैं या कोई दूसरा कारण हैं इसके पीछे ! एक अध्ययन से पता चला है की, जब एक इंसान शराब पिता है तो उसका दिमाग कोई भी घटना को याद रखने के हालत में नहीं रहता हैं और इसी कारण से शराबी को कुछ भी चीज़ याद नहीं रहता हैं |
10. एक सेकंड में दिमाग 100,000,00,000,000,000,000,000,000,000,000,000,000,000,000 भावनाओं को नियंत्रित करता हैं ! :-

ऊपर दिया गया शीर्षक पूर्ण रूप से सत्य हैं | हमारा दिमाग हमारे सोच के परे से भी ज्यादा बलवान हैं | कहने का तात्पर्य हैं की एक सेकंड के अंदर हमारे दिमाग के अंदर 10^39 भावनाएं आती हैं और इसे दिमाग बड़ी ही आसानी से नियंत्रित कर सकता हैं | वैसे ऐसे देखा जाए तो हर किसी का दिमाग किसी सुपर कम्प्युटर से कम नहीं हैं |
11.इतने तेजी से आपके दिमाग के अंदर भावनाओं का होता हैं आदान-प्रदान, सुनकर उड जाएंगे होश ! :-

हमारे दिमाग के अंदर भावनाओं का आदान-प्रदान की प्रक्रिया बहुत ही तेजी से होता हैं | वैज्ञानिकों का कहना है की, सबसे धीमी गति से होने वाला भावनाओं के आदान-प्रदान की प्रक्रिया 418 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से होता हैं | तो, आप अंदाजा लगा सकते है की इससे तेज होने वाले प्रक्रियाओं का रफ्तार कितना होता होगा |
12. हवाई यात्रा करने से हो सकता है याददाश्त कमजोर ! हो जाइए सावधान :-

ज़्यादातर लंबी दूरी की हवाई यात्रा के बाद लोगों को जेट लेग (Jet Lag) की समस्या होती हैं | हाल ही में कुछ वैज्ञानिकों ने कहा है की अत्यधिक जेट लेग के कारण दिमाग के याददाश्त के ऊपर बुरा असर पड़ता हैं |
13. दिमाग की सर्जरी में दर्द नहीं होता हैं :-

आपने अगर देखा होगा तो अवश्य ही पता होगा की किसी भी सर्जरी के पहले (गंभीर सर्जरी) रोगी को किसी निष्चेतक दे कर सुलाया जाता हैं | इसके बाद जब बेहोशी के अवस्था में रहता है, तब उसके शरीर में उस सर्जरी को अंजाम दिया जाता हैं | मित्रों! ऐसा करने से रोगी को सर्जरी के वक़्त ज्यादा डर व दर्द नहीं होता हैं |

परंतु क्या आप जानते हैं ! दिमाग के सर्जरी के वक़्त रोगी होश में रहता हैं और वह सर्जरी के वक़्त किसी प्रकार का दर्द भी महसूस नहीं करता हैं | वैसे इसके लिए कुछ औषिधिओं का अवश्य ही इस्तेमाल किया जाता होगा, जिससे रोगी दर्द को कम अनुभव करें | खैर इसके बारे में आपका क्या ख्याल हैं दोस्तों ? जरूर बताइएगा |
14. अमेरिकी टेलीफोन नंबर और दिमाग का याददाश्त :-

अब इस तथ्य को जानकर आपको थोड़ा अटपटा अवश्य ही लगेगा, क्योंकि यह बात ही कुछ ऐसा हैं | खैर सुनिए हमारा दिमाग जल्द से जल्द 7 अंकों से बनी संख्याओं को आसानी से याद रख सकता हैं | इसलिए अमेरिकी टेलीफोन नंबर ज़्यादातर 7 अंकों से बने नंबर होते हैं | इस तथ्य को अमेरिकी वैज्ञानिकों ने भी सम्मति दिया हैं |
15. आपका दिमाग एक समय में एक ही काम कर सकता हैं :-

ज़्यादातर लोगों को लगता है की, उनका दिमाग (brain facts in hindi) एक समय में एक से अधिक काम करने में सक्षम हैं | परंतु ऐसा नहीं हैं , आपका दिमाग एक समय के अंदर दो काम कर ही नहीं सकता हैं और अगर आप इसे एक ही समय में दो काम करवाएं तो यह उन दो कामों को अदल-बदल करते हुए उसी समय के अंदर ही करेगा |
16. संगीत सीखने से हो सकता हैं आपका दिमाग तेज :-

हाल ही के एक अध्ययन से यह पता चला है की, संगीत सीखने आपके दिमाग के अंदर मौजूद न्यूरन एक्टिव होते हैं | तो अगर आप भी आपने दिमाग को तेज करना चाहते हैं तो संगीत सीखना आपके लिए एक विकल्प बन सकता हैं | इसके अलावा में बता दूँ की, इससे दिमाग की याददाश्त भी मजबूत होता हैं |
17. किसी भी चीज़ को याद करने से होता हैं यह फायदा :-

वैज्ञानिक कहते है की, अगर हम किसी चीज़ को बहुत दिनों के बाद याद करने की कोशिश करते हैं तो हमारा दिमाग अतीत में संगृहीत स्मृतिओं को फिर से एक बार खंगालता हैं |इसी दबे हुए पुरानी स्मृतिओं को खंगालने की प्रक्रिया को ही “रचनात्मकता” कहते हैं | इससे दिमाग स्वस्थ रहता हैं |
18. क्या आप रंगों को सुन और शब्दों को सूंघ सकते हैं ! :-इंसानी दिमाग और सुपर कम्प्युटर | Credit: Medium.

अब आप यहाँ पर बोलेंगे की मेँ क्या मज़ाक कर रहा हूँ, आखिर कैसे कोई रंगों को सुन और शब्दों को सूंघ सकता हैं ? परंतु दोस्तों पृथ्वी में ऐसे भी कई सारे लोग हैं जो की रंगों को सुन और शब्दों को सूंघ सकते हैं | वैसे एक प्रकार से यह एक बीमारी हैं जिसे “सिन्सेस्थ्सिया” कहा जाता हैं |
19. 25 लाख जीबी की स्टोरज मौजूद हैं आपके दिमाग के अंदर :-

आज के समय में हर कोई स्मार्ट-फोन इस्तेमाल करता हैं जिसके अंदर एक निर्धारित स्टोरेज की केपेसिटी दी गई होती हैं | वैसे अब तक के फोन में सबसे अधिक 256 जीबी की स्टोरेज केपेसिटी मौजूद हैं | परंतु क्या आप जानते है हमारे दिमाग के अंदर कितनी जीबी की स्टोरेज केपेसिटी मौजूद हैं ?

हमारे दिमाग के अंदर लगभग 25 लाख जीबी स्टोरेज की केपेसिटी मौजूद हैं | तो आप जितना चाहें उतने स्मृतियाँ और यादें इसके अंदर संग्रह करके रख सकते हैं |
20. शोर मचाने से होता है दिमाग विकसित :-

लोगों को कहा जाता है की, धीरे और भद्र तरीके से बात करने से दिमाग शांत रहता हैं | परंतु एक अध्ययन इस बात को खंडन कर रहा हैं | यह अध्ययन कहता है की, अगर आप किसी पुस्तक को बहुत ही उंचें आवाज में पढ़ेंगे तो आपका दिमाग इससे काफी ज्यादा विकसित हो सकता हैं | वाकई में दिमाग से जुडा यह तथ्य (brain facts in hindi) बहुत ही अजीब हैं |
21. पसीना बहने से हो सकता है दिमाग का यह अवस्था :-

अगर लगातार एक घंटे आपके शरीर से पसीना निकलता रहेगा तो आपका दिमाग कुछ हद तक सिकुड़ जाएगा | प्राकृतिक रूप से यह सिकुड़न होने के लिए एक साल का समय लेता हैं |
22. 25 वर्ष में होता हैं यह खास बात :-

ज़्यादातर लोगों का मानना है की, 18 साल के बाद किसी भी इंसान का दिमाग परिपक्व हो जाता हैं, परंतु यह सच नहीं हैं | इंसानी दिमाग को पूर्ण रूप से परिपक्व होने के लिए लगभग 25 साल का वक़्त लगता हैं |
23. एक दिन में आपके दिमाग के अंदर इतने विचार आते हैं :-

एक वयस्क व्यक्ति के दिमाग के अंदर एक दिन के अंदर लगभग 50,000 विचार आते हैं | खैर यहाँ पर गौर करने वाली बात यह है की, भावनाओं की संख्या विचारों के संख्या से ज्यादा ही होता हैं |
24. 1 मिनट के अंदर 1 लिटर खून आपके दिमाग में पहुंचता हैं :-

दिमाग के अंदर हर एक मिनट में करीब-करीब 1 लीटर तक खून पहुँच सकती हैं | इतने तेजी से इतना खून इस अंग के लिए काफी ज्यादा हैं |
25. पुरुषों का दिमाग़ महिलाओं के दिमाग से होता हैं इतना बड़ा :-

अगर हम औसतन पुरुषों के दिमाग के आकार को महिलाओं के दिमाग के आकार से तुलना करें तो पता चलेगा की यह 10% बड़ा हैं | इसके पीछे की वजह पुरुषों की शरीर का आकार में बड़ा होना हैं |
26. आइन्सटाइन के दिमाग से जुड़ा एक अजब सा तथ्य :-

पृथ्वी के सबसे बुद्धिमान लोगों की सूची में आइन्सटाइन जी का नाम सबसे ऊपर हैं | परंतु आपको जानकर हैरानी होगा की इनका दिमाग औसतन दिमाग के आकार से छोटा था | इनका दिमाग करीब-करीब 1,230 ग्राम का था जो की साधारण दिमाग के वजन (1,400 ग्राम) से काफी छोटा हैं |स्मार्ट फोन के इस्तेमाल से हो सकते हैं मानसिक बीमारियां | Credit: Arenterio.
27. चिंता करने से हो सकता हैं आपका दिमाग खराब ! :-

सर्वे से पता चलता है की, ज्यादा चिंता करने से हमारा दिमाग अत्यधिक दबाव के चलते धीरे-धीरे अपना कार्य क्षमता खो देता हैं |
28. वयस्क व्यक्तियों से बच्चों का दिमाग होता हैं ज्यादा तेज :-

बच्चों का दिमाग (brain facts in hindi) 18 से 34 साल तक के वयस्कों के दिमाग से काफी तेज होता हैं | इसलिए तो बच्चे एक चीज़ को वयस्कों से ज्यादा देर तक याद रख सकते हैं |
29. दिमाग की कोशिका खुद को भी खा सकती हैं :-

ज़्यादातर यह तथ्य लोगों को नहीं पता होगा, क्योंकि इसके बारे में बहुत ही कम लोग जानते हैं | खैर सुनिए जब भी आपके शरीर को सही वक़्त पर उसका खाना नहीं मिल पता हैं तब यह आपने कोशिकाओं को ही खाना शुरू कर देता हैं | इससे बहुत ही तेजी से दिमाग (brain facts in hindi) की कार्य क्षमता काम हो जाती हैं |

तो, आप हर समय सही समय पर अपना खाना खाना न भूलें |
30. मोबाइल फोन का दिमाग पर पड़ता है बहुत ही बुरा प्रभाव :-

हमारे दिमाग के अंदर 140 प्रोटीन के प्रकार ऐसे हैं जो की विद्युत-चुंबकीय क्षेत्रों से काफी ज्यादा प्रभावित होती हैं | वैज्ञानिकों का कहना है की, इन क्षेत्रों के चलते विचारों तथा दिमाग के अंदर भावनाओं का आदान-प्रदान सही से नहीं हो पाता हैं | इसके वजन से लोगों को कई तरीके के मानसिक बीमारी भी हो सकती हैं |
31. बहुत ही नाजुक होता हैं दिमाग :-

बहुत सारे जटिल प्रक्रियाओं को नियमित रूप से अंजाम देने वाला हमारा दिमाग, वास्तव में बहुत ही नाजुक होता हैं | वैसे देखा जाए तो शरीर के अंदर होने के वजह से इसे इतना फर्क नहीं पड़ता, परंतु फिर भी जान लीजिए की न्यूरन कोशिका बाकी कोशिकाओं के तुलना में काफी ज्यादा नाजुक होती हैं |

इसलिए सर्जरी के वक़्त इनका बड़े ही सावधानी से देखभाल किया जाता हैं |
32. हर किसी का दिमाग बहुत ही अनोखा होता हैं :-

आपने अगर फिंगर प्रिंट का नाम सुना होगा तो पता ही होगा की हर एक व्यक्ति का फिंगर प्रिंट बहुत ही खास और अलग व अनोखा होता हैं | वैसे ठीक इसी तरह हर एक व्यक्ति का दिमाग भी अनोखा व अलग होता हैं।
33. दिमाग के अंदर कभी भी दर्द नहीं होता :-

आपको जानकर हैरानी होगी की दिमाग के अंदर किसी प्रकार का भी “पेन रिसेप्टर” (Pain Receptor) नहीं होता है, इसलिए दिमाग को दर्द के बारे में कुछ पता ही नहीं होता हैं , हालांकि अन्य अंगों तक दर्द का अनुभव दिमाग ही पहुंचाता है।
34. दिमाग जिंदगी भर अपना आकार बदलता रहता हैं :-

दिमाग की लचीले पन के कारण यह अपना आकार जिंदगी भर बदल सकता है।
35. अपने को बचा कर रखने के लिए दिमाग इस लिकुइड को अपने अंदर बनाता हैं :-

सेरेब्राल फ्लुइड नाम के इस लिकुइड को दिमाग अपने अंदर बनाता हैं | इस लिकुइड से दिमाग संक्रमण और बाहरी झटके से सुरक्षित रहता है।
36. हर एक अक्षर को नहीं परंतु शब्दों को पड़ता हैं हमारा दिमाग ! :-

Thursday, 23 January 2020

आइए फ़िर से_ चलें *प्रकृति की ओर...*

सोनाली बेंद्रे - कैंसर
अजय देवगन - लिट्राल अपिकोंडिलितिस
(कंधे की गंभीर बीमारी)
इरफान खान - कैंसर
मनीषा कोइराला - कैंसर
युवराज सिंह - कैंसर
सैफ अली खान - हृदय घात
रितिक रोशन - ब्रेन क्लोट
अनुराग बासु - खून का कैंसर
मुमताज - ब्रेस्ट कैंसर
शाहरुख खान - 8 सर्जरी
(घुटना, कोहनी, कंधा आदि)
ताहिरा कश्यप (आयुष्मान खुराना की पत्नी) - कैंसर
राकेश रोशन - गले का कैंसर
लीसा राय - कैंसर
राजेश खन्ना - कैंसर,
विनोद खन्ना - कैंसर
नरगिस - कैंसर
फिरोज खान - कैंसर
टोम अल्टर - कैंसर...
ये वो लोग हैं या थे-
जिनके पास पैसे की कोई कमी नहीं है/थी!
खाना हमेशा डाइटीशियन की सलाह से खाते है।
दूध भी ऐसी गाय या भैंस का पीते हैं
जो AC में रहती है और बिसलेरी का पानी पीती है।
जिम भी जाते है।
रेगुलर शरीर के सारे टेस्ट करवाते है।
सबके पास अपने हाई क्वालिफाइड डॉक्टर है।
अब सवाल उठता है कि आखिर
अपने शरीर की इतनी देखभाल के बावजूद भी इन्हें इतनी गंभीर बीमारी अचानक कैसे हो गई।
क्योंकि ये प्राक्रतिक चीजों का इस्तेमाल
बहुत कम करते है।
या मान लो बिल्कुल भी नहीं करते।
जैसा हमें प्रकृति ने दिया है ,
उसे उसी रूप में ग्रहण करो वो कभी नुकसान नहीं देगा।
कितनी भी फ्रूटी पी लो ,
वो शरीर को आम के गुण नहीं दे सकती।
अगर हम इस धरती को प्रदूषित ना करते
तो धरती से निकला पानी बोतल बन्द पानी से
लाख गुण अच्छा था।
आप एक बच्चे को जन्म से ऐसे स्थान पर रखिए
जहां एक भी कीटाणु ना हो।
बड़ा होने से बाद उसे सामान्य जगह पर रहने के लिए छोड़ दो,
वो बच्चा एक सामान्य सा बुखार भी नहीं झेल पाएगा!
क्योंकि उसके शरीर का तंत्रिका तंत्र कीटाणुओ से लड़ने के लिए विकसित ही नही हो पाया।
कंपनियों ने लोगो को इतना डरा रखा है,
मानो एक दिन साबुन से नहीं नहाओगे तो तुम्हे कीटाणु घेर लेंगे और शाम तक पक्का मर जाओगे।
समझ नहीं आता हम कहां जी रहे है।
एक दूसरे से हाथ मिलाने के बाद लोग
सेनिटाइजर लगाते हुए देखते हैं हम।
इंसान सोच रहा है- पैसों के दम पर हम जिंदगी जियेंगे।
आपने कभी गौर किया है--
पिज़्ज़ा बर्गर वाले शहर के लोगों की
एक बुखार में धरती घूमने लगती है।
और वहीं दूध दही छाछ के शौकीन
गांव के बुजुर्ग लोगों का वही बुखार बिना दवाई के ठीक हो जाता है।
क्योंकि उनकी डॉक्टर प्रकृति है।
क्योंकि वे पहले से ही सादा खाना खाते आए है।
प्राकृतिक चीजों को अपनाओ!
विज्ञान के द्वारा लैब में तैयार
हर एक वस्तु शरीर के लिए नुकसानदायक है!
पैसे से कभी भी स्वास्थ्य और खुशियां नहीं मिलती।।
आइए फ़िर से_ चलें
*प्रकृति की ओर...* 🙏🏻

Monday, 16 September 2019

रामचरित मानस के कुछ रोचक तथ्य🏹
1:~लंका में राम जी = 111 दिन रहे।
2:~लंका में सीताजी = 435 दिन रहीं।
3:~मानस में श्लोक संख्या = 27 है।
4:~मानस में चोपाई संख्या = 4608 है।
5:~मानस में दोहा संख्या = 1074 है।
6:~मानस में सोरठा संख्या = 207 है।
7:~मानस में छन्द संख्या = 86 है।
8:~सुग्रीव में बल था = 10000 हाथियों का।
9:~सीता रानी बनीं = 33वर्ष की उम्र में।
10. मानस रचना के समय तुलसीदास जी की उम्र 77 वर्ष
11. पुष्पक विमान की चाल = 400 मील/घण्टा थी।
12.रामादल व रावण दल का युद्ध 87 दिन चला।
13:~राम रावण युद्ध = 32 दिन चला।
14:~सेतु निर्माण 5 दिन में हुआ।
15:~नलनील के पिता विश्वकर्मा जी हैं।
16:~त्रिजटा के पिता विभीषण हैं।
17:विश्वामित्र जी राम जी को 10 दिन के लिए लेकर गए
18:~राम ने रावण को सबसे पहले मारा था 6 वर्ष की उम्र में।
19:~रावण को जिन्दा किया सुखेन बेद ने नाभि में अमृत रखकर।
श्री राम के दादा परदादा का नाम क्या था?
1 - ब्रह्मा जी से मरीचि हुए,
2 - मरीचि के पुत्र कश्यप हुए,
3 - कश्यप के पुत्र विवस्वान थे,
4 - विवस्वान के वैवस्वत मनु हुए.वैवस्वत मनु के समय जल प्रलय हुआ था,
5 - वैवस्वतमनु के दस पुत्रों में से एक का नाम इक्ष्वाकु था, इक्ष्वाकु ने अयोध्या को अपनी राजधानी बनाया और इस प्रकार इक्ष्वाकु कुलकी स्थापना की |
6 - इक्ष्वाकु के पुत्र कुक्षि हुए,
7 - कुक्षि के पुत्र का नाम विकुक्षि था,
8 - विकुक्षि के पुत्र बाण हुए,
9 - बाण के पुत्र अनरण्य हुए,
10- अनरण्य से पृथु हुए,
11- पृथु से त्रिशंकु का जन्म हुआ,
12- त्रिशंकु के पुत्र धुंधुमार हुए,
13- धुन्धुमार के पुत्र का नाम युवनाश्व था,
14- युवनाश्व के पुत्र मान्धाता हुए,
15- मान्धाता से सुसन्धि का जन्म हुआ,
16- सुसन्धि के दो पुत्र हुए- ध्रुवसन्धि एवं प्रसेनजित,
17- ध्रुवसन्धि के पुत्र भरत हुए,
18- भरत के पुत्र असित हुए,
19- असित के पुत्र सगर हुए,
20- सगर के पुत्र का नाम असमंज था,
21- असमंज के पुत्र अंशुमान हुए,
22- अंशुमान के पुत्र दिलीप हुए,
23- दिलीप के पुत्र भगीरथ हुए, भागीरथ ने ही गंगा को पृथ्वी पर उतारा था.भागीरथ के पुत्र ककुत्स्थ थे |
24- ककुत्स्थ के पुत्र रघु हुए, रघु के अत्यंत तेजस्वी और पराक्रमी नरेश होने के कारण उनके बाद इस वंश का नाम रघुवंश हो गया, तब से श्री राम के कुल को रघु कुल भी कहा जाता है |
25- रघु के पुत्र प्रवृद्ध हुए,
26- प्रवृद्ध के पुत्र शंखण थे,
27- शंखण के पुत्र सुदर्शन हुए,
28- सुदर्शन के पुत्र का नाम अग्निवर्ण था,
29- अग्निवर्ण के पुत्र शीघ्रग हुए,
30- शीघ्रग के पुत्र मरु हुए,
31- मरु के पुत्र प्रशुश्रुक थे,
32- प्रशुश्रुक के पुत्र अम्बरीष हुए,
33- अम्बरीष के पुत्र का नाम नहुष था,
34- नहुष के पुत्र ययाति हुए,
35- ययाति के पुत्र नाभाग हुए,
36- नाभाग के पुत्र का नाम अज था,
37- अज के पुत्र दशरथ हुए,
38- दशरथ के चार पुत्र राम, भरत, लक्ष्मण तथा शत्रुघ्न हुए |
इस प्रकार ब्रह्मा की उन्चालिसवी (39) पीढ़ी में श्रीराम का जन्म हुआ ।