Sunday, 2 August 2015

संस्कृत वाक्य अभ्यासः
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सः मिथिलेशः अस्ति
= वह मिथिलेश है ।
सः सर्वत्र भ्रमति , अटति च
= वह सब जगह घूमता फिरता है ।
प्रतिमासं न्यूनातिन्यूनम् एकां यात्रां तु करोति एव ।
= हर महीने कम से कम एक यात्रा तो करता ही है ।
सः अधुना पर्यन्तं कुत्र कुत्र अगच्छत् ?
= वह अब तक कहाँ कहाँ गया है ?
सः पूनाम् अगच्छत्
= वह पूना गया था
सः कोल्हापुरम् अगच्छत्
= वह कोल्हापुर गया था ।
सः रत्नागिरीम् अगच्छत्
= वह रत्नागिरी गया
मिथिलेशः सताराम् अगच्छत्
= मिथिलेश सतारा गया
सर्वत्र मिथिलेशः एकाकी गच्छति वा ?
= सब जगह मिथिलेश अकेला जाता है क्या ?
नैव , सः सपरिवारम् एव सर्वत्र गच्छति
= नहीं , वह परिवार सहित सब जगह जाता है ।
सः कारयानेन सर्वत्र गच्छति
= वह कार से सब जगह जाता है ।

Saturday, 1 August 2015

नाम देशी और काम विदेशी...
देश में विदेशी धन और विदेशी एजेंडे पर चलने वाले देश के हजारो NGO मानवाधिकार, सामाजिल न्याय, महिला सशक्तिकरण, मजहबी सहिष्णुता और पर्यावरण की रक्षा के नाम पर भारत की प्राचीनम सनातनी संस्कृति और बहुलतावाद को नष्ट करने पर तुले हुए है ।
हाल के वर्षो में देश के जिस किसी भी हिस्से में विकास के प्रोजेक्ट चलाये जा रहे है वहा विदेशी धन से प्राप्त विभिन्न नामो के NGO अवरोध खड़ा कर रहे है ।
ऐसे संघटन न्यूक्लियर प्रोजेक्ट, पावर प्लांट्स, यूरेनियम खनन, पन बिजली, पोस्को और वेदांता जैसी बड़ी औद्योगिक योजनाओ के मार्ग में रोडे अटकाती है ।
इन्ही देश द्रोही संघटनो ने ओंकारेश्वर और इंदिरा सागर प्रोजेक्ट के खिलाफ नर्मदा बचाओ आंदोलन के लिए चल रहे जल सत्याग्रह का नाम देकर लोगो को बरगलाती है ।
यही संघटन दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र को जोड़ने वाले 1483 किलोमीटर लम्बे दिल्ली- मुम्बई औधौगिक कारीडोर का विरोध पर्यावरण के नाम पर कर रहे है ।
विदेशो से प्राप्त चंदे और धन के एवज में ये NGO संघटन तमिलनाडु के कुडनकुलम, महाराष्ट्र के जैतपुर, मध्यप्रदेश के चुटका-महान, हरियाणा के फतेहाबाद,आंध्र प्रदेश के कोवाडा,कर्नाटका का कैग,राजस्थान के रावत भाटा एटामिक पावर प्लांट हो या गुजरात के मुंदरा, छत्तीसगढ़ के कोरबा व रायगढ़ के कोयला आधारित विद्युत् प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे है ।
अब वर्तमान में यही काम कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टिया लोक सभा और राज्य सभा की कार्यवाही न चलने देकर पूरा कर रही है ।
देश के विकास में विदेशी धन से चलने वाले ये NGO, कांग्रेस पार्टी और अन्य विपक्षी दल ही बाधक बने हुए है ।
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आज मुसलमानों के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती है .. ये साबित करना की वो आतंकवादी नहीं हैं ।
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देवी-देवताओं की भूमि है भारत. यहाँ हर नगर अपनी पौराणिक इतिहास की गाथा को बयां करता है. इन्हीं स्थानों में से एक है धनुषकोटि. यह वही धनुषकोटि है जिसका रामायण में भी वर्णन है. इस धार्मिक स्थान की साथर्कता का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि हिन्दू धर्म में धनुषकोटि को पवित्र स्थानों में से एक माना गया है. यह स्थान भारत के तमिलनाडु राज्‍य के पूर्वी तट पर स्थित रामेश्वरम द्वीप के दक्षिणी भाग पर स्थित छोटा सा शहर है.
धनुषकोटि का नामकरण-
लंका विजय के बाद भगवान राम ने 
 उस राज्य क शासन विभीषण को सौंप दिया था. राजा बनने के बाद विभीषण ने प्रभु राम से यह निवेदन किया कि वे लंका तक आने वाले रामसेतु को तोड़ दें. राम ने निवेदन को स्वीकारते हुए अपने धनुष के एक छोर से सेतु को तोड़ दिया. तभी से उस स्थान को धनुषकोटि कहा जाता है. धनुषकोटि ही भारत और श्रीलंका के बीच एकमात्र स्थलीय सीमा है.
रावण को एक नकारात्मक शक्ति के रूप में जाना जाता है लेकिन इसके अतिरिक्त वह एक महान ज्योतिषशास्त्री और शिव भक्त था. धनुषकोटि के विषय में यह कथा प्रचलित है कि रावण से युद्ध में विजय के पश्चात भगवान राम ने ब्रह्महत्या के दोष से मुक्ति पाने के लिए यहाँ यज्ञ किया था.
धनुषकोटि धार्मिक-
जहाँ एक ओर धनुषकोटि धार्मिक स्थलों में सबसे पवित्र स्थान के रूप लोग जानते हैं वहीं दूसरी ओर इसे भूतिया स्थान के रूप में भी देखा जाता है. यहां प्रेत-आत्माओं को महसूस किए जाने के दावे किए गए हैं. इन दावों के पीछे का कारण है 1964 में यहां आया भयंकर चक्रवात है. जिसने धनुषकोटि की खूबसूरती को हमेशा के लिए मातम में बदल दिया था.
1964 में आया चक्रवात से पहले धनुषकोटि की खूबसूरती और पौराणिक महत्व था. इस भयंकर चक्रवात के दौरान 20 फीट की ऊंची लहर ने पूरे शहर को तबाह कर दिया. 8 गज उची चक्रवात में करीब 1800 लोग मारे गए.
इस आपदा के बाद यहां आने वाले लोगों ने कई अजीबोगरीब हलचलें महसूस की. लोगों का कहना है कि इस स्थान पर हमेशा किसी के होने का आभास होता है. तमिलनाडु सरकार ने इस स्थान को भूतिया करार देकर इसे रहने के लिए अयोग्य करार दे दिया है. सरकार द्वारा यह भी चेतावनी जारी की गई कि कोई भी व्यक्ति दिन ढलने के पश्चात इस स्थान पर ना रुके.


मीना कुमारी .... फिल्मो में ट्रेजेडी रोल करते करते खुद की जिन्दगी भी ट्रेजेडी बना ली .....
मीना कुमारी की नानी गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर के छोटे भाई की बेटी थी, जो जवानी की दहलीज पर कदम रखते ही प्यारेलाल नामक युवक के साथ भाग गई थीं। विधवा हो जाने पर उन्होंने ईसाई धर्म अपना लिया। दो बेटे और एक बेटी को लेकर बम्बई आ गईं। नाचने-गाने की कला में माहिर थीं इसलिए बेटी प्रभावती के साथ पारसी थिएटर में भरती हो गईं।
प्रभावती की मुलाकात थिएटर के हारमोनियम वादक मास्टर अली बख्श से हुई। उन्होंने प्रभावती से निकाह कर उसे इकबाल बानो बना दिया। अली बख्श से इकबाल को तीन संतान हुईं। खुर्शीद, महजबीं बानों (मीना कुमारी) और तीसरी महलका (माधुरी)।
अली बख्श रंगीन मिजाज के व्यक्ति थे। घर की नौकरानी से नजरें चार हुईं और खुले आम रोमांस चलने लगा। और मीना कुमारी का बाप अपनी नौकरानी से भी निकाह कर लिया |
मीना कुमारी को कई लोगो से प्यार हुआ .. लेकिन सबने उन्हें इस्तेमाल करके उन्हें छोड़ दिया ... धर्मेंद्र, सम्पूरन सिंह उर्फ़ गुलजार, महेश भट्ट, और शौहर कमाल अमरोही ... सबने मीना कुमारी का खूब इस्तेमाल किया .. यहाँ तक की मीना कुमारी का बाप भी अपनी बेटी को सिर्फ पैसे कमाने की मशीन ही समझता था और पुरे परिवार का खर्चा मीना कुमारी से ही लेता था .. यहाँ तक की उनकी सभी बहने भी मीना कुमारी से हमेशा पैसे लेती रहती थी |
कमाल अमरोही मीना कुमारी से २७ साल बड़े थे | मीना कुमारी का पूना में एक्सीडेंट हुआ और वो अस्पताल में भर्ती थी ..कमाल अमरोही ने उनकी खूब सेवा की जिससे मीना कुमारी का दिल उस पर आ गया .. और दोनों ने निकाह कर लिया ... मजे की बात ये की कमाल अमरोही की पहले से ही दो बेगमे थी ..एक उनके साथ मुंबई में और दूसरी उनके शहर यूपी के अमरोहा में रहती थी .और कमाल के आठ बच्चे थे | मीना कुमारी मुंबई की जिन्दगी से तंग आ गयी थी और कमाल अमरोही से बार बार कहती थी की कमाल तुम मुझे अपने गाँव अमरोहा ले चलो .मै वही रहना चाहती हूँ .. एक बार कमाल उन्हें साथ लेकर गये तो कमाल के घर वालो ने मीना कुमारी से बहुत दुर्व्यवहार किया और कहा कमाल तुमने तो किसी वेश्या से निकाह किया है |
बाद में उनका कमाल अमरोही से तलाक हो गया ... फिर उन्होने कमाल से दुबारा निकाह किया .... इस्लामिक नियमो के अनुसार यदि कोई पुरुष अपनी पत्नी को तलाक देता है तो वो दुबारा उस महिला से निकाह नही कर सकता ..पहले उस महिला को किसी अन्य पुरुष से निकाह करना होगा फिर वो पुरुष उसे तलाक देगा फिर वो महिला अपने पूर्व पति से दुबारा निकाह कर सकती है ..
मीना कुमारी ने जीनत अमान के पिता के साथ निकाह किया फिर उनसे तलाक लेकर कमाल अमरोही से दुबारा निकाह किया ...लेकिन कमाल निकाह के बाद अपनी जिन्दगी में चला गया |
लेकिन बाद में उन्होंने अपने आपको शराब में डुबो लिया था .. वो हर वक्त शराब पीती रहती थी .. शराब ने उनके लीवर को खत्म कर दिया था और वो मानसिक रूप से एकदम टूट गयी थी ..उन्हें कैंसर हो गया और उन्हें अस्पताल में भर्ती करना पड़ा |
अस्पताल में ही उनकी मौत हो गयी .. और किसी ने भी उनके ईलाज पर १ रूपये भी नही खर्च किया ..
इसी सभ्य समाज में मशहूर फिल्म अभिनेत्री मीना कुमारी की लाश को लावारिश घोषित करने की नौबत आ गयी थी ...उन्हें कैंसर हो गया था कई अंतिम समय में कई महीनों तक अस्पताल में रहना पड़ा था ..और उनकी अस्पताल में ही मौत हो गयी थी
मीना कुमारी के पति कमाल अमरोही ने अस्पताल में कहा की मैंने तो उन्हें तलाक दे दिया था ... उसने सौतेले पुत्र ताजदार अमरोही ने कहा की मेरा उनसे कोई वास्ता नही है ... उनके छोटी बहन के पति मशहूर कामेडियन महमूद ने कहा की मै क्यों ८०००० दूँ ?
और तो और जिस धर्मेन्द्र को फगवाडा से मुंबई बुलाकर स्टार बनाया वो भी बिल का नाम सुनते ही खिसक गया |
फिर जिस सम्पूरन सिंह कालरा को मीना कुमारी ने झेलम की गलियों से मुंबई बुलाकर "गुलज़ार" बनाया उस गुलज़ार ने कहा की मै तो कवि हूँ और कवि के पास इतना पैसा कहा ...जबकि उसी गुलज़ार ने एक मुशायरे में जिसमे मीना कुमारी भी थी कहा था "ये तेरा अक्स है तो पड़ रहा है मेरे चेहरे पर ..वरना अंधेरो में कौन पहचानता मुझे "
हर टीवी चैनेल पर आकर मुस्लिम हितों पर बड़ी बड़ी बाते करने वाला महेश भट्ट बोला मै पैसे क्यों दूँ ?
. जिससे अस्पताल वालो को कहना पड़ा की अब हमे मीना कुमारी जी की लाश को लावारिश घोषित करके बीएमसी वालो को देना पडेगा ... जब ये खबर अखबारों में छपी तबएक अनजान पारसी व्यक्ति अस्पताल आया और बिल चुकाकर मीना कुमारी के शव को सम्मान के साथ इस्लामिक विधि से कब्रिस्तान में दफन करवाया

Jitendra Pratap Singh
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मित्रो गुलशन कुमार को सिर्फ इसलिए मारा गया क्यों की उनके होते हुए बॉलीवुड का इस्लामीकरण नही हो सकता था....।
उनके मरते ही भक्ति गाने बॉलीवुड से गायब हो गये वो लोग स्टार बने जो दाउद के इशारो पे नाचते थे,.... 
20 साल से भाई बहन के रिश्ते पर राखी पर कोई गीत नही, 
और न ही भगवान पे कोई फिल्म न गीत 
हाँ उलटे हिन्दू धर्म का मजाक जरुर बनाया गया और बनाया जा रहा है ।
लव जिहाद को बढ़ावा देता बॉलीवुड का इस्लामीकरण देश के लिए घातक है....
और तो और आजकल हिन्दू लडके लडकिया आंतक समर्थक और घोर हिन्दू विरोधी सलमान, शाहरुख़ और आमिर के पीछे पागल हुए जा रहे है



वाहिदा रहमान और गुरुदत्त खूब प्यार करते थे ... सबको लगता था की दोनों शादी करेंगे .. लेकिन वहीदा रहमान जो एक कट्टर कोंकणी -मालाबारी मुस्लिम थी उन्होंने गुरुदत्त के सामने एक शर्त रखी .. उन्होंने कहा की मै हिन्दू नही बनूंगी यदि तुम मुझसे सच में प्यार करते हो तो तुम्हे इस्लाम कुबूल करना होगा .. गुरुदत्त ने उनकी ये शर्त मानने से इंकार कर दिया .. और एक दिन नींद की ढेर सारी गोलियां खाकर आत्महत्या कर ली ...
ठीक यही देवानंद के साथ भी हुआ .. सुरैया मुस्लिम थी .. सुरैया और उनकी नानी दोनों देवानंद पर इस्लाम कुबूल करने का दबाव डालती थी ... देवानद के नही मानने पर सुरैया की नानी ने सुरैया की ऊँगली से देवानंद के द्वारा पहनाई गयी हीरे की अंगूठी को निकालकर समुंदर में फेक दिया था ...
न जाने कब हिन्दू लडकियाँ इन उदाहरण से सीख लेंगी
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सपा नेता ने कहा याकूब की पत्नी को बनाया जाये सांसद !
तौबा है इन लुच्चो की, एक आतंवादी मरा तो उसकी पत्नी को सांसद, लेकिन 1993 में जिन 257 लोगो को याकूब और उसके साथियो
ने मारा था, फिर उनकी विधवाओ को परधानमंत्री या राष्ट्रपति बनाने की मांग क्यों नही करते !
अरे करेंगे भी क्यों वहा राजनीति करने को नही मिलेगी ना इन बेगैरत कुत्तो और सुवरों को !
क्या इन गन्दी नाली के खुजली वाले कीड़ो, अपनी अम्मी और बहनों के यार सपा नेताओ को राष्ट्र द्रोह के आलावा
कुछ और नही सूझता ! मुझे इंतज़ार है उस आदमी का जो इनके पिछवाड़े मैं गोली ठोक सके !
सारे सपा नेता ऐसे ही है कोई इनकी बहन को राह चलते छेड दे तो ये उसे अपना जीजा मान लेते है !
सोचती हु 1-2 काण्ड मैं भी कर दूं ! हमारे घर की आर्थिक स्थिति भी कुछ ठीक नही है आजकल !
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मुसलमानों का सबसे ताकतवर हथियार 'अल-तकिया' .....
इसने इस्लाम के प्रचार प्रसार में जितना योगदान दिया है उतना इनकी सैंकड़ों हजारों कायरों की सेनायें नहीं कर पायीं ।
इस हथियार का नाम है "अल - तकिया" । अल-तकिया के अनुसार यदि इस्लाम के प्रचार , प्रसार अथवा बचाव के लिए किसी भी प्रकार का झूठ, धोखा , द्रऋह करना पड़े - सब धर्म स्वीकृत है ।
उदहारणतः , हालांकि कुरान में गैर मुसलामानों से मित्रता की घोर मनाही है , लेकिन यदि मुसलमान किसी क्षेत्र में अल्पसंख्यक हों (< 20%) तो उन्हें कुरान ने आज्ञा दी है की वो झूठ-मूठ का शांतिप्रिय धर्मनिरपेक्ष होने का नाटक कर सकते हैं (क्योंकि यदि वो ऐसा नहीं करें तो इस्लाम वहां समूल नष्ट कर दिया जायेगा ) ।
जिस दिन ये बहुसंख्यक हो जाते हैं (>50 %) उस दिन अल तकिया की आवश्यकता समाप्त हो जाती है और हर मुसलमान का परम कर्त्तव्य होता है की वो दर-उल -हरब (गैर मुस्लिम भूमि) को दर-उल-इस्लाम बनाये (मुस्लिम भूमि)।
इस प्रकार अल - तकिया ने मुसलामानों को सदियों से बचाए रखा है ।





पहली सूची :- उनकी, जिन्होंने नरेंद्र मोदी के अमेरिका वीसा का विरोध किया था...
दूसरी सूची :- उनकी, जिन्होंने अफज़ल गूरू की फांसी माफी के लिए पत्र लिखा...
तीसरी सूची :- उनकी, जिन्होंने कसाब की फाँसी माफी के लिए लिखा...
चौथी सूची :- उनकी, जिन्होंने याकूब की फाँसी माफी के लिए लिखा...
चारों आधिकारिक सूचियाँ निकाली जाएँ... उनमें शामिल हस्ताक्षरों का मिलान किया जाए... 
ऐसे सभी नाम छांटे जाएँ, जो चारों सूचियों में Common हों... उसके बाद...
Arun Jaitley जी, आप वित्तमंत्री और सूचना/प्रसारण मंत्री भी हैं... अब कम से कम इतना काम तो कीजिए इन सभी देशद्रोहियों के बैंक खाते, इनकी समस्त आधिकारिक गतिविधियाँ, इनसे भेंट करने वाले, इन्हें फोन करने वाले, इनका पिछले दो साल का फोन रिकॉर्ड, इनके और इनके परिजनों के सभी आर्थिक इन्वेस्टमेंट की गहन जाँच की जाए... बहुत कुछ मिलेगा...
टाईम्स ऑफ इण्डिया अखबार याकूब की शवयात्रा को फ्रंटपेज पर और कलाम साहब की खबर अंतिम पेज पर देता है और The New Indian Express की हेडलाइन है "And They Hanged". अब आप खुद ही अंदाजा लगा लीजिए कि पानी सिर के ऊपर से गुजरने लगा है... जल्दी कुछ नहीं किया तो दिक्कत होगी..
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सवाल : क्या सभ्य समाज मे फांसी जरुरी है ?
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.जवाब : नही सभ्य समाज मे बम ब्लास्ट ही ठीक है....!!
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हिंदुस्तान का ... पहला ... स्वदेशी लड़ाकू हेलीकॉपटर ... Light Combat Helicopter (LCH) TD-3 .......
इसका पूरी तरह हिंदुस्तान में निर्माण हुआ है ... इसमें रेडार और मिसाइल
सिस्टम ... हमारे दोस्त इजराइल का है ... कुछ दिनों पहले ही ... राजस्थान
में इसका सफल परीक्षण हुआ ... पोर्कीस्तान और चीन की ... इस
से फटी पड़ी है ... क्यूंकि किसी भी हथियार का महत्व बहुत बढ़ जाता है ...
जब वो स्वदेशी तोर पर ... देश में बना हो .......
इस तरह का हेलीकॉपर ... रशिया के पास भी नहीं है ... सिर्फ अमेरिका ... और अब हिंदुस्तान के पास है ... टेंको का कब्रस्तान बनाने की लिए ... इसकी शख्त जरुरत थी ... लादेन को मारने में ... अमरीका ने ... जिस स्टेल्थ हेलीकॉपर का उपयोग किया था ... यह उसी प्रकार का है .......
अब देखना ये है कि इसका प्रयोग दाऊद और टाइगर मेनन को मारने के लिए कब होता है ...
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लन्दन के बकिंघम पैलेस में ब्रिटेन की महारानी/महाराजा से ‘नाइटहुड’ (सर) की उपाधि लेने की प्रक्रिया अत्यन्त अपमानजनक है। उपाधि लेनेवाले व्यक्ति को ब्रिटेन के प्रति वफादारी की शपथ लेनी पड़ती है और इसके पश्चात् उसे महारानी/महाराजा के समक्ष सिर झुकाकर एक कुर्सी पर अपना दायाँ घुटना टिकाना पड़ता है। ठीक इसी समय महारानी/महाराजा उपाधि लेनेवाले व्यक्ति की गरदन के पास दोनों कन्धों पर नंगी तलवार से स्पर्श करते हैं। तत्पश्चात् महारानी/महाराजा उपाधि लेनेवाले व्यक्ति को ‘नाइटहुड’ पदक देकर बधाई देते हैं। यह प्रक्रिया सैकड़ों वर्ष पुरानी है और भारत के सभी ‘सर’ इस प्रक्रिया से गुजरे हैं। ब्रिटेन अपने देश और अपने उपनिवेशों में अपने चाटुकारों को इंग्लैण्डनिष्ठ बनाने के लिए ऐसी अनेक उपाधियाँ देता रहा है। देश के अनेक राजा-महाराजा, सेठ-साहूकार, राजनीतिज्ञ, शिक्षाविद् ‘नाइटहुड’ से सम्मानित किए गए हैं।