Wednesday, 14 August 2013

देश में "राष्ट्रवाद" को पनपने ही नहीं दिया

संविधान में जब भारत को राष्ट्र ही नहीं बनाया,
तो कांग्रेस ने "राष्ट्रवाद" को जनम ही नहीं लेने दिया ....

संविधान के Preamble को देखें तो उसमे पाएंगे कि:

PREAMBLE TO CONSTITUTION OF INDIA:-

WE, THE PEOPLE OF INDIA, having solemnly resolved to constitute India into a _1[SOVEREIGN SOCIALIST SECULAR DEMOCRATIC REPUBLIC] and to secure to all its citizens:
JUSTICE, social, economic and political;
LIBERTY of thought, expression, belief, faith and worship;
EQUALITY of status and of opportunity;
and to promote among them all
FRATERNITY assuring the dignity of the individual and the _2[unity and integrity of the Nation];
IN OUR CONSTITUENT ASSEMBLY this twenty-sixth day of November, 1949, do HEREBY ADOPT, ENACT AND GIVE TO OURSELVES THIS CONSTITUTION.

Article 1 of Constitution says:

"India, that is Bharat, shall be a Union of States"

Article 2 of Constitution says:

"Parliament may by law admit into the Union, or establish, new States on such terms and conditions, as it thinks fit"

आप देख सकते हैं कि संविधान में भारत को "देश" या "राष्ट्र" कहा ही नहीं
गया, एक जगह "रिपब्लिक" कहा गया और दूसरी जगह "राज्यों की यूनियन"
कहा गया।
 सच्चाई यही है कि जब हम एक राष्ट्र ही नहीं हैं तो राष्ट्रवाद कहा से
पनपता। कांग्रेस ने देश में "राष्ट्रवाद" को पनपने ही नहीं दिया जिसकी
वजह से क्षेत्रवाद हावी हो गया, देश के प्रति समर्पण की कमी आम आदमी
में देखी जा सकती है और राजनितिक दल अपनी अपनी तिजोरियां
भरते रहे।
इस संविधान को बनाने में कांग्रेस का बहुत बड़ा योगदान था और कांग्रेस
ने ही देश पर 55 साल राज किया है। "राष्ट्रवाद" की कमी की वजह से ही
आज कांग्रेस देश हित में आवाज़ उठाने में ना-काबिल है और देश को
दुर्दशा में पहुंचा दिया है, छोटे मोटे देश भी हमें हड़का देते है और हम चुप
रह जाते हैं। पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देशो और आतंकियों के
खिलाफ अपने मुस्लिम वोट बैंक की वजह से ठोस कारवाई करने में
कांग्रेस समर्थ नहीं है। राष्ट्रवाद को महत्व दिया होता तो आज जम्मू
कश्मीर भारत का अभिन्न अंग होते हुए भी हमसे अलग जैसा ना
होता।
क्या शुभकामनायें दूँ अपने देशवासियों को भारत के स्वतंत्रता दिवस
पर, दिल खुश है जितना, उतना उदास भी है देश की दुर्दशा देख कर।

(सुभाष चन्द्र)
14/8/13
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एक सत्य कथा
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फेस बुक पर एक लड़का औए एक लड़की में प्यार हो गया .
दोनों अपने प्रोफाइल पिक्चर पर नकली फोटो लगा कर क़सम
खाते थे कि मेरा ही फोटो है .एक दिन दोनों ने चैटिंग के दौरान एक
दूसरे को मिलने बुलाया . लड़की ने कहा कि कनक सिनेमा के पास
खाली प्लाट में जींस और काली टी शर्त पहन कर खडी मिलूंगी .
लड़के को सही वक्त पर वह वहाँ खड़ी मिली . उसने पीछे से जाकर
उसे किस किया और गुलाब हाथ में देने को ज्यों ही आगे की तरफ़
आया तो दोनों गश खालकर गिर पड़े . दोनों सगे भाई - बहन थे .
दोनों का साइकेट्रिक इलाज अभी तक चल रहा है...
सीख :-
फेसबुक पर अपना खुद का ही प्रोफाइल पिक लगाएं , किसी और
का नहीं . फेस बुक को ईमानदार और पार दर्शी बनाने के लिए
इस पोस्ट को शेयर करें .
नोट: लडकियाँ अपनी फोटो नही लगाये क्योकि उनकी फोटो का मिस यूज़ होता है प्रोन और डेटिंग साईट पर ।

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श्रीनगर : बुर्काधारी युवतियों ने पाकिस्तानी झंडे लहराए...

वादी में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान किसी भी गड़बड़ी से निपटने के लिए किए गए कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बीच कुछ बुर्काधारी युवतियों ने लाल चौक से सटे प्रताप पार्क में पाकिस्तानी झंडे लहराए।
साथ ही पाकिस्तानी राष्ट्रगीत भी गाया। इसके बाद पार्क की रेलिंग से झंडे बांधकर वहां से निकल गईं।
बाद में पुलिस ने झंडों को वहां से उतार अपने कक्जे में ले लिया।
इन युवतियों का संबंध कश्मीर की प्रमुख महिला अलगाववादी संगठन दुख्तरान-ए-मिल्लत से बताया जा रहा है।

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रंगून के 'जुबली हॉल' में दिया गया भाषण उनका ऐतिहासिक भाषण था, जिसमें उन्होंने कहा था कि "स्वतंत्रता बलिदान चाहती है। आपने आज़ादी के लिए बहुत त्याग किया है, किन्तु अभी प्राणों की आहुति देना शेष है। आज़ादी को आज अपने शीश फूल चढ़ा देने वाले पागल पुजारियों की आवश्यकता है। ऐसे नौजवानों की आवश्यकता है, जो अपना सिर काटकर स्वाधीनता देवी को भेट चढ़ा सकें। तुम मुझे ख़ून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूँगा।" इसके बाद सुभाष भारतीयता की पहचान ही बन गए थे।

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घाटी में 23 साल पुराने हालात बनने लगे है.....

किश्तवाड़ में हिन्दू अल्पसंख्यकों पर जारी हमलों और हिंसा के बाद एक बार फिर घाटी में 23 साल पुराने हालात बनने लगे है। किश्तवाड़ में हिंसा के बाद अब हिंदुओं को किश्तवाड़ छोडऩे की धमकी दी जा रही है। दूसरी ओर हिन्दू अल्पसंख्यक व्यापारी समुदाय ने उचित मुआवजा और सुरक्षा नहीं दिए जाने पर भारी आक्रोश व्यक्त किया है। हिंदुओं का आरोप है कि किश्तवाड़ के ईद के मौके पर यहां पर दो समुदायों के बीच हुई हिंसा में कई दुकानों और होटलों को जला दिया गया लेकिन न तो प्रशासन से कोई सुरक्षा ही मिली और न ही अब प्रशासन मुआवजे और सुरक्षा की कोई गारंटी देने को तैयार है। किश्तवाड़ चैंबर ऑफ कामर्स के अध्यक्ष राकेश गुप्ता ने कहा कि हम सुरक्षा और लाइसेंसी हथियार चाहते हैं। साथ ही ईद के दिन हुई हिंसा में हुए नुकसान के लिए भी सरकार को उचित मुआवजा देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि हिन्दू अल्पसंख्यक व्यापारी समुदाय के सदस्यों का इस संघर्ष में 80 करोड़ का नुकसान हुआ है। यदि सरकार हमारी मांगों को पूरा करने में विफल रही तो हम खुद ही किश्तवाड़ छोड़ कर चले जाएंगे। हम पर ऐसे हमले लगातार हो रहे हैं। हिंसा में गुप्ता का गारमेंट शोरूम भी नष्ट हो गया है। गुप्ता ने कहा कि इस तरह की हिंसक घटनाएं कोई नई बात नहीं है। इनका सामना हम 1993, 1998, 2003 और 2008 में भी कर चुके हैं लेकिन उस वक्त इतने व्यापक स्तर पर हिंसा नहीं हुई थी। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष में 150 से अधिक छोटे और बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचा है लेकिन इन सब के लिए सरकार बहुत कम मुआवजा दे रही है। जम्मू डिवीजनल कमanderर शांतमनु के अनुसार हिंसा में 68 दुकानों, 7 होटलों और 35 वाहनों को नुकसान पहुंचा और तीन लोगों की मौत हुई।
कांग्रेस को वोट देने वाले मूर्खो से पुछो की वो दंगो के बारे में क्या सोंचते है ? क्या दंगो की शुरुआत कभी हिन्दू करता है ? क्या हिन्दुन्स्तान के खिलाफ कभी कोई हिन्दू बोलता है ? क्या पाकिस्तान का झंडा कभी हिन्दू लहराता है ?
Jitendra Pratap Singh
क्या किश्तवाड़ में आज कोई राज धर्म निभा रहा है ???
क्या इस नरसंहार पर किसी कांग्रेसी का बयान आया है ? ?? क्या किसी वामपंथी ने इस पर विचार व्यक्त किया है ? 
क्या किसी राहुल - सोनिया - प्रियंका गाँधी ने दुःख जताया ? 

हर जगह मुसलमानों के लिए छाती कूटने और नौटंकी करने पहुंचने वाले राहुल गाँधी किश्तवाड़ कब जायेंगे ?? 

क्या सलमान ने किश्तवाड़ दंगो की खबरे सुनकर उनके आँखों में आंसू देखे ??
नितीश कुमार ने कुछ जिक्र किया क्या ?
राजदीप सरदेसाई, दीपक चौरसिया और बरखा दत्त अपने कैमरामैन पप्पू को लेकर पुहंचे क्या ?

सच वो जो आज दिख रहा है !!!!!!!!!!!!!!

"हिन्दुओ का सरे आम नरसंहार हो रहा है" और सब चुप्पी लगा कर बैठे है क्यूंकि सभी आज का "राजधर्म " निभा रहे है!!!!


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आजादी के ६५ वर्षो बाद स्वतंत्रता दिवस पर कड़ी सुरक्षा ,बुलेट प्रूफ शिशो के पीछे से जेड सुरक्षा पाए वि आई पि मेहमानों के बिच प्रधानमंत्री देश को शांति का सन्देश देंगे और रस्मी अदाय्गी के साथ पडोसी देशो के साथ देश की अच्छे संबंधो की निति पर कायम रहने की प्रतिज्ञा दुहराएंगे ,पड़ोसियों को कड़ी चेतावनी तो खैर देंगे ही ,
एक पूर्व रा अधिकारी सिंगजी ,ने जी टीवी पर कहा,की
जेड और वाई सुरक्षा पाए नेता बगैर सुरक्षा के जी रही जनता को शांति की घुट्टी पिलाते है,
अच्छा हो की ये अपना सुरक्षा कवर हटाकर ये बात कहे,
क्या हमारा देश आतंक के साए में जीने के लिए पैदा हुआ है,
अब समय आ गया है की आतंकी घटनायो को कमुनल नजरिये से न देख कर इस पर राजनीती और बहस न की जाए ,घटना में शामिल लोगो की जाती एक ही होती है,बिगडैल अपराधी की ,इन्हें किसी जाती के नजरिये से न देखकर सिर्फ इन्हें आतंकी के रूप में देखा जाए और इसपर बहस,समर्थन करने वालो पर अंकुश लगाया जाए ,और जो न माने उन्हें सुरक्षा कवर न दिया जाए ,अपने आप ही उनके दिमाग की खिडकिया खुल जायेगी और सारा मानवधिकार नाम की बिमारी गायब हो जाएगी.........

‪#‎कल्पेश_पटेल‬
तवायफ की मांग में सिंदूर, लंगूर के हाथ में
अंगूर।
बगुले की चोंच में हीरा, ऊंट के मुहं में
जीरा।
बंदरों के पास कार, गधों के हाथ
में सरकार।
कैसे-कैसे कारनामे हो रहे हैं,
और आप रजाई ओढ़ के सो रहे हैं।
बोले

प्रभु : मैंअपने काम में सिद्ध हस्त हूं,पर
आजकल थोड़ा व्यस्त हूं।
फिर भी दिन
रात आगे बढ़ रहा हूं, फिलहाल तो चार-
पांच केस लड़ रहा हूं।
मैं बोल्यो- प्रभु !
महंगाई बहुत बढ़ रही है, सलमान खान
की लोकप्रियता की तरह माथे पर चढ़
रही है।
अक्षय कुमार की तरह
ठंडा पीजिए और एक बार फिर अवतार
लीजिए।
बोले प्रभु : एक बार हम
धरती पर विचरण करने निकले थे।

दो नेताओं ने हमारी जेब काट ली, आधी-
आधी दौलत दोनों पार्टियों ने बांट ली।

ये कलयुग है यहां देवताओं का वास
नहीं होता।
ये दुनिया मैंने बनाई है
विश्वास नहीं होता...!
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भारत निर्माण पार्ट २ 

- पांच सैनिकों की हत्या ..
- सेना को उपलब्ध कराई गई बुलेट प्रूफ जैकेंतों को गोलियों ने भेदा ... बिलकुल वहीँ केस जैसे चीन युद्ध के समय सैनिकों के कारतूसों में बारूद की जगह रेत निकली थी .. जांच का आदेश अभी तक नहीं ..
- १८ नौ सैनिकों का देहांत.. सिन्धु रक्षक पनडुब्बी नष्ट , सिन्धु रत्न क्षतिग्रस्त 
(पनडुब्बी के अन्दर का प्रेसर बॉक्स किसी बड़े हथियार की मार से ही नष्ट हो सकता है और वो नष्ट हुआ है जिसके कारण १८ नौसैनिक मारे गए..बहुत बड़ा झटका भारत के लिए)
कहीं १४ अगस्त के जश्न से कोई कनेक्शन तो नहीं ... जांच जारी 

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नेता जी के अंगरक्षक और पर्सनल ड्राइवर रहे आजमगढ़ के 111 साल के निजामुद्दीन नेता जी के साथ 12 सिलेंडर वाली गाड़ी चलाते थे।
इनको 11 से अधिक भाषाएं आती हैं; वह जापानी, बर्मी, जर्मन, तमिल, तेलुगु, बंगाली समेत कई भाषाओं के जानकार हैं।
ड्राइवर निजामुद्दीन ने बताया कि बर्मा में छितांग नदी के पास 20 अगस्त 1947 को उन्होंने नेता जी सुभाष चंद्र बोस को छोड़ा।
उसके बाद से उनसे आज तक मुलाकात नहीं हुई। दुःख की बात ये है कि निजामुद्दीन के पास आज़ाद हिन्द फ़ौज का आई कार्ड और डी एल होते हुए भी सरकार आखिर उन्हें स्वतंत्रता संग्राम सेनानी क्यों नहीं मानती।
उन्हें स्वतंत्रता सेनानियों को मिलने वाली पेंशन नहीं मिलती। 

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Thursday, 8 August 2013

चक्रमर्द (Cassia tora )-

चक्रमर्द (Cassia tora )-
बारिश के बाद इसकी झाड़ियाँ अपने आप उग आती है.यह बहुत उपयोगी पौधा है.
- रक्त सम्बन्धी विकारों और शीतपित्त में बहुत लाभकारी .
- लीवर सिरोसिस में इसकी साग लाभकारी .
- आधा सिसी के दर्द में इसके बीजों की पावडर को पीसकर लेप बनाकर माथे पर लगाएं .
- कील मुंहासों के लिए पनवाड़ के बीजों का चूर्ण और चन्दन मिला कर लगाए.
- सुजन उतारने के लिए बीजों का सेवन करें और इसके पत्तों से सिकाई करें .
- गाँठ या फोड़े या सुजन पर पनवाड़ के पत्तों की पुल्टिस बना के लगा दे.
- खांसी में इसके बीजों के पावडर की एक ग्राम मात्रा ले लें.
- जड़ के चूर्ण को चावल के धोवन के साथ लेने से प्रदर में लाभ होगा.
- त्वचा रोगों में लाभकारी. एक्जीमा , सोरायसिस और दाद खाज खुजली में इसके पत्तों को उबालकर , उस पानी से स्नान करें . इसके पत्तों का साग खाए और इसके बीजों के २-3 ग्राम मात्रा पानी के साथ सुबह शाम सेवन करें .
- सोरायसिस जब पुराना हो जाता है तो उससे अर्थराइटिस हो जाता है. तब उष्ण औषधि लेने से त्वचा को हानि होती है और शीतल औषधि से दर्द बढ़ता है. ऐसे समय पनवाड़ सबसे उत्तम औषधि है.
- इसके बीजों की ३ ग्राम मात्रा मधुमेह को नियंत्रित करती है.
- बावची, अजमोद, पवांड तथा कमल गट्टा को बराबर मात्रा में लेकर पीसकर इसमें शहद मिलाकर. गोलियां बना लें। यह 1-2 गोली सुबह और शाम अंजीर की जड़ के काढे़ के साथ सेवन करने से. सफेद कुष्ठ दूर होता है।
- यह एक अच्छा रेचक है.
- ह्रदय को मजबूती देता है.
- यह कोलेस्ट्रोल को घटाता है और बीपी नियंत्रित करता है.
- यह इन्फेक्स्हंस को दूर कर बुखार को ठीक करता है.
- इसकी पत्तियों का हल्का काढा छोटे बच्चों में दांत निकलते वक़्त होने वाले बुखार का इलाज है.
- चायनीज़ मेडिसिन में इसे आँखों की ज्योति बढाने के इस्तेमाल किया जाता है.
- इसकी जड़ों को निम्बू के रस के साथ पीसकर रिंग वर्म होने पर लगाया जाता है.
- इसकी पट्टी का साग अल्सर , पाइल्स आदि को ठीक करता है.
- इसके फलों का उपयोग सर्प दंश तथा छाल और जड़ का उपयोग बिच्छु के काटने पर किया जाता है.

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Wednesday, 7 August 2013

क्या वन्दे मातरम किसी एक समुदाय विशेष का तराना है

उर्दू अखबारों पर ये सरकारे आखिर कब लगाम लगाएंगी? उर्दू दैनिक सियासत ने लिखा है कि शफिकुर रहमान ने एक बार फिर हिन्दू कौमी तराना वन्दे मातरम का वहिष्कार किया जो मुसलमानों के लिए फक्र की बात है

क्या वन्दे मातरम एक कौमी तराना है ? क्या वन्दे मातरम किसी एक समुदाय विशेष का तराना है ? क्या असफाक उल्ला खां मुस्लिम नही थे ?

चैनेल वाले खामोश क्यों है? एक राष्ट्रिय अख़बार अगर भारत के राष्ट्रगान को कौमी तराना बोले तो इससे बड़ा देशद्रोह और क्या हो सकता है ?
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रजत शर्मा –

पाकिस्तान द्वारा मुंबई पे कराए गए आतंकवादी हमले के समय अगर आप इंचार्ज होते तो क्या कर सकते थे ??

नरेंद्र मोदी –

जो मैंने गुजरात में किया था वो यहाँ भी करके दिखाता ,मुझे देर नहीं लगती है और मैं तो आज भी कहता हूँ कि पाकिस्तान को उसी कि भाषा में जवाब देना चाहिए, ये लव-लैटर लिखने बंद करने चाहियें,ये कोंग्रेस वाले रोज एक चिट्ठी भेज रहे हैं और वो सवाल भेज रहे हैं ,ये जवाब दे रहे हैं ,गुनाह वो करते हैं और जवाब हमारी भारत सरकार दे रही हैं

रजत शर्मा –

लेकिन एक International Pressure होता है उसका भी तो खैयाल रखना पड़ेगा सरकार को

नरेंद्र मोदी –

International Pressure पैदा करने कि ताकत आज हिंदुस्तान में है .........100 करोड़ का देश है ,पूरी दुनिया पे Pressure हम पैदा कर सकते हैं

ये उलटी गंगा क्यों बह रही है मैं हैरान हूँ जी , पाकिस्तान हमको मार के चला गया ,पाकिस्तान ने हमला बोला मुंबई में और हमारे मंत्री जी गए अमरीका में और रोने लगे ओबामा ओबामा ओबामा ये हमको मारके चला गया बचाओ बचाओ ....अरे !! ये कोई तरीका होता है क्या ,पड़ोसी मारके चला जाए और अमरीका जाते हो ,अरे !! पाकिस्तान जाओ ना

रजत शर्मा –

क्या तरीका होता है

नरेंद्र मोदी –

पाकिस्तान जिस भाषा में समझे समझाना चाहिए

रजत शर्मा –

वही तो मैं आपसे समझने कि कोशिश कर रहा हूँ

नरेंद्र मोदी –
वही तो मैं आपको समझा रहा हूँ पाकिस्तान जिस भाषा में समझे बड़े अच्छे से समझाना चाहिए
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31 अगस्त 2011 - 1 जवान शहीद - प्रधानमंत्री का बयान - ऐसे हमले बर्दाश्त नहीं किये जायेंगे
8 जनवरी 2013 - 2 जवान शहीद - - प्रधानमंत्री का बयान - ऐसे हमले बर्दाश्त नहीं किये जायेंगे
7 जून 2013 - 1 जवान शहीद - - प्रधानमंत्री का बयान - ऐसे हमले बर्दाश्त नहीं किये जायेंगे
24 जून 2013 - 8 जवान शहीद - - प्रधानमंत्री का बयान - ऐसे हमले बर्दाश्त नहीं किये जायेंगे
27 जुलाई 2013 - 1 जवान शहीद - - प्रधानमंत्री का बयान - ऐसे हमले बर्दाश्त नहीं किये जायेंगे
5 अगस्त 2013 - 5 जवान शहीद. थोड़ी देर में प्रधानमंत्री का बयान आएगा - हम ऐसे हमले बर्दाश्त नहीं किये जायेंगे।
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Friday, 2 August 2013

गणपति उत्सव का मुख्य उद्देशय स्वराज्य

लोकमान्य तिलक की कहानी जरूर पढ़ें !!
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1894 मे अंग्रेज़ो ने भारत मे एक बहुत खतरनाक कानून बना दिया !उस कानून मे ये था कि किसी भी स्थान 5 भारतीय से अधिक भारतीय इकट्ठे नहीं हो सकते ! समूह बनाकर कहीं प्रदर्शन नहीं कर सकते ! और अगर कोई ब्रिटिश पुलिस का अधिकारी उनको कहीं इकट्ठा देख ले तो आप विश्वास नहीं कर सकते कितनी कड़ी सजा उनको दी जाती थी ! उनको कोड़े से मारा जाता था ! और हाथो से नाखूनो तक को खींच लिया जाता था ! 1882 मे भारत के क्रांतिकारी जिनका नाम था बंकिम चंद्र चटर्जी उन्होने एक गीत लिखा था जिसका नाम था वन्देमातरम ! तो इस गीत को गाने पर अंग्रेज़ो ने प्रतिबंद लगा दिया ! और गीत गाने वालों को जेल मे डालने का फरमान जारी कर दिया ! तो इन दोनों बातों के कारण लोगो मे अंग्रेज़ो के प्रति बहुत भय आ गया था !!

लोगो मे अंग्रेज़ो के प्रति भय को खत्म करने के लिए और इस कानून का विरोध करने के लिए लोकमान्य तिलक ने गणपति उत्सव की स्थापना की ! और सबसे पहले पुणे के शनिवारवाडा मे गणपति उत्सव का आयोजन किया गया ! 1894 से पहले लोग अपने अपने घरो मे गणपति उत्सव मनाते थे लेकिन 1894 के बाद इसे सामूहिक तौर पर मनाने लगे ! तो पुणे के शनिवारवडा मे हजारो लोगो की भीड़ उमड़ी ! लोकमान्य तिलक ने अंग्रेज़ो को चेतावनी दी कि हम गणपति उत्सव मनाएगे अंग्रेज़ पुलिस उन्हे गिरफ्तार करके दिखाये ! कानून के हिसाब से अंग्रेज़ पुलिस किसी राजनीतिक कार्यक्रम मे उमड़ी भीड़ को ही गिरफ्तार कर सकती थी लेकिन किसी धार्मिक समारोह मे उमड़ी भीड़ को नहीं !!

इस प्रकार पूरे 10 दिन तक 20 अक्तूबर 1894 से लेकर 30 अक्तूबर 1894 तक पुणे के शनिवारवाड़ा मे गणपति उत्सव मनाया गया ! हर दिन लोक मान्य तिलक वहाँ भाषण के लिए किसी बड़े व्यक्ति को आमंत्रित करते ! 20 तारीक को बंगाल के सबसे बड़े नेता बिपिन चंद्र पाल वहाँ आए !! और ऐसे ही 21 तारीक को उत्तर भारत के लाला लाजपत राय वहाँ पहुंचे ! इसी प्रकार एक ही परिवार मे पैदा हुए तीन क्रांतिकारी भाई जिनको चापेकर बंधु कहा जाता है वहाँ पहुंचे ! वहाँ 10 दिन तक इन महान नेताओ के भाषण हुआ करते थे ! और सभी भाषणो का मुख्य मुद्दा यही होता था कि गणपति जी हमको इतनी शक्ति दें कि हम भारत से अंग्रेज़ो को भगाएँ ! गणपति जी हमे इतनी शक्ति दें के हम भारत मे स्वराज्य लाएँ ! इसी तरह अगले साल 1895 मे पुणे के शनिवारवाड़ा मे 11 गणपति स्थापित किए गए और उसके अगले साल 31 !और अगले साल ये संख्या 100 को पार कर गई ! फिर धीरे -धीरे पुणे के नजदीक महाराष्ट्र के अन्य बड़े शहरो मे ये गणपति उत्सव अहमदनगर ,मुंबई ,नागपुर आदि तक फैलता गया !! हर वर्ष हजारो लोग इकट्ठे होते और बड़े नेता उनमे राष्ट्रीयता भरने का कार्य करते ! और इस तरह लोगो का गणपति उत्सव के प्रति उत्साह बढ़ता गया !!! और राष्ट्र के प्रति चेतना बढ़ती गई !!

1904 में लोकमान्य तिलक ने लोगो से कहा कि गणपति उत्सव का मुख्य उद्देशय स्वराज्य हासिल
करना है आजादी हासिल करना है ! और अंग्रेज़ो को भारत से भगाना है ! बिना आजादी के गणेश उत्सव का कोई महत्व नहीं !! पहली बार लोगो ने लोकमान्य तिलक के इस उद्देश्य को बहुत गंभीरता से समझा ! इसके बाद एक दुर्घटना हो गई अपने देश में !! 1905 मे अंग्रेज़ो की सरकार ने बंगाल का बंटवारा कर दिया एक अंग्रेज़ अधिकारी था उसका नाम था कर्ज़न ! उसने बंगाल को दो हिस्सो मे बाँट दिया !एक पूर्वी बंगाल एक पश्चमी बंगाल ! पूर्वी बंगाल था मुसलमानो के लिए पश्चमी बगाल था हिन्दुओ के लिए !! हिन्दू और मूसलमान के आधार पर यह पहला बंटवारा था ! और इसका नाम रखा division of bengal act !! बंगाल उस समय भारत का सबसे बड़ा राज्य था और इसकी कुल आबादी 7 करोड़ थी !

लोकमान्य तिलक ने इस बँटवारे के खिलाफ सबसे पहले विरोध की घोषणा की उन्होने ने लोगो से कहा अगर अंग्रेज़ भारत मे संप्रदाय के आधार पर बंटवारा करते हैं तो हम अंग्रेज़ो को भारत में रहने नहीं देंगे !! उन्होने अपने एक मित्र बंगाल के सबसे बड़े नेता बिपिन चंद्रपाल को बुलाया अरबिंदो गोश जी को बुलाया और कुछ और अन्य बड़े नेताओं को बुलाया !! और उन्हे कहा की आप बंगाल मे गणेश उत्सव का आयोजन कीजिये !! तो बिपिन चंद्र पाल जी ने कहा कि बंगाल के लोगो पर गणेश जी का प्रभाव ज्यादा नहीं है ! तो तिलक जी ने पूछा फिर किसका प्रभाव है ?? तो उन्होने के कहा नवदुर्गा एक उत्सव मनाया जाता है उसका बहुत प्रभाव है !! तो तिलक जी ने कहा ठीक है मैं यहाँ गणेश उत्सव का आयोजन करता हूँ आप वहाँ दुर्गा उत्सव का आयोजन करिए !! तो बंगाल मे समूहिक रूप से दुर्गा उत्सव मनाना शुरू हुआ जो जब तक जारी है ! तो दुर्गा उत्सव और गणेश उत्सव के आयोजनो के माध्यम से लाखो-लाखो लोग तिलक जी के संपर्क मे आए और तिलक जी ने उन्हे कहा कि आप सब इस बंगाल विभाजन का विरोध करें !!

तो लोगो ने पूछा कि विरोध का तरीका क्या होगा ??? तो लोकमान्य तिलक ने कहा कि देखो भारत मे अँग्रेजी सरकार ईसट इंडिया कंपन्नी की मदद से चल रही है ! ईस्ट इंडिया कंपनी का माल जब तक भारत मे बिकेगा तब तक अंग्रेज़ो की सरकार भारत मे चलेगी !! जब माल बिकना बंद हो गया तो अंग्रेज़ो के पास धन जाना बंद हो जाएगा ! और अँग्रेज़ भारत से भाग जाएँगे !!

इस तरह से लोगो ने बँटवारे का विरोध किया ! और भंग भंग के विरोध मे एक आंदोलन शुरू हुआ ! और इस आंदोलन के प्रमुख नेता थे (लाला लाजपतराय) जो उत्तर भारत मे थे !(विपिन चंद्र पाल) जो बंगाल और पूर्व भारत का नेतत्व करते थे ! और लोक मान्य बाल गंगाधर तिलक जो पश्चिम भारत के बड़े नेता थे ! इस तीनों नेताओ ने अंग्रेज़ो के बंगाल विभाजन का विरोध शुरू किया ! इस आंदोलन का एक हिस्सा था (अंग्रेज़ो भारत छोड़ो) (अँग्रेजी सरकार का असहयोग) करो ! (अँग्रेजी कपड़े मत पहनो) (अँग्रेजी वस्तुओ का बहिष्कार करो) ! और दूसरा हिस्सा था पोजटिव ! कि भारत मे स्वदेशी का निर्माण करो ! स्वदेशी पथ पर आगे बढ़ो !

लोकमान्य तिलक ने अपने शब्दो मे इसको स्वदेशी आंदोलन कहा ! अँग्रेजी सरकार इसको भंग भंग विरोधे आंदोलन कहती रही !लोकमान्य तिलक कहते थे यह हमारा स्वदेशी आंदोलन है ! और उस आंदोलन के ताकत इतनी बड़ी थी !कि यह तीनों नेता अंग्रेज़ो के खिलाफ जो बोल देते उसे पूरे भारत के लोग अपना लेते ! जैसे उन्होने आरके इलान किया अँग्रेजी कपड़े पहनना बंद करो !करोड़ो भारत वासियो ने अँग्रेजी कपड़े पहनना बंद कर दिया ! उयर उसी समय भले हिंदुतसनी कपड़ा मिले मोटा मिले पतला मिले वही पहनना है ! फिर उन्होने कहाँ अँग्रेजी बलेड का इस्तेमाल करना बंद करो ! तो भारत के हजारो नाईयो ने अँग्रेजी बलेड से दाड़ी बनाना बंद कर दिया ! और इस तरह उस्तरा भारत मे वापिस आया ! फिर लोक मान्य तिलक ने कहा अँग्रेजी चीनी खाना बंद करो ! क्यू कि चीनी उस वक्त इंग्लैंड से बन कर आती थी

भारत मे गुड बनाता था ! तो हजारो लाखो हलवाइयों ने गुड दाल कर मिठाई बनाना शुरू कर दिया ! फिर उन्होने अपील लिया अँग्रेजी कपड़े और अँग्रेजी साबुन से अपने घरो को मुकत करो ! तो हजारो लाखो धोबियो ने अँग्रेजी साबुन से कपड़े धोना मुकत कर दिया !और काली मिट्टी से कपड़े धोने लगे !फिर उन्होने ने पंडितो से कहा तुम शादी करवाओ अगर ! तो उन लोगो कि मत करवाओ जो अँग्रेजी वस्त्र पहनते हो ! तो पंडितो ने सूट पैंट पहने टाई पहनने वालों का बहिष्कार कर दिया !

इतने व्यापक स्तर पर ये आंदोलन फैला !कि 5-6 साल मे अँग्रेजी सरकार घबरागी क्यूंकि उनका माल बिकना बंद हो गया ! ईस्ट इंडिया कंपनी का धंधा चोपट हो गया ! तो ईस्ट इंडिया कंपनी ने अंग्रेज़ सरकार पर दबाव डाला ! कि हमारा तो धंधा ही चोपट हो गया भारत मे ! भारतीयो ने हमार समान खरीदना बंद कर दिया है ! हमारे सामानो की होली जालाई जा रही हैं ! लोकमान्य तिलक के 1 करोड़ 20 लाख कार्यकर्ता ये काम कर रहे हैं !हमारे पास कोई उपाय नहीं है आप इन भारतवासियो के मांग को मंजूर करो मांग क्या थी कि यह जो बंटवारा किया है बंगाल का हिन्दू मुस्लिम से आधार पर इसको वापिस लो हमे बंगाल के विभाजन संप्रदाय के आधार पर नहीं चाहिए !!
! और आप जानते अँग्रेजी सरकार को झुकना पड़ा ! और 1911 मे divison of bangal
act वापिस लिया गया ! और इस तरह पूरे देश मे लोकमान्य तिलक की जय जयकार होने लगी !!

तो मित्रो इतनी बड़ी होती है बहिष्कार कि ताकत ! जिसने अंग्रेज़ो को झुका दिया और मजबूर कर दिया कि वो बंगाल विभाजन वापस लें ! हमेशा याद रखें कि दुश्मन को अगर खत्म करना है तो उसकी supply line ही काट दो ! दुश्मन अपने आप खत्म हो जाएगा ! स्वदेशी और स्वराज्य एक ही सिक्के के दो पहलू हैं ! बिना स्वदेशी के स्वराज्य कभी संभव नहीं !!

भारतीयो मे स्वदेशी की अलख जगाने वाले ! स्वदेशी आंदोलन के जनक लोकमान्य तिलक को शत शत नमन !

भूगोल से सम्बन्धित



अन्टार्टिका में पानी इतना ठंडा है कि उसके अन्दर की कोई भी वस्तु कभी भी सड़ती-गलती नहीं है।

यदि अन्टार्टिका में जमी बर्फ की सारी पत्तरें गल जाएँ तो संसार के सभी सागर 60 से 65 मीटर अर्थात 200 से 210 फुट तक और भर जाएँगे।

अब तक के रेकार्ड के अनुसार अन्टार्टिका का सर्वाधिक गर्म तापमान 3 डिग्री फैरनहीट है।

एक औसत हिमशैल (ice berg) का वजन लगभग दो करोड़ टन होता है।

विश्व के समस्त वन क्षेत्र का 25% से भी अधिक भाग साइबेरिया में हैं।

समुद्र की एक बूंद पानी को भाप बनकर पूरे विश्व में प्रसारित होने में 1000 साल से भी अधिक समय लग जाता है।

टैक्सास का होस्टन नगर धसान (दलदल) में बसा हुआ है और धीरे-धीरे धँसकते जा रहा है।

विश्व में उत्पन्न होने वाले समस्त ऑक्सीजन का 20% से भी अधिक भाग अमेजान के वर्षावनों में उत्पन्न होता है।

समुद्र के एक घन मील (One cubic mile) पानी में लगभग 50 पौंड सोना घुला होता है।

संसार में प्रतिवर्ष 50,000 से भी अधिक भूकंप आते हैं।

स्टेट ऑफ फ्लोरिडा पूरे इंग्लैंड से भी बड़ा है।

अमेरिका का 'माम्मोह केव्ह सिस्टम' (Mammoth Cave System) संसार का सबसे लंबा खोह है जो कि5,60,000 मीटर गहरा है।

इजराइल का मृत सागर समुद्र सतह से 1,312 फुट नीचे में है।

एक पूर्ण रूप से विकसित रक्त दारु वृक्ष (redwood tree) के पत्तों से 2 टन से भी अधिक पानी निष्कासित होता है।

जंगल में लगी आग नीचे की अपेक्षा ऊपर की ओर तेजी से फैलती है।

अलास्का में प्रतिवर्ष लगभग 5,000 भूकंप आते हैं।

यूरोप एकमात्र ऐसा महाद्वीप हैं जिसमें कोई भी मरुस्थल नहीं है।

चन्द्रमा के सिर के ठीक ऊपर आने पर उसके गुरुत्वाकर्षण के कारण आपका वजन जरा सा कम हो जाता है।

अटलांटिक महासागर प्रशान्त महासागर से अधिक खारा है।

एक ज्वालामुखी में राख को 50 किलोमीटर से भी ऊपर फेंकने की शक्ति होती है।

Thursday, 1 August 2013

अद्भुत और विस्मयकारी-



गाँधीनगर के चराड़ा गाँव निवासी प्रहलाद भाई जानी कक्षा तीन तक पढे़ लिखे हैं। ग्यारह वर्ष की उम्र में उन्हें ज्ञान प्राप्त हुआ, और उन्होंने घर त्याग कर जंगलों में रहना शुरू कर दिया। जानी का दावा है कि दैवीय कृपा तथा योग साधना के बल पर वे करीब 65 वर्ष से बिना कुछ खाए पिए-जिंदा हैं। इतना ही नहीं मल-मूत्र त्यागने जैसी दैनिक क्रियाओं को योग के जरिए उन्होंने रोक रखा है। स्टर्लिंग अस्पताल के न्यूरोफिजिशियन डॉ. सुधीर शाह बताते हैं कि जानी के ब्लैडर में मूत्र बनता है, लेकिन कहाँ गायब हो जाता है इसका पता करने में विज्ञान भी अभी तक विफल ही रहा है। रक्षा मंत्रालय के डॉ. सेल्वा मूर्ति की अगुआई में 15 चिकित्सकों की टीम ने लगातार दस दिन तक उनका वीडियो कैमरों के बीच चिकित्सकीय परीक्षण भी किया, लेकिन उनके समक्ष आज भी चुनरी वाले माताजी का यह केस एक यक्ष प्रश्न ही बना हुआ है। डॉ. शाह बताते हैं कि पहली बार माताजी का मुंबई के जे.जे. अस्पताल में परीक्षण किया गया था, लेकिन इस रहस्य से पर्दा नहीं उठ सका।

पिछले 72 सालों से भूखा प्यासा रहने का दावा करने वाले प्रहलाद जानी पर डॉक्टरों और वैज्ञानिकों की स्टडी पूरी हो गई है। 15 दिन की इस स्टडी में डीआरडीओ के वैज्ञानिक और डॉक्टरों को आखिर मानना पड़ा की प्रहलाद जानी ने 15 दिनों तक कुछ नहीं खाया-पिया। स्टडी के 15 दिन पहले और 15 दिन बाद की जांच ने सबको हैरत में डाल दिया है।
72 साल से भूखा-प्यासा रहने का दावा करने वाले प्रहलाद जानी विज्ञान के लिए अजब पहेली हैं। प्रहलाद जानी के दावों में कितनी सच्चाई है ये जानने के लिए रक्षा विभाग के डीआरडीओ के वैज्ञानिकों और डॉक्टरों की एक टीम ने शुरू किया 15 दिन का ऑपरेशन भूख। सीसीटीवी की नजरें 24 घंटे प्रहलाद जानी पर लगी रहीं। यहां तक कि नहाने और ब्रश करने के लिए भी पानी पहले से ही नापतौल कर दिया जाता। हर आधे से एक घंटे में प्रहलाद जानी को फिजीशियन, कार्डियोलॉजिस्ट, गेस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट,एंडोक्रिनोलॉजिस्ट, डायबिटोलॉजिस्ट, यूरो सर्जन, आंख के डॉक्टर और जेनेटिक के जानकार डॉक्टरों की टीम के जरिये चेक किया जाता रहा और उनकी रिपोर्ट तैयार की जाती रही। 15 दिन लगातार मॉनिटिरिंग के बाद वैज्ञानिक हैरान हैं। प्रहलाद अपने दावे में अभी तक खरे उतरे हैं।