Thursday, 2 April 2015

vichar ..................

आतंकवाद का कोई मजहब नहीं होता, लेकिन ताज्जुब
देखिए दुनिया के सबसे खतरनाक देशों की टॉप 10
सूची में से अधिकांश वही राष्ट्र हैं,
जिन्होंने किसी एक मजहब (इस्लाम) को अपना
राष्ट्रीय मजहब घोषित कर रखा है।
द इंटर सेंटर्स संस्था की मार्च 2015 की
सूची में इराक समेत मिडिल ईस्ट पहले नंबर पर है,
सीरिया दूसरे नंबर पर है, नाइजीरिया
तीसरे, सोमालिया चौथे, अफगानिस्तान पांचवें,
लीबिया छठे, यमन सातवें, पाकिस्तान आठवें, युक्रेन नौवें
और मिश्र इस सूची में 10 वें नंबर पर है। इन देशों के
आतंकी घटनाओं में मरने वालों की संख्या के
आधार पर यह स्टडी की है।
हां, इन राष्ट्रों को हथियार सप्लाई करने वाले पश्चिम के अधिकांश
विकसित देश भी मजहबी राष्ट्र
ही हैं और उनका भी प्रत्यक्ष-अप्र
त्यक्ष एक राष्ट्रीय मजहब (ईसायत) है। ताज्जुब
देखिए, ये दोनों तरह के मजहबी राष्ट्र और
इनकी हिंसा को बौद्धिकता से ढंकने में जुटी
वामपंथी (मार्क्सवादी) जमात भारत को
धर्मनिरपेक्षता का पाठ पढाते रहते हैं। है न दोगलापन...

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सिर्फ 5 माह मे जयापुर गांव की कायापलट कर दी नरेन्द्र मोदी ने !!
वनवासियों के लिए नये मकान.. 70 सोलर लाइट ... 3 बैंक ...1 डाकघर..... सार्वजनिक स्थानों पर बैठने को 50 बेंच.. 1 बस स्टाप ... 50 हैंडपंप... 12 टी-गार्ड ....1 आधुनिक आंगनबाड़ी केंद्र.. 16 बायो-टोईलेट सार्वजनिक .....30 महिलाओं को सिलाई की ट्रेनिंग
इतनी भारी सफलता के बाद मोदी अब एकसाथ २०० गांव गोद लेनेवाले है !
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भारत सरकार के बाद इस देश में भूमि का सबसे बड़ाअकेला मालिक है “चर्च”।जी न्यूज़ पर चर्च के बारे में एक सर्वेक्षण हुआ है,जिसमेंबताया गया है कि भारतसरकार के बाद इस देश में भूमि का सबसे बड़ा अकेलामालिक है “चर्च,जी हाँ।“चर्च” के पास इस समय समूचे भारत में 52 लाख करोड़की भू-सम्पत्ति है।इसमें से लगभग 50 प्रतिशत ज़मीन उसके पास अंग्रेजों केसमय से है,लेकिन बाकीकी ज़मीन तमाम केन्द्र और राज्य सरकारों ने उसेधर्मस्व कार्य हेतु “दान” में दी है।यह एक ऐतिहासिक तथ्य है कि धर्म के नाम पर सबसेअधिक रक्तपात इस्लामऔर ईसाई धर्मावलम्बियों द्वारा किया गया है।ईसाई धर्म का प्रचार-प्रसार करना,सेवा करने के लियेस्कूल और अस्पताल खोलनाआदि चर्च के मुख्य काम हैं,लेकिन असल में इसका मकसदईसाईयों की संख्या मेंवृद्धि करना होता है।गरीब,ज़रूरतमंद,अशिक्षित लोग इनके फ़ेंके हुए झाँसे मेंआ जाते हैं, रही-सही कसरभारी-भरकम पैसे और नौकरी का लालच पूरी कर देताहै।“चर्च” की सत्ता और धन-सम्पत्ति के अकूत भण्डार केबारे में जब-तब कई पुस्तकोंऔर जर्नलों में प्रकाशित होता रहता है।भारत में चर्च फ़िलहाल “गलत” कारणों से चर्चा मेंहै,ज़ाहिर है कि “धर्मान्तरण” केमामले को लेकर।इन घटनाओं पर “पोप” भी बहुत दुखी हैं और उन्होंनेभारत में अपने प्रतिनिधियोंऔर भारत सरकार (इसे सोनिया गाँधी पढ़े) के समक्षचिन्ता जताई है।पोप का दुखी होना स्वाभाविक भी है,जिस“एकमात्र सच्चे धर्म” का जन्म 2014वर्ष पहले समूची धरती से “विभिन्न गलत अवधारणाओंको मिटाने के लिये”हुआ था,उसकी सर्वत्र थू थू हो रही है।चर्च और पोप की सत्ता जिस “प्रोफ़ेशनल” तरीके सेकाम करती है, उसे देखकरबड़ी-बड़ी मल्टीनेशनल कम्पनियाँ भी शर्मा जायें।जिस तरह विशाल कम्पनियों में “बिजनेस प्लान”बनाया जाता है,ठीक उसी तरहरोम में ईसाई धर्म के प्रचार के लिये “वार-प्लान”बनाया जाता है।यह “योजनायें” विभिन्न देशों,विभिन्नक्षेत्रों,विभिन्न धर्मों के लिये अलग-अलगहोती हैं।इन सभी योजनाओं को “गहन मार्केटिंग रिसर्च” औरविश्लेषण के बाद तैयार कियाजाता है।जिस प्रकार एक कम्पनी अपने अगले आने वाले 25वर्षों का एक “प्रोजेक्शन” तैयारकरती है, उसी प्रकार इसे भी तैयार किया जाता है।ऐसा बताया जाता है कि वर्तमान में ऐसी 1590योजनायें चल रही हैं जो कि सन्2025 तक बढ़कर 3000 हो जायेंगी।सन् 2025 के “प्रोजेक्शन” के अनुसार बढ़ोतरी इसप्रकार की जाना है (यानी किटारगेट यह दिया गया है) वर्तमान 35500 ईसाईसंस्थायें बढ़कर 63000,धर्मपरिवर्तन के मामले 35 लाख से बढ़कर 53 लाख,4100विभिन्न मिशनरीसंस्थायें बढ़कर 6000,,,,56 लाख धर्म सेवकों की संख्या बढ़ाकर 65 लाख (पूरेयूरोप की समूची सेना से भीज्यादा संख्या) किया जाना है।वर्तमान में चर्च की कुल सम्पत्ति (भारत में) 13,71,000करोड़ है (जिसमें खालीपड़ी ज़मीन शामिल नहीं है)।यह राशि भारत के GDP का 60% से भी ज्यादा है,इसेभी बढ़ाकर 2025 तक40,00,000 करोड़ किया जाना है
.अब वक्त है इस मोदी सरकार के काम की पोल खोलने की
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पोल -1-- जजों की न्युक्तियो के नियम क्यों बदले -???
काँग्रेस राज मे जजों की नियुक्ति कैसे होती थी-- ??
--जजों की नियुक्ति का एक स्पेशल तरीका था,शायद आप को कोंग्रेसी नेता "सिंघवी" द्वारा "जज नियुक्त: करने का तरीका तो मालुम ही होगा,नही है तो - सीडी बाजार में उपलब्ध हो सकती है,या सुप्रीम कोर्ट के पूर्व चीफ जज श्रीमान मार्कण्डेय काटजू साहब के उजागर किये गये राज तो मालुम ही होंगे -- :--- निजी तौर पर फायदे में फ़ैसला देने वाले जजों को मलाईदार जगहों पर नौकरी के बाद भी -- नियुक्ति दी जाती थी --??--बहुत सबूत पड़े है ।
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तुमने क्या किया मोदी हमने तो सुना है की मोदी सरकार ने -जजों की नियुक्ति की 70 साल पुरानी निति और परम्परा को जनहित और देश हित में बदला गया |
*** क्या आज तक किसी कांग्रेसी ने ऐसा किया --??-
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पोल -2-- पिछले 67 साल से चला आ रहा मोटर व्हीकल एक्ट क्यों बदला --??
--भयंकर से भयंकर मोटरयान दुर्घटना में - दोषी वाहन चालक और वाहन मालिक को सिर्फ मामूली रकम के मुचलके पर जमानत मिल जाया करती थी - सलमान खान और उस जैसे भी बहुत से - बड़े घरों के लोग ने गाड़ियां शराब पीकर चलाई और पिछले 70 सालों में बहुत से लोगो को मारा भी है -- किसी के परिजन की मौत के दुःख का कोई भी व्यक्ति शब्दों में बयान नही कर सकता -- लेकिन एक आदमी मरो या चार लोग -- होता कुछ नही था -- क्यों --??--:
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तुमने क्या किया मोदी- हमने तो सुना है की मोदी सरकार ने --- अब चंद ही दिनों में नया सुधरा हुआ "मोटर व्हीकल एक्ट" आने वाला है |
*** आज तक किसी ने कोई -- इस तरह का सुधार किया --??--
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पोल -3-- जो आज तक किसी ने नही किया तुमने क्यों किया ????:--
रेलवे के एक खण्ड का - "जनरल मैनेजर" जब टूर पर निकला था तो,,जनरल मैनेजर अपनी १२ बोगी की स्पेशल ट्रेन "जीएम स्पेशल" लेकर चलते थे साथ में २००लोगो का स्टॉफ भी होता था ..और रेलवे स्टेशन पर किसी "महाराजा" की तरह स्वागत होता था ..ऐसा आज तक चल रहा था --- पूरी ट्रेन "पैसे दो पैसे" में चलती थी क्या --??अब जनाब को :--
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मोदी सर्कार ने क्या किया ....हमने तो सुना है की - दो सौ नही "दो आदमियों" का स्टाफ मिलेगा और आम आदमी के साथ सफर करना होगा ।
*** कहिये किसी ने किया ऐसा आज तक --??--ये सिर्फ मोदी ही कर सकते हैं .....
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पोल -4-- राम नाम और हिंदुत्तव से समझोता किया ??
जिस चीजों को "आज तक" दरकिनार किया गया,हिन्दुओं के "धर्म ग्रन्थ" और "हिन्दू शब्द" का इस्तेमाल करना और हिन्दुओं पूजा पद्दति और हिन्दुओं के वस्त्र धारण करना और "हिंदी भाषा" बोलना | आज तक तो सत्ताधारियों को हिन्दू आंतकवाद से खतरा ही नजर आता रहा है इस विषय पर बहुत लोगो के बयान सार्वजनिक तौर पर दिए हुए है -- ऐसा क्यों --??--आज तक हर नेता हिंदी भाषा से बचता आया है और कभी भी कोई भी हिंदी में नही बोला|
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मोदी तुमने ये क्या किया :-- आज का सत्ताधीश कहता है - मै एक हिन्दू राष्ट्रवादी हूँ और हिन्दुओं का मान बढ़ाते हुए दुसरे राष्ट्र के अध्यक्ष को "धर्म ग्रन्थ" भेंट भी करता है और दुसरे देश में जाकर उन्हें "मातृभाषा हिंदी" में सम्बोधित भी करता है...
*** क्या ऐसा आज तक किसी मुस्लिम परस्त ईसाई नतमस्तक कांग्रेस को देखा या सुना --??-------------------------------------------
पोल -5-- आज तक जो 70 साल से कोंग्रेस ने किया उसे क्यों रोका ??
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कोंग्रेस ने UNO नाम के जिस शत्रु जो 50 साल से अपने ही घर में बिठा रखा था वो पूरी दुनिया में भारत के खिलाफ रिपोर्ट देते थे...
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मोदी ने क्या किया *** ये बात को तो आप भी मानिये --*** इस सरकार ने - सारी सरकारी सुविधाये बंद करके - उन्हें देश से बाहर भगाया |
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पोल -6-- लोगों का कहना है - कोंग्रेस को देश की जनता ने बार बार हटाया, लेकिन जो दूसरी गैर-कोंग्रेसी सरकारे आई उन्होंने क्या सुधार किये :--
लेकिन सवाल यह है की जनता ने आजतक किसी भी अन्य दल को संवैधानिक सुधार के काबिल, बहुमत - नही दिया |
शायद आप जानते ही होंगे,किसी भी संवैधानिक सुधार के लिये, संसद दोनों सदनों में दो \ तिहाई बहुमत की जरूरी होती है...
मोदी क्या कर सकते हो....*** फिर बिना बहुंमत के किसी भी दल की कोई भी सरकार क्या कर पाती -??
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पोल -7-- सेना से बात करना ....देश द्रोह है पता है कांग्रेस करती थी...
70 सालों में आज तक -तीनों सैनाओं के प्रमुखों से कभी किसी सत्ताधीश ने बात करना भी उचित नही समझा जाता था |-??
--देश के भीतर और बाहर हमारे देश के शत्रुओं की कोई कमी थी क्या --??--आज ये बात सार्वजनिक हो चुकी है कि-- इतने बड़े और विशाल देश की विशाल फ़ौज के पास - गोला बारूद,, लडाकू जहाज और अन्य साजोसमान मात्र 20 दिन के युद्ध के लायक ही है,, तो जनाब -- भूगोल देखिये --छोटा सा जर्मनी और छोटा सा जापान -- 5-5 साल लम्बा "विश्व युद्ध" वो लोग कैसे लड़े थे | आज छोटा सा -- कोरिया और ईरान -- अमेरिका जेसी विश्व शक्ति को कैसे ललकारते है --क्यों --??-- और इजराइल के बारे में आप के क्या ख्याल है --
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मोदी ने क्या किया :-- सैना के तीनों अंगो के प्रमुखों से -- प्रधानमन्त्री की हर महीने एक निश्चित समय पर सीधी बैठक -- सैनाओं का मनोबल बढ़ाया जा रहा है और हर साजोसामान की आपूर्ति को सुनिश्चित किया जा रहा है |
*** ऐसा भी -- कभी आज तक - 70 साल में - किसी ने किया है --??--
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पोल -8-- आज तक हिंदुस्तान के शहीदों के हालात पर कुछ किया :--
--भारत की "आजादी" के किये अपने "प्राणों को न्योछावर" करने वाले "क्रांतिकारीयों" को भारत सरकार "शहीद" नही मानती थी और तो और हमारे "देशभक्तों" को "स्कूलों के पाठ्यक्रम" में "आंतकवादी" पढ़ाया जाता था -- क्यों --??--
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मोदी ने क्या किया :--- महान शहीद "भगत सिंह" के सिक्के इस सरकार के द्वारा जारी हो चुके है,अभी अभी "नेताजी सुभाषचंद्र बोस" के सहयोगी से देश का प्रधानमन्त्री जापान में "स्पेशल तौर" से मिल के आया है -- क्यों --??--
*** ऐसा आज तक किसी ने क्यों नही किया --??--
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-----------मोदी जी बहकाओ मत ये भी कोई काम है ...कुछ नहीं कर रहे तुम --------
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पोल -9-- सरकारी अधिकारियों की अय्याशी जारी है क्या :--
--आज तक सारे सरकारी "उच्च अधिकारीयों" की "सरकारी मीटिंगे" "फाईफ स्टार" होटलों में हुआ करती थी जब की देश पर "विदेशी कर्जा" बहुत है और देश "गरीबी और भुखमरी" भी बहुत है --फिर ऐसा करने का क्या "ओचित्य" था --क्यों --??--
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मोदी ने क्या किया :--- इस सरकार ने "उच्च अधिकारीयों" की सारी "हेकड़ी" बंद कर के आदेश दिया है कि -- अब "सरकारी कार्य" की मीटिंग "सरकारी भवनों" में ही होगी -किसी भी होटल में नही..
*** ऐसा कभी किसी भी सरकार ने नही किया -- क्यों --??--
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पोल -10-- हिंदुस्तान की माँ-मर्यादा के मुद्दे पर मोदी सरकार क्या किया :-
-- एक भूखेनंगे,,महा गरीब,,अप्रजातांत्रिक,,आंतकवाद और अराजकता से "त्रस्त देश" के लोग -- हमारे प्रधानमन्त्री को "एक देहाती औरत" की संज्ञा दे रहे थे, क्यों --??--
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मोदी ने क्या किया :--- आज पूरी दुनिया के "ठाकुर -- या कहे -- चौधरी" की छाती पर -- आज तक नही हुआ ऐसा आयोजन और जनासमागम होगा -- बराक ओसामा {ओबामा} सिर्फ औपचारिक भेंट नही -- एक बार नही "स्पेशली" दो बार मिलेगा --क्यों --??--
*** सवाल है ऐसा -- आज तक 70 साल से हमारा "दुश्मन" रहे "अमेरिका" ये बर्ताव क्यों कर रहा है --??--
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पोल -11-- काँग्रेस राज मे विदेश यात्रा में खर्च होने वाला सारा पैसा " बंद क्यों किया
--सौ सौ टीवी "पत्रकारों" की टोलियाँ - प्रधानमन्त्री के "विदेशी दौरों" में साथ चिपकी रहती थी-- वो "महंगी शराब" और वो "फाईफ स्टार" महंगे "होटलों" में ठहरना वो "मज्जेदार और लज्जिज खाना" -- वो "हवाई यात्रायें" -- हवा में ही प्रधानमन्त्री के साथ "शराब और खाना" सब कुछ उपलब्ध रहता था -- क्यों --??-
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मोदी सरकार ने क्या किया :--- इस सरकार ने एक ही झटके में सभी "भांड मंडली" को बाहर का रास्ता दिखा दिया,अब किसी भी "हरामखौर" की कोई जरूरत नही -- और -- अब हवाई जहाज में -- ना शराब ना कबाब --वो सब चीजे उपलब्ध नही होगी -- ऐसा "सरकारी आदेश" है --
*** आज तक --किसी ने ऐसा क्यों नही किया --क्यों ??--
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पोल -12-- नेताओ के बंगले पर कब्ज़ा नहीं हटाया कांग्रेस ने तो तुमको क्या पड़ी है
खेत की जमीन का नाप - एकड़ - के हिसाब से होता है- क्या आप जानते है :--
--जितने जितने "एकड़" में - दिल्ली में -- पूर्व मंत्रियों,,पूर्व मुख्यमंत्रियों,,पूर्व राज्यपालों,, पूर्व प्रधानमंत्रियों और पूर्व राष्ट्रपतियों की कोठियां और बंगले बने हुए है--उतनी जमीन -- "आसाम और बिहार और पंजाब" के आम "गरीब किसान" के पास खेती करने लायक भी नही है--सब "माल हराम" का-"अपने बाप" का मान कर - सभी कब्जा किये बैठे है..
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मोदी तुमने क्या किया :--- करीब 30 हरामखोरो के बिजली पानी के कनेक्शन परसों इस सरकार ने काट दिए..अगर फिर भी कब्जे नही खाली किये तो जुत्ते मार के भी भगाए जायेंगे --
*** आज तक किसी भी सरकार ने ऐसा क्यों नही किया --??--
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पोल -13--- गंगा के नाम पर कुछ किया ..>>>
आजतक फ़ैक्ट्रियों से गंदा पानी सालों से गंगा माता में डाला जा रहा था :--
मोदी कुछ लिया तुमने --गंगा को प्रदूषित करने वाले 46 उद्योग बंद किये गएवाराणसी, सितम्बर 17: पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि गंगा में गंदा पानी छोड़ने वाले 46 उद्योगों को बंद कर दिया गया है। जावड़ेकर ने कहा कि इसके अलावा 140 अन्य उद्योगों को नोटिस जारी किया गया है।
http://1nb.in/143278
*** ऐसा आज तक क्यों नही किया गया ?
------------मोदी जी बहकाओ मत ये भी कोई काम है ...कुछ नहीं कर रहे तुम -------
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पोल -14--- रेलबे पे कुछ बोल पाओगे मोदी ????
रेलवे के सटीक इंतजाम, अब चैन की नींद लें, नहीं छूटेगा आपका स्टेशन :--
--क्या कभी आपके साथ ऐसा भी हुआ कि आपकी आंख ना खुली हो और रेल गंतव्य स्टेशन से आगे निकल गई?
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मोदी ने क्या किया ---रेलवे के सटीक इंतजाम, अब चैन की नींद लें, नहीं छूटेगा आपका स्टेशन :-- http://goo.gl/i6GuBb
*** किसी के पास है जवाब --??--ऐसा आज तक क्यों नही किया गया ...
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पोल -15-- नौकर शाह को कंट्रोल कर पाए ....
**** देश की हालात के विपरीत ऐसा आज तक क्यों चलता रहा-??-आज तक किसी ने इस - नाजायज खर्चे को रोका क्यों नही --??--
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मोदी राज मे अब "फर्स्ट क्लास" में नहीं कर सकेंगे "हवाई सफर" नौकरशाह :---
--अपने खर्चों में केंद्र सरकार ने कटौती करने की तैयारी की है। इसकी शुरूआत नौकरशाहों के पर कतर के की जा रही है।
पूरी खबर पढ़ने के‌ लिए क्लिक करें----->http://goo.gl/ilM2B0
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पोल -16---रेलबे को कुछ सुधरा ...............
**** आज तक आधा किराया ही वापिस क्यों मिलता था --??--
मोदी सरकार में अब आपको ट्रेन छूटने पर भी वापस मिल जाएगा पूरा किराया :--
--- रेल या‌त्रियों के लिए खुशखबरी है। यात्री अब कन्फर्म टिकटों का पूरा पैसा ट्रेन छूटने के दो घंटे बाद भी ले सकेंगे। ये सुधार आज तक किसी ने क्यों नही किया --??--
पढ़िए, पूरी खबर------->http://goo.gl/zWL6Au
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पोल -17---कभी किसी की मदद की ..............
-9.11.2014 -- एक ट्विट पर मदद :- --अभी अभी मैंने ट्विट्टर पे देखा भाजपा उत्तर प्रदेश के हैंडल से एक ट्वीट आया कि भाजपा के एक कार्यकर्ता के पिता किसी ट्रेन से मुंबई जा रहे थे और उनकी ट्रेन में ही मृत्यु" हो गयी है और ट्रेन भुसावल पे है कोई "मदद" नहीं मिल रही ये अपील "सदानंद गोड़ा रेल मंत्री" को कि गयी थी कुछ ही...मिनट में "सदानद गौडा जी" कि ट्वीट आ गयी कि भुसावल के रेल "पोलिस इंस्पेक्टर महाजन" से संपर्क कर ले वो आपकी मदद करेंगे और उनका मोबाईल नो भी दियाइसका मतलब है कि भुसावल स्टेशन पे रेल मंत्रालय से इस मामले में फोन जा चूका है
कभी कोई मनमोहन सरकार में कल्पना कर सकता था कि एक केन्द्रीय मंत्री को एक ट्वीट लिख के बात बताई जा सकती थी ?
***** क्या ऐसा हुआ आज तक कभी --??--
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पोल -18---- बतौर प्रधान मंत्री किसी की मदद की
मोदी जी के एक फोन से :--- "श्री लंका" में "फांसी की सजा" पाये 2 मछुआरो की "सजा माफ़" -- और उन्हें मिली नई जिन्दगी.... ताजा समाचारों के अनुसार 2 नही 5 भारतीय कैदियों को जीवन दान मिल गया...
:---- http://bit.ly/1xXDDQ2 और http://bit.ly/1BMsZGR
***** क्या आज तक ऐसा कभी हुआ है --??-- और नही हुआ तो क्यों नही हुआ --??--
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पोल -19--- मंत्रिमंडल के सदस्यों के फिजूलखर्ची वाले परम्पराएँ क्या बंद करबा दी :---
मोदी सरकार ने --रेल राज्यमंत्री “मनोज सिन्हा” दिल्ली से अपने शहर गाजीपुर की यात्रा शाही ठाठबाट से रेलवे के “सैलून” में करते थे .. जैसे ही नरेंद्र मोदी को ये बात पता चली उन्होंने रेलवे को पत्र लिखकर उसका "पूरा खर्च" मंत्री जी के "सेलरी" से वसूल करके का आदेश दिया ...हलांकि इसके पहले रेलमंत्री हमेशा सैलून लेकर ही चलते थे... "लालू प्रसाद यादव" तो एक "स्पेशल ट्रेन" से चलते थे...
खबर साभार --आउटलुक
***** क्या आज तक ऐसा कभी हुआ है --??-- और नही हुआ तो क्यों नही हुआ --??--
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पोल -20---बिजनेस एसटीबलेशमेंट के लिए ओपेन विंडो क्यों खोली :--
*****----- किसी भी हरामी की औलाद ने -- कभी कोई काम सरल नही किया सिर्फ उलझने ही पैदा की --जिन लोगो ने अपनी कपंनीयों का रजिष्ट्रेशन करवाया है वो लोग जानते है कितनी बाधाये कोंग्रेस शासन ने खड़ी कर रखी थी..आखिर तंग होकर अफसरों को खुश करना ही पड़ता था
---मोदी सरकार ऐसी व्यवस्था करना चाहती है जिससे कंपनियों का रजिस्ट्रेशन एक दिन में हो जाए और इसके अलावा व्यापारियों को अन्य सहूलत प्रदान की जाए जिससे व्यापार करना आसान हो जाए।
पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें :- http://bit.ly/1Duh3z7
-- ऐसा क्यों था --??--------------------------------
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-----------मोदी जी बहकाओ मत ये भी कोई काम है ...कुछ नहीं कर रहे तुम --------
पोल -21--- भ्रष्टाचार पे कुछ किया --
***** आज तक सिर्फ भ्रष्टाचार को ही बढ़ावा क्यों दिया गया—कभी इसे “कम करने और रोकने” की कोई कोशिश क्यों नही हुई--??-
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मोदी सरकार ने --1 जनवरी 2015 से फार्मा कंपनियों की तरफ से डॉक्टरों को गिफ्ट के तौर पर “मेडिकल सैंपल, पर्सनल गिफ्ट, फ्री हॉलीडे प्लान” आदि नहीं दिए जा सकेंगे।सरकार से अनुसार यह “कंपनियों का प्रोडक्ट प्रमोशन” करने का गलत तरीका है, जिसे 1 जनवरी से बैन किया जा रहा है।
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पोल -22--- गाँव और संसद निधि से कुछ नहीं किया
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मोदी ने "सांसद ग्राम योजना" के तहत गोद लिए जयापुर गाँव की तस्वीर बदल दी :-
---आजादी के बाद पहली बार इस गाँव मे पिच सड़क बना, बैंक की शाखाएँ खुली । दलित परिवारों के पक्के मकान बनाए जा रहे है, जिसे "अटल-नगर" नाम दिया गया है। पिछले दिनों हिंदुस्तान टाइम्स मे छपी खबर के मुताबिक जयापुर के विकास के बाद वहाँ से युवाओं का पलायन बंद हो चुका और ये सारी उपलब्धि मात्र 6 महीने की है । इस "सांसद ग्राम योजना" के तहत लोकसभा और राज्यसभा के सभी पार्टी के सांसद एक-एक गाँव को गोद लेंगे और उसको मॉडल गाँव बनाएँगे ।
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पोल -23--- काँग्रेस के दामाद वाड्रा का क्या किया .....
मोदी सरकार ने ---रॉबर्ट वाड्रा से 400 बीघा जमीन वापस छीन ली गई है। अब क्या करेंगे वाड्रा? जानिए क्या था 400 बीघा जमीन का विवाद?
पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें------>http://goo.gl/3fiKNC
***** किसी के हलक में हाथ डाल कर कुछ निकालना ये पहली बार मोदी सरकार मे ही संभव हुआ है --
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पोल -24 --- कुछ नया किया ...................
मुंबई में 3 माह के अंदर चलेंगी वाटर बसे :- on January 2, 2015 न्यूज़ लिंक :-http://bit.ly/1BMBt0J
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पोल -25 ---किसी गरीब की मदद की
एक नागरिक के बहिन की शादी के लिये भी भेजे पत्र पर सुनवाई :- http://bit.ly/19TIcwz
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----------मोदी जी बहकाओ मत ये भी कोई काम है ...कुछ नहीं कर रहे तुम --------
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पोल -26 --- बिजली के लिए कुछ किया ????
बिजली बचत के लिये मोदी सरकार की नई योजना :-
--L.A.DLaunched scheme for LED bulb distribution for Delhi & a National Programme for LED-based Home & Street Lighting. इसके तहत 10 रुपए की कीमत पर 2 LED बल्ब हर परिवार को मुहैया कराई जाएगी । माना जा रहा हा की इस से 60-70 % बिजली की बचत देश मे की जा सकेगी ।
न्यूज़ लिंक :- http://nm4.in/1AoIh6R
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पोल -27 --- मानवता के हत्यारों का क्या ????
बेअंत सिंह का हत्यारा थाईलैंड में गिरफ्तार। आप को हत्यारा याद तो होगा --??--
न्यूज़ लिंक :- http://bit.ly/1CNca3B और http://bit.ly/19K18QS
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पोल -28 -- सेना को क्या तोहफा सरकार की तरफ से :-
-- एक रेंक एक पेंसन ---ये सेना की बहुत पुरानी मांग थी, जिसे आजतक किसी भी सरकार ने कभी नही मानी --न्यूज़ लिंक :- http://bit.ly/1EE1JBB
***-फिर आखिर मोदी ने ही कदम उठाया ?--
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पोल -29 --- सुना है विदेश में रहते है
विदेश में देश के किये सम्बन्ध के सुधर पर जोर दिया नतीजा हिंदुस्तान महाशक्ति बनने जा रहा है :- --सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता का प्रस्ताव अमेरिका ने रखा है, फ्रांस और चीन जैसे देशों ने भी समर्थन का वादा किया है ।
न्यूज़ लिंक - http://bit.ly/1MAgzNQ
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पोल -30 -- कश्मीर में जीते मगर क्या किया ???
कश्मीर में कांग्रेस ने पूरी घाटी को हिन्दू विहीन कर दिया था मगर
मोदी सर्कार ने आते ही ....तीन हज़ार नौकरियां दीं जाएँगी कश्मीरी विस्थापितों को :-
---जम्मू-कश्मीर से बिस्थापित कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास के साथ उनके रोजगार के लिए जम्मू कश्मीर में प्रधान मंत्री रोज़गार योजना में...कुछ लोग कहते है कि इन विस्थापितों को नहीं लेनी चाहिए ये नौकरियां, क्यूंकि बीजेपी ने पीडीपी से समझौता करके सरकार बनाई है ?? थोडा सोचो मेरे भाइयों ,, पूरे भारत में जो हैं कश्मीरी विस्थापित उनके लिए काम करने वाली सरकार आयी है और उसे ये करना ही पड़ेगा यानि मुफ़्ती को । घाटी की सुरक्षा और इन विस्थापितों की सुरक्षा की अच्छी उम्मीद तो हम डोभाल जी से कर ही सकते हैं ।
न्यूज़ लिंक :- http://bit.ly/1yAp93o
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पोल -31 -- सरकारी कर्मचारी और दलाल पत्रकार की घुसपैठ पर क्या किया
मोदी सर्कार ही थी जिसके कारन देश के दलाल पकडे जा रहे हैं नीचे से लेकर ऊपर तक :-
---चार्टर्ड अकाउंटेंट, सीनियर अधिकारी नप रहे हैं जासूसी काण्ड में ,,बड़ी बड़ी मछलियाँ भी आ रही हैं शिकंजे में ,,विदेशी कंपनियों को भी बेचे जाते थे ये गोपनीय दस्तावेज़ । न्यूज़ लिंक :-http://bit.ly/1BMIhLN और http://bit.ly/1Hj9Yk8
विदेश से धन प्राप्त करने के सिलसिले में 1142 NGO के लाइसेंस रद्द कर दिये गए । न्यूज़ लिंक :- http://bit.ly/1bPBv2P
-----------मोदी जी बहकाओ मत ये भी कोई काम है ...कुछ नहीं कर रहे तुम --------
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पोल -33 -- मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद पे लगाम है क्या
ये मोदी का डर था मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद अपने बयान से पलट गए हैं :---कश्मीर में शांतिपूर्ण भारी मतदान के लिए उन्होंने पहले अलगाववादियों, आतंकियों और पाकिस्तान को श्रेय दिया था। अब उन्होंने इसके लिए चुनाव आयोग, सुरक्षा बलों और कश्मीर के लोगों को श्रेय दिया है। विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा का उत्तर देते हुए मुफ्ती ने कहा कि निष्पक्ष चुनाव से लोकतंत्र को मजबूती मिली है।
न्यूज़ लिंक :- http://bit.ly/1EE8Cmw
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पोल -34 -- मुसलमनो के लिए अलग बैंक कांग्रेस की सोच थी
मोदी सरकार ने रोका SBI के “इस्लामिक फंड” को :- शरीयत कानून के तहत SBI मे एक इस्लामिक बैंक बनाने की कोशिश को नाकाम किया मोदी सरकार ने ।
न्यूज़ लिंक :- http://bit.ly/1F2L9X3
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पोल -35 -- देश और देश के नागरिकों का कद बढ़ा क्या :-
कांग्रेस के राज में तो आज तक विश्व में कहीं भी भारतीयों की कोई कीमत नही थी....
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मोदी राज में अमेरिका में अब हिन्दुओं और सिखों पर हुए हमले FBI की जांच पर रहेंगे । हाल मे सीरिया और यमन मे फसे भारतियों को सकुशल वापस लाने मे सफल रहे । मोदी ने अपने कद का इस्तेमाल करते हुए इसे संभव बनाया ।
न्यूज़ लिंक :- http://bit.ly/1bPBFah
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पोल 36 - भ्रस्टाचारी की संपत्ति का क्या ...
कोयले घोटाले के आरोपी जिंदल से रिश्वत लेने के मामले में कौल राज्य मंत्री दसहरी राव से 2 करोड़ की संपत्ति और 2g घोटाले के आरोपी मारन की 742 करोड़ की संपत्ति जप्त की
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...मुद्दे अभी बहुत है इसकी पोल खोलने के लिए ,,.....समय के साथ बहुत पोल खुलना बाकी है ...
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क्या आपके पास कोई पोल है तो लिखिए ..हम उसे लेख में सामिल करेंगे ...
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आभार लेखक -- गिरधारी भार्गव जी के लेख को सम्पादित कर कुछ अंश लिए गए

Wednesday, 1 April 2015

बच्चे नहीं, बल्कि प्रतिभा परीक्षण का हमारा "सिस्टम" खराब है... 

(प्रस्तुत पोस्ट भाई Ajit Singh - https://www.facebook.com/SinghCorpt की फेसबुक वाल से साभार ली गई है. अजीत सिंह एक मस्तमौला लेखक हैं जो दिल से लिखते हैं तथा अपनी लेखनी में हिन्दी शब्दों की शुद्धता अथवा व्याकरण आदि की कतई परवाह नहीं करते. अजीत सिंह, माहपुर में "मुसहर" बच्चों के लिए अपने NGO "उदयन" के तहत एक स्कूल भी चलाते हैं... मैं अजीत सिंह जी की इस पोस्ट को बिना किसी सुधार के जस का तस रहने देना चाहता हूँ, ताकि अन्य पाठक भी देखें-समझे-जानें कि लिखने के लिए भाषा की नहीं "दिल" की जरूरत होती है, हिन्दी-अंग्रेजी की खिचड़ी, देशज शब्दों के उपयोग के सहारे भी कोई शानदार लेख लिख सकता है, उसके लिए किसी को लेखक होना जरूरी नहीं है, बस आँखें-कान खुले हों और मन में तड़प हो). 
पूरा पढ़िए और एक सच्चाई से रू-ब-रू होने का आनंद लीजिए... 


सावधान, आपके आसपास ज़मीन में चाईनीज बाँस गड़े हुए हैं. 
दोस्तों........अपने लेख कई बार मैं एक कहानी सुना के शुरू करता हूँ जो ज़्यादातर काल्पनिक होती है ....आज फिर एक कहानी सुना रहा हूँ ,,,,,पर ये काल्पनिक नहीं है. यह एक सच्ची घटना है .........काफी पुरानी बात है ...एक लड़की थी ........बचपन में एकदम सामान्य ........सामान्य से घर में जन्मी थी .अक्सर बीमार रहती थी .....बचपन में पैर जल गए ...महीनों बिस्तर में पड़ी रही ....dull सी personality थी ......स्कूल जाने लगी ......पढने में शुरू से ही dull थी ....बाकी activities में भी कोई बहुत अच्छी नहीं थी .........सो ऐसे बच्चों को स्कूल में भी कोई विशेष प्रोत्साहन नहीं मिलता ..........वो अक्सर back benchers बन के रह जाते हैं ...स्कूल के गुमनाम चेहरे ........तो साहब उसके जीवन में शुरू से ही एक सिलसिला शुरू हो गया ....fail होने का ......हर टेस्ट में fail .....क्लास टेस्ट में ...fail ....unit टेस्ट में fail ....half yearly ....fail ...annual exam ...fail ....अब CBSE बोर्ड की कोई policy है शायद की पांचवीं तक किसी को fail नहीं करना है ...उसे अगली क्लास में promote कर देना है ...... सो वो fail होते होते 6th में पहुँच गयी ........अब साहब fail होना तो उसका जैसे trade mark हो गया था सो वो 6th में भी fail हो गयी ......

इस बीच ऐसा भी नहीं था की घर वालों ने कोई कोशिश नहीं की ...पर तमाम कोशिशों का कोई रिजल्ट नहीं निकला ....और ये भी नहीं की स्कूल वालों का कोई दुराग्रह था क्योंकि स्कूल तो उसका हर 2 या 3 साल में बदल जाता था ....खैर जब 6th में भी फेल हो गयी तो इस बार promotion नहीं हुआ ...उसी क्लास में रोक दी गयी ......घर वालों ने हाथ पाँव जोड़ के किसी तरह अगली क्लास में promote कराया .......और इसी तरह वो लुढ़कते पुढ़कते .......consistently and persistently ....हर एक टेस्ट में fail होती हुआती 10th में पहुँच गयी .......अब CBSE बोर्ड के exam में कौन सी सिफारिश चलनी थी सो वहां भी उसने असफलता का झंडा गाड़ दिया .....यानी 10th में भी फेल.......... 

अब आप ये बताइये की क्या किया जा सकता है ..........एक बच्चा जो लगातार 10 साल तक रोजाना fail हुआ उसका क्या किया जा सकता है .....कभी सोच के देखा है ????????? 10th fail लड़की का क्या future होता है ....आइये मैं बताता हूँ...
१) वो 11th में admission नहीं ले सकती .इसलिए BA का भी कोई चांस नहीं ......
२) वो सारी जिंदगी 10th fail कहलाएगी .
३) उसे कोई सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी .....चपरासी की भी नहीं .....अब तो फ़ौज में भी भर्ती नहीं हो सकती ...वहां भी 10th पास मांगते हैं .....
४) उसकी शादी किसी अच्छे, पढ़े लिखे well settled लड़के से नहीं होगी .... अजी 10th फ़ैल लड़की से कौन शादी करना चाहता है आजकल .....
५) कहने का मतलब उसका future ख़तम ......

आइये अब ये देखते हैं की ऐसे बच्चे ,जो की पढ़ाई में dull होते हैं उनके साथ क्या होता है समाज में ........रोज़ रोज़ का तिरस्कार .....teachers की रोज़ रोज़ की डांट फटकार ...कई बार तो मार पीट .....हर रोज़ हर subject में failure का ठप्पा ......ऊपर से घर में डांट .... उन्हें पूरी तरह नकारा ...निकम्मा ...कामचोर ....नालायक ....मान लिया जाता है ........सहपाठियों द्वारा तिरस्कार ,दुत्कार ....ऐसे बच्चों से अक्सर तेज़ तर्रार बच्चे कोई मेल मिलाप नहीं रखते .......और वो और ज्यादा dull होते चले जाते हैं .......उन्हें एक ऐसे सिस्टम ने failure ...नकारा घोषित किया है जो की एक फूल प्रूफ सिस्टम माना जाता है ........जो हर साल लाखों करोड़ों बच्चों का मूल्यांकन करता है ...सैकड़ों साल पुराना एक जांचा परखा सिस्टम है .......अब आप यूँ समझ लीजिये की जौहरियों की एक संस्था जो हर साल लाखों पत्थरों का मूल्यांकन करती है ,उसने एक पत्थर का 10 साल मूल्यांकन कर के उसे पत्थर घोषित कर दिया और बाकियों को हीरा तो ऐसी संस्था के ऊपर शक भी कैसे किया जा सकता है .......तो साहब अब आप कल्पना कीजिये की उस लड़की का क्या हुआ होगा .... ज्यादातर लोग यही कहेंगे की शादी कर के बच्चे पाल रही होगी ........ 

तो सुनिए साहब ....जिस दिन उस लड़की को certified नाकारा यानि failure ....... घोषित किया गया ,उसके ठीक 10 साल बाद वो लड़की राष्ट्रपति भवन के दरबार हॉल में ....हिन्दुस्तान की नामचीन और महान हस्तियों की तालियों की गडगडाहट के बीच , अपने क्षेत्र में सर्वोत्कृष्ट सेवाओं और उपलब्धियों के लिए ...देश का सबसे बड़ा पुरस्कार ,खुद महामहिम राष्ट्रपति जी के हाथों से प्राप्त कर रही थी .......उस लड़की का नाम है भारती सिंह ......और उसे मैं इसलिए जानता हूँ क्योंकि वो मेरी सगी छोटी बहन है ..........और मैंने उसे प्रतिदिन ......असफलता से आगे निकल कर सफलता की बुलंदियों तक पहुँचते देखा है .......भारती ने 1996 में भारत का sports का सर्वोच्च पुरस्कार ..."अर्जुन पुरस्कार" प्राप्त किया और वो अपने करियर में विश्व के सबसे महान weightlifters में गिनी गयीं ...और उन्होंने world championship और Asian games में कई पदक जीते ......Olympics में उन दिनों Women Weightlifting नहीं थी ....नहीं तो वहां भी मेडल जीतती .उन्होंने हाल ही में CISF से ASSISTANT COMMANDANT के पद से Voluntary Retirement लिया है ...अगर वो अपनी पूरी नौकरी करती तो शायद DIG या IG बन के retire होतीं ......अब सोचने वाली बात ये है की आखिर गड़बड़ कहाँ हुई इस कहानी में ...और भारती सिंह की लाइफ में turning point कहाँ से आया . 


गौर से देखने पर पता लगता है की वो जीवन में कभी भी एक dull या failure बच्चा नहीं थी ...दरअसल हमारा सिस्टम उसको गलत पैमाने से नाप रहा था .........अब साहब अगर आपको Quadratic Equation ...और Trignometry नहीं आती तो आप fail .......अगर आप लिखने में Spelling Mistake करते हैं तो आप fail .....सूर्य ग्रहण कैसे लगता है ... ये आपने रटा नहीं है तो आप fail .......फिर आपमें चाहे जितनी भी प्रतिभा है ....चाहे आप किसी अन्य field में विश्व की महानतम हस्ती बनने की क्षमता रखते हों ..........पर चूंकि आपको quadratic equation नहीं आती इसलिए आप फेल ...और आपका future ख़तम .......हमारे education system ने तो आपको fail यानी नकारा घोषित कर दिया है .......अब आप ऐसा करो सब्जी की रेड़ी लगा लो सड़क पे.. 


(चित्र में बाँए से तीसरी भारती सिंह... अर्जुन सिंह एवं राष्ट्रपति शंकरदयाल शर्मा के साथ)

कायदे से होना तो ये चाहिए कि सिस्टम उस बच्चे का मूल्यांकन करे और यह बताये की बेशक इस बच्चे को Trignometry नहीं आती ..और ये Shakespeare के नाटकों पर निबंध नहीं लिख सकता ...पर इसमें ... xyz field में अपार क्षमता है लिहाजा इसे 10th में पास किया जाता है और आगे पढने की इजाज़त दी जाती है ...इसे आगे इस इस field में पढाई करनी चाहिए ...... अब मुझे आप ये बताइये की भारती सिंह के केस में ...भारती सिंह fail हुई या भारती सिंह का मूल्यांकन करने में हमारा education system fail हुआ ..... दरअसल भारती सिंह तो एक विलक्षण प्रतिभा की धनी थीं ...पर उस प्रतिभा को पहचानने में हमारे अकादमिक महारथी और हमारा अकादमिक सिस्टम fail हो गए और खामखाह 10 साल तक उस बेचारी बच्ची को परेशान करते रहे ...उसे दुत्कारते रहे ..........अब ये तो उसकी हिम्मत थी की उसने हार नहीं मानी और तमाम विपरीत परिस्थितियों में भी संघर्ष करती रही और एक दिन दुनिया के शीर्ष पर विराजमान हुई .......पर न जाने ऐसी कितनी भारती सिंह होंगी इस दुनिया में जिसे ये सिस्टम अपने पैरों तले कुचल देता है.

यहाँ एक बात मैं और साफ़ कर देना चाहता हूँ की अपने Professional Career में भारती ने सिर्फ sports में ही excell नहीं किया बल्कि हर field में टॉप किया ..........कॉलेज से BA किया 2nd division ...बढ़िया अंग्रेजी बोलती है .........फिर CISF में सब इंस्पेक्टर के पद पर ज्वाइन किया और promotion ले कर Assistant Commandant तक पहुंची .......300 से 500 मर्दों की कंपनी को सफलता पूर्वक कमांड किया .....लखनऊ .जोधपुर और दिल्ली के International Airports की security की incharge रही और इस दौरान लीडरशिप की मिसाल पेश की ....अपने करियर के दौरान उन्होंने कुछ ऐसे cases solve किये जहाँ उनकी intelligence को देख के उनके senior officers दंग रह गए, CISF की ट्रेनिंग की passing out parade में बेस्ट कैडेट घोषित हुई और परेड को command किया .......1 किलोमीटर लम्बे मैदान में हजारों Dignitries की भीड़ के सामने 1500 officers को command देना कोई हंसी खेल नहीं होता ....अच्छे अच्छों की टांगें कांपने लगती हैं ......जब वो retirement लेने लगी तो उनके एक senior ऑफिसर ने कहा था की आप गलती कर रही हैं ...अगर आप पूरी नौकरी करेंगी तो IG बन के retire होंगी .........विचारणीय विषय ये है की हमारे education system ने शुरू में ऐसी विलक्षण प्रतिभा को पहचानने में चूक कैसे कर दी ........क्या ये सिस्टम ऐसी ही हज़ारों लाखों प्रतिभाएं हर साल नष्ट कर रहा है ......मैं अक्सर ये प्रश्न अपने व्याख्यानों में उठता हूँ ........तो कुछ लोग इसका ये जवाब देते हैं की आप जिस सिस्टम की इतनी आलोचना कर रहे हैं वही सिस्टम विश्व स्तरीय प्रतिभाएं पैदा भी तो कर रहा है ....तो इसका जवाब ये है मेरे दोस्त ...की खराब से खराब सिस्टम भी कुछ results तो देता ही है ....100 किलो सरसों में 35 किलो तेल निकलना ही चाहिए ........अब अगर एक कोल्हू 20 किलो निकालता है तो आप उसे 20 किलो के लिए शाबाशी देंगे या उससे उस 15 किलो का हिसाब मांगेंगे जो waste हो गया.. 


यहाँ मैं ये बता दूं की इस success स्टोरी में उनके parents का क्या role रहा ....पहले तो उन्होंने उसे किसी तरह (व्याख्या करने की ज़रुरत नहीं है ) 10th पास कराया .अब चूंकि उसका maths और science से पिंड छूट गया इसलिए आगे पढ़ाई में कोई समस्या नहीं हुई .दुसरे जब उसे इतने सालों तक नाकारा घोषित किया जाता था तब उसके parents रोजाना ground में ये सिद्ध करते थे की देखो ...you are the best ...तुम तो यहाँ दौड़ में लड़कों को भी हरा देती हो ...you are the best ......तुम तो एक दिन world champion बनोगी ........और वो रोज़ इसी तरह जीतती रही ...रोज़ शाम को उसके लिए तालियाँ बजती थीं ......शाम को वो दिन भर का अपमान और तिरस्कार भूल जाती थी .........और इसी तरह धीरे धीरे ..एक दिन वो सचमुच world champion बन गयी ...... ज़रा कल्पना करें ...अगर उसके parents भी स्कूल वालों की तरह उसे नाकारा मान लेते तो ??

Moral of the Story

1 ) अगर आपका बच्चा आज पढने में कमजोर है तो ,निराश न हों .......वो कल का Thomas Alva Edison हो सकता है .

2 ) सब बच्चों को 9 नंबर का जूता पहना के मत दौड़ाओ ...........भाई मेरे सबके पाँव छोटे बड़े होते हैं .......आखिर एक ही question paper और एक ही syllabus से सारे देश के बच्चों का मूल्यांकन कैसे किया जा सकता है .......
3 ) 20 किस्म का बीज एक साथ खेत में डाल दोगे ...तो ध्यान रखो सबका जमाव एक साथ नहीं होगा .........मूंग तीसरे दिन जम जाएगी ,आम १५ दिन बाद निकलेगा ,सूरन ( जिमीकंद, yam ) दो महीने बाद जमेगा और chinese bamboo ...... 2 साल बाद निकलेगा ... इसलिए आपको कोई हक़ नहीं की आप उस बेचारे Chinese Bamboo को निकम्मा ,नाकारा या failure घोषित करें ......क्योकि आपको पता होना चाहिए की Chinese Bamboo बेशक शुरू में थोडा ज्यादा टाइम लेता है Germination में ,पर जिस दिन वो जमीन तोड़ के ऊपर आ जाता है तो सिर्फ 7 हफ्ते में 40 फुट लम्बा हो जाता है ........
सावधान : कृपया ध्यान दीजिये .....आपके इर्द गिर्द ज़मीन में ,आपके घर में , स्कूल में या समाज में .........कुछ Chinese Bamboo गड़े हो सकते हैं ....कृपया उन्हें अपने पैरों तले न कुचलें .......क्योंकि एक दिन वो जमीन तोड़ के बहार आने वाले हैं... 

है ना अदभुत... तो अकेले-अकेले मत पढ़िए... इसे दूसरे मित्रों से शेयर कीजिए... 
 हिन्दुओ को
गुलाम और हिंदुस्तान को इस्लामिक कन्ट्री बन्ने का
जीता जगता उदहारण है धारा 28,29,30A है |
इन धरो में साफ लिखा हुआ है की मुस्लिम स्कूल में
कुरान पढ़ाया जा सकता है, इसाई स्कूल में बाइबिल पढ़ाया जा सकता है,
मगर किसी भी हिंदी स्कूल में
वेद, गीता या रामायण नहीं पढ़ाया जा सकता।
ऐसा मैं नहीं कह रहा, यह संविधान की
धारा 28,29,30A में लिखा है। यह हिन्दू और हिन्दू संस्कृति को
नष्ट करने का कांग्रेसी षड्यंत्र है। इसमें ये लोग
सफल भी हो रहे हैं।।
ईसाई मिशनरी की एक शाखा जिसे रोमन
केथोलिक कहते है, वह धर्मं प्रचार के लिए कितना खर्च करते है
यह इस post में देख सकते हैं। फिर मालूम पड़ेगा कि हिंदू कितने
कंगाल है, पैसे से नहीं, धर्म के प्रति सेवा और
समर्पण की भावना से। इनको सेवा करना कम बल्कि
आपस में लड़ना, एक दूसरे को नीचा दिखाना, अधिकार
मिलते ही दूसरे की औकात टटोलना
ही सर्वोपरि धर्म मालूम पड़ता है। अपनी
तुच्छ सोच, संकीर्ण मानसिकता, हीन भावना
से ऐसे ग्रस्त हैं कि इनको उठाने वाले ही पतित नजर
आते हैं। ऐसे हिंदुओं की रक्षा भगवान भी
नहीं कर सकते। दुर्योधन के पास ११
अक्षौहिणी सेना थी तो पांडवों के पास ७
अक्षौहिणी सेना थी तब भगवान
उनकी रक्षा कर सके। यदि एक
अक्षौहिणी
सेना होती तो भगवान पांडवो को नमस्कार करके चले जाते।
ईसाई लोगों की संस्था एक साल में १४५,०००,०००,०००
डॉलर खर्च कर सकती है और हम? धन्य है
हमारी सेवा और समर्पण की भावना को?
शायद ये बात भी किसी को हजम
भी न हो क्योंकि हाजमा ही खराब हो गया
है तो क्या किया जाये
जागो हिन्दू काँग्रेसी षढयन्त्र को पहचानो "मुसलमान
स्कूलोँ मेँ कुरान पढा सकते हैँ ईसाई बाईबल पढा सकते हैँ लेकिन
हिन्दू वेद. गीता ,रामायण की धार्मिक शिक्षा
नहीँ दे सकते" धारा 28,29,30A

आखिर ये इल्लुमनिती है क्या बला??

आपको बताते है वो गुप्त रहस्य जिसे उजागर करने वाले अधिकतर लोगो की हत्या 
की जा चुकी है या फिर उनको गुमनामी की ज़िन्दगी जीने पर मजबूर कर दिया गया है .. . 
ILLUMINATI अर्थात प्रबुद्ध या सबसे अधिक बुद्धिमान लोगों का समूह .. बहुत से मित्रो
को ये भी नहीं पता होगा की आखिर ये इल्लुमनिती है क्या बला??
इल्लुमनिती दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोगो का एक सीक्रेट संगठन है, जो की पूरी
दुनिया पर कब्ज़ा करना चाहता है, इसके मुख्य उद्देश्य है पूरी दुनिया में बिना किसी बॉर्डर
के सभी देशो में एक मुद्रा एक संस्कृति, एक सभ्यता, एक जाति विशेष का एकछत्र
साम्राज्य हो, इसके लिए इन्हें जनसख्या पर भी नियन्त्रण करना है, जिसका एक ही एक उपाय है, लोगो का जातीय सामूहिक संहार, फिर चाहे वो प्रथम विश्व युद्ध करवाना हो या
द्वितीय या भारत पाक युद्ध या फिर वियतनाम अमेरिका युद्ध, या अफगानिस्तान पर अमेरिकी हमला, या अब तीसरे विश्वयुद्ध के साथ साथ जल-युद्ध और परमाणु युद्ध की
तयारी इस संगठन पर वर्तमान में यहूदियों और कुछ सीमा तक ईसाईयों का कब्ज़ा है, यहूदियों से इसलिए क्यूंकि अमेरिका में भी उन्ही का दबदबा है और इल्लुमनिती को अधिकतर फण्ड वही से मिलता है, पूरी दुनिया में इल्लुमनिती का सबसे बड़ादुश्मन, शत्रु है हिन्दू, जी हाँ, सनातन धर्म इल्लुमनिती का सबसे बड़ा शत्रु है,किसी भी देश में कोई भी सत्ता बिना इनके हस्तक्षेप के नहीं चल सकती,शायद कुछ लोगो को ये बात हजम न हो, पर
भारत में कोई भी सरकार चाहे वो आ चुकी है या आने वाली है वो इन्ही के इशारों पर चली
है और चलेगी…इनका सबसे बड़ा प्रोजेक्ट एक और है,एक फिल्म है the resident Evil और भारत में बनी हुई Go Goa Gone, इन सभी में एक ही समानता है, लोगो को वायरस द्वारा अर्द्धमृत कर देना और उनकी बुद्धि पर नियंत्रण करना,इलुमनिती वायरस
द्वारा भी माध्यम व् गरीब लोगो का समुहिक संहार करने के प्रोजेक्ट पर काम कर रही
है और इसके लिए उन्होंने लोगो के मन में डर बैठाने के लिए हॉलीवुड और बॉलीवुड का सहारा लिया है, उपर लिखे २ नाम तो केवल एक मोहरा है, लिस्ट काफी लम्बी है, जिस वायरस पर इल्लुमनिती संगठन अब तक कार्य कर रहा है उसका केवल एक ही तोड़ है और
वो है यज्ञ, यज्ञ न केवल हानिकारण किरणों, गैसों, बल्कि जैविक परमाणु और अन्य रासायनिक हथियारों को आराम से निष्क्रिय कर सकता है, चावल जो की सबसे अच्छा anti-atom पदार्थ है, इसकी यज्ञ में आहुति से पूरा वातावरण परमाणु विकिरण से मुक्त हो जाता है, इसके अतिरिक्त और भी हजारो ऐसे पदार्थ या हवन सामग्री में प्रयोग होने वाले तत्व है जो इनसे मुक्ति दिला सकते है, इलुमनिती का सबसे मुख्य कार्य इस समय सनातन
धर्म को ही समाप्त करना है, इसके कारण बहुत है – पहला सनातन धर्म में अध्यात्म और ईश्वरीय तत्व, जहाँ अध्यात्म व् ईश्वरीय आभास होगा वहां पर पैशाचिक विचारो का होना असंभव है, सनातन धर्म को समाप्त करने के लिए ही इस्लाम और ईसाईयत को पुरे देश में इल्लुमनिती द्वारा बढ़ावा दिया जा रहा है, जिस कारण बड़े पैमाने पर मुसलमानों द्वारा धर्मान्तरण, लव जिहाद, दंगे आदि हो रहे है,इमुलानिती का उद्देश्य किसी विशेष समुदाय
का समर्थन नहीं करना है, केवल अपने लाभ के लिए ये एक मजहब के दुसरे मजहब के विरुद्ध प्रयोग करते है सबसे पहले इल्लुमिनाती का इतिहास जानिए
गोड (god)कौन है किसी को मालुम नही पर उसने एक बार अब्राहम को पास बूला कर कहा की तूझे और तेरी संतानों को पूरी पृथ्वि आशिर्वाद के रूप में देता हुं । तब से अब्राहम अपने आप को पूरी पृथ्वि का मालिक समजने लगा, और अपने बच्चों को भी बताता रहा ।
अब्राहम जिस जीवन शैली से रहता था उसे यहुदी धर्म कहा गया । कुछ पिढियों के बाद
उस के विशाल परिवार वैचारिक हिस्से में बंट गया । इसा नाम के आदमी ने दावा किया की मैं गोड की पसंद हुं मै कहता हुं ऐसे जीना है और वो ही हमारा धर्म है, और इसाई धर्म की स्थापना कर दी । मोहम्मद नाम का आदमी बोला मै ही खूदा की पसंद हुं, मैं कहुं वो ही धर्म है, और इस्लाम की स्थापना हो गई ।
ऐसे एक संप्रदाय से तीन तीन संप्रदाय पैदा हुए
1 यहुदी
२ इस्लाम
३ इसाई,
और तीनों दावा ठोकने लगे हम लोग ही उपरवाले की पसंद है, हमें ही पृथ्वि भेंट में मिली
है, हमे ही उस पर राज करना है । पृथ्वि पर अधिकार के लिए इस्लाम और इसाई प्रजा क्रुजेड और जेहाद के नाम पर सदियों तक कटती रही । यहुदी प्रजा यहुदी प्रजा जगत की अन्य प्रजा की तरह इन दोनों की शिकार होती रही, साथ में अलग तरिके से मजबूत बनती रही । अपना सारा ध्यान व्यापारमें लगा दिया और आज की तारिख में धन के बल पर उसी प्रजा ने साबित कर दिया की गोड की पसंद के लोग वही है और उसे ही राज करना है
जी हा, हमारे बन बैठे मालिकों की बात लिख रहा हुं । ये मालिक ब्रिटन के राज महेल से दूर अपना ही एक अलग छोटासा टाउन बना के रहते थे । इस टाउन की नीव इसा की पहली सदी में रोमन व्यवसायीयों ने डाली थी । युध्ध होते रहे, राज परिवार बदलते रहे । हजर साल पहले, सन १०६७ राजा के साथ समजौता किया । इस टाउन के नागरिक राजा के वफादार रहेंगे, राजा को जितने भी धन की जरूरत पडे, ये नागरिक देंगे लेकिन शरत इतनी की राजा कभी भी उनके काममें कोइ दखल न दे, राजा का कोइ भी कानून इस टाउन को लागू नही होने चाहीए । लंडन शहर के बिचो बीच आज भी ६७७ एकर का
एक छोटासा ८००० की आबादीवाला स्वतंत्र देश “सिटी ओफ लंडन कोर्पोरेशन” मौजुद है ।
इस सिटी के आदमी इस सिटी से बाहर ब्रिटन की कीसी भी संस्था में बडे पद पर लग जाता है लेकिन बाहर का आदमी इस सिटीमें कभी बडे पद पर नियुक्त नही होता । ब्रिटन की पार्लमेंन्टमें भी चुन के जाते है लेकिन वहां का कानून लागु नही होता । इन का राज परीवावार से सिधा संबंध है । दिनमें बाहर से दो ढाई लाख आदमी बाहर से काम के लिए आ जाते हैं । विश्व की ५०० बेंकों के, बडे बडी कंपनियो के हेडक्वोर्टर्स यहां पर है ।
१=युनो(uno), अमरिका का डिस्ट्रिक्ट ओफ कोलंबिया (जो अमरिका के कंट्रोलमें नही है),
2=नाटो की सेना,
३=युरोप के १३ राज घराना और अति घनवान परिवार,
४= कमिटी-३००, इन सब के अधिकारियों की मिटिन्ग, सबके निर्णय इस सिटीमें लिये जाते हैं ।
इनके काम ====
दुनिया के देशों में किसे प्रमुख बनाना चाहिए किसे पद से उतारना है यहां तय होता है ।
वेटिकन सिटी में किसे पोप बनाना है निर्णय ये लोग लेते हैं ।सारी दुनिया को कैसे हेंडल करना है वो सारे निर्णय यहां होते है । एक तरिके से पूरी दुनिया पर इस सिटी का राज है । न्यु योर्क का वोलस्टीट इस का ही एक हिस्सा है । यहां यहुदी ही रह गये हैं ऐसा नही है अब सारे धनपति आ गये हैं, जिनका स्थापित धर्म के साथ लेना देना नही है । उनका अपना मॅसोनिक धर्म है । सिटी के बीचमें मेसोनिक लोज (पूजा स्थल) है । ल्युसिफर नाम के शैतान की पूजा करते हैं । और अपनी जात को क्रुरतम और निर्दयी बनाने के लिये भयांकर तांत्रिक विधी भी कर लेते हैं और कभी बच्चों की बली चडाना भी नही चुकते ।
ईस सिटी का मुखिया अभी चुमाव जीता है । इसे लोर्ड ओफ मेयर कहा जाता है ।
कमिटी-३०० (इस्ट इन्डिया कंपनी) दुसरे दरजे के घनपति है, वाया सिटी ओफ लंडन कोर्पोरेशन, ये लोग पूरी दुनिया का फाईनान्स हेन्डल करते है ।
आईएमेफ IMF वर्ल्ड बेन्क, WORLDBANK फेड रिजर्व, AMERICI FED RESERV
युरोपिय सेन्ट्रल बेन्क और दुनिया भरकी बेन्किन्ग सिस्टम का नियंत्रण करते हैं ।
विकासशील देशों को करजे में डुबा कर विकसित देशों के गुलाम बनाते हैं ।
ग्रुप ७,२० और ३० इन्वेस्टमेन्ट बेन्कों के फाईनासियल रेग्युलेटर और दलाली के काम
करते है एक आर्थिक आतंकवादी की तरह । वर्तमान स्तिथि ==== इस समय इलूमिनाति एक सेक्रेट सोसाइटी के रूप में काम कर रही है ,,,,कहीं भी अपने आप को शो नहीं होने देती ,,पर मौजूद है हर जगह है जी हाँ भारत में भी ,,जो भी लोग अमेरिका हित की ,,,फोर्ड
हित की ,,सीआईए एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं समझ लीजिए इल्लुमिनाती वाले हैं या उनके एजेंट ह।।
न भारत की पहली महिला शासक रजिया
सुल्तान थी, न ज्वारभाटा सिद्धांत का जनक बेवल, लेकिन
हमारे बच्चों को आज यही पढाया जाता है....
मोम का पुतला है हमारा इतिहास, जिधर चाहे पिंघला दो!
एक टीवी सीरियल आ
रही है और हमें गलत तरीके से इतिहास
में भी यही पढाया गया है कि रजिया सुलताना
देश की पहली महिला शासिका
थी, परंतु यह असत्य है। 

सत्यार्थ प्रकाश में आर्य
राजाओ की एक वंशावली है, जिसमें
पद्मावती को महिला शासक बताया गया है,
वही पहली महिला शासक
थी। सत्यार्थ प्रकाश की बात
भी छोड दें और अन्य प्रमाण की खोज करे
तो महाराज कृष्णदेव कृत वंशचरितावली पढें, जिसमें
भी इंद्रप्रस्थ की रानी
पद्मावती को ही पहली
महिला शासक बताया गया है, देखिए:
जेतुं गुर्जरदेशं तु गतं विक्रमपालकम् हत्वामलूकचंद्रःस
इन्द्रप्रस्थ ग्रहीतवान् पत्नी
गोविंदचंद्रस्य राज्ञी पद्मावती
सती आर्यावर्त्तस्य सा प्रोक्ता सर्वप्रथम शासिका।

एक दिन बेटी की भूगोल की
पुस्तक पढ़ रहा था, उसमें लिखा था कि उत्तरी ध्रुव
की खोज रोबर्ट ने की थी और
ज्वार भाटा के सिद्धांत का श्रेय वेवल को दिया गया है। हम कितने
मूर्ख हैं अपने बच्चो को क्या पढाते हैं। यह क्यों
नहीं बताते कि इन पाश्चात्य वैज्ञानिकों से पहले यह
ज्ञान भारतीयो के पास था।
आप रूस के टेक्सट बुक को पढें तो पाएंगे कि वे हर खोज को बताते
हैं कि यह तो रूस ने सदियो पहले कर ली
थी। वे तो विमान को भी ऐसा ही
बताते हैं और कभी भी यूरोप वालो को
वैज्ञानिक ही नहीं मानते, लेकिन रेडियो
हम बनाते है और आविष्कार मारकोनी हो जाते हैं।
हम उत्तरी ध्रुव पर तपस्या तक करते हैं और
खोजकर्ता रोबर्ट हो जाते हैं।
अरे याद आया मैंने तो सुना है कि भारत भी
किसी वास्कोडिगामा ने खोजा था, यह भी मैंने
पढा है। हां खोजा ही होगा क्योंकि मेरा भारत आज
भी कहीं खोया हुआ है सोया हुआ है।
वेदों में ध्रुव प्रदेश में होने वाले छह-छह मास के दिन-रात का
वर्णन है। ध्रुवों में छह मास का दिन व छह मास की
रात्रि मालूम करना ज्योतिष और भूगोल के महान सूक्ष्म ज्ञान पर
ही अवलंबित है।
पृथ्वी पर ऐसी कोई जगह न
बची थी, जिससे आर्य अपरिचित हों।
तभी तो आर्य साहित्य में लिखा है कि जिस समय लंका
में सूर्य उदय होता है, उस समय यमकोटि नामक नगर में दोपहर,
नीचे सिद्धपुरी में अस्तकाल और रोमक में
दोपहर रात्रि रहती है।
लंकापुरेsर्कस्ययदोदयः स्यात्तदा दिनार्द्ध यमकोटिपुर्याम्।अधस्तदा
सिद्धपुरेsस्तकालः स्याद्रोमके रात्रिददलं तदैव।
अतः रोबर्ट को उत्तरी ध्रुव का खोजकर्ता कहना गलत
है। ज्वार भाटा की बात आर्यों को ज्ञात
थी। हमारे लाखो साल पुराने साहित्य में लिखा है कि
यथार्थ में ज्वार भाटे से समुद्र का जल कम और अधिक
नहीं हो जाता। प्रत्युत अग्नि में थाली पर
जल रखने से जिस प्रकार वह उमड़ पड़ता है उसी
प्रकार चन्द्रमा के आकर्षण से ज्वार भाटा होता है।
स्थाली स्थमग्नि संयोगदादुद्रेकिसलिलं यथा।
तथेन्दुवृद्धौ सलिलमम्भौधौ मुनिसत्तमः। अतः विलियम वेवल ज्वार भाटा
सिद्धांत के जनक नहीं हैं।