Saturday, 30 May 2015

1946 पहली बार ऐसी अफावाएं सामने आई की धरती के निचे भी जीव रहते है,जो हम जैसे नही पर तकनीक मे हमसे आगे जरुर है।
Rechard Sahver नाम के विज्ञानिक का दावा था की उन्होंने परग्रहीयो से मुलाकात की है।इनका कहना था उन्होंने ऐसे परग्रहीयों के साथ हफ्तों तक निवास किया,जो जमीन के भीतर रहते हैं।
इनका दावा था की ये ऐसे शहर मे जा चुके है जो जमीन के निचे बसा हुआ था।वे उन परग्राहियो 
से मिलते है,उनके घर जाते है और वे उनके अकल्पनीय तकनीक और अविष्कारो को देखते हैं,जो की उनके द्वारा निर्मित थे।इन्होने कहा की उन लोगों ने मुझे mind control करने का मोका दिया ओर तकनीक सिखाई।
1942 जब जर्मन के विज्ञानिक राडार सिस्टम को जमीन पे स्थापित कर रहे थे तब उन्होंने पाया की धरती के निचे भी पहले कोई सभ्यता फल फूल रही है।
अमरीकन satellite ने 1970
मे कुछ ऐसे चित्र उतरी ध्रुव(नार्थ पोल) से लिए जो की dark shaped spot थे।
Geologists(Earth Huge Cavity)की थ्योरी को नही बताते और ये भी नही बताते की धरती के भीतर बड़ी मात्रा मे फेली हुई लम्बी चोड़ी खाली जगह है।इस जगह पर मानव जीवन सम्भव नही क्योंकि high temperature or low oxygen है।मतलब साफ़ है इस जगह पे वही जीव रह सकते है जिन्हें हवा की बहुत कम आवस्यकता है यानी हम कह सकते हैं की पाताल वासी के लोग।
अमरीका के विज्ञानिक मानते है की धरती के निचे शहर,पृथ्वी के 4th Dimension पर हो सकता है जहाँ पाताल वासी या परग्राही रहते हैं।और चूँकि इनको कम हवा की जरूरत होती है इसलिए वे पृथ्वी के ऐसे भाग मे रहते है जहाँ electromagnetic फील्ड मिलती हो और शायद यही इनका भोजन या इनके यान की उर्जा हो,और ufo इनका सुरक्षा कवच,जिससे ये मंगल या अन्य गृह पर आसानी से जा सके जहाँ हवा पानी का वातावरण बहुत कम हो??
हमारे वेदों शास्त्रों पुराणों मे इनका जिक्र है?? क्या ये असुर है
या प्रेत??इनको क्या कहा गया है हमारे ग्रंथो मे??
सोर्सेज~https://m.facebook.com/photo.php…
""वेदों में विज्ञान""
वेद: महान आविष्कारों के स्त्रोत-1 (Great Inventions of Vedic India)
We owe a lot to the Indians, who taught us how to count, without which no worthwhile scientific discovery could have been made.
-Albert Einstein
हम भारतियों के प्रति हमेशा कृतज्ञ रहेंगे जिन्होंने हमें गणना करना सिखाया, उसके बिना किसी वैज्ञानिक आविष्कार का होना संभव नहीं था।
-अलबर्ट आइन्स्टीन
If there is one place on the face of earth where all dreams of living men have found a home from the very earliest days when man began the dream of existence, it is India.-French scholar Romain Rolland
अगर दुनिया में ऐसा कोई स्थान है, जिसे मानव के उन सारे सपनों का घर कहा जाये,जो सपने मानव बहुत शुरुआत से अस्तित्व के लिए देखा करता था, तो वो स्थान है भारत।-फ़्रांसीसी विद्वान् रोमेन रोलांड.
हड़प्पा-मोहनजोदारो सभ्यता के साथ इतिहास में जिस सभ्यता का वर्णन आता है वो है आर्य-सभ्यता। आर्य मूल भारतीय थे या फिर मध्य एशिया से आये थे, ये अभी भी शोध का विषय बना हुआ है। लेकिन आर्यों की मौलिकता के बारे में महर्षि दयानंद सरस्वती के द्वारा प्रस्तुत किये गए तथ्य काफी तर्कसंगत लगते हैं। ये वो समय था जब यूरोपीय देशों के लोग जंगलों में घुमन्तु की जिन्दगी जी रहे थे,पूरी दुनिया अज्ञानता के अँधेरे में सोयी हुयी थी, उस समय भारत के लोग ऐसी कार्यशालाओं का व्यापार (Trade ofworkshops) चला रहे थे जिसमें धातु-निष्कर्षण(Mettalurgy), वस्त्र रंजन (Dyeing of Fabric),औषधि-निर्माण (Drugs Formation), शल्य-चिकित्सा (Surgery) जैसे काम हुआ करते थे।
आर्यों के जीवन का मूल आधार थे 'वेद'.वेदों को सिर्फ किसी धर्म के धर्म-ग्रन्थ मानलेना बहुत बड़ी गलती होगी।वेदों की रचना उस समय हुयी थी जब विभिन्न
सम्प्रदाय हुआ ही नहीं करते थे।उस समय केवल एक धर्म था सनातन-मानवता का धर्म।वेद किसी संप्रदाय-विशेष को आध्यात्मिक ज्ञान देने मात्र के ग्रन्थ नहीं हैं।वेदों में Physics, Chemistry, Mathematics,Cosmology, Biology आदि के विषयों पर अथाह सिद्धांत लिखे हुए हैं।सवाल ये उठता है की अगर वेदों में इतना ज्ञान है तो ये जग जाहिर क्यों नहीं होता। इसका कारण है वेदों की अत्यंत जटिल भाषा। वेदों में लिखे टेक्स्ट्स को decode करना कितना मुश्लिक
काम है ये बात दैनिक भाष्कर की 2012 की इस खबर से साफ़ हो जाता है-Pre-Vedic India knew about DNA: Indore scholar . आज वेदों को decode करने के लिए कई संस्थाएं काम कर रही हैं ,उनमें से इन्दौर के एक विद्वान् ने वेदों में DNA के वर्णन को सफलतापूर्वक decode करने का दावा किया है। लेकिन वैदिक भारत के कई विद्वानों ने वेदों के बहुत से श्लोकों को समझ कर उन पर न सिर्फ अपनी भाषा में संहितायें लिखी बल्कि उनको व्यावहारिकता में भी लाया।यहाँ पर मैं वैदिक भारत द्वारा किये गए महान वैज्ञानिक आविष्कारों और उनके आविष्कारकों में से कुछ का वर्णन कर रहा हूँ।
परमाणु सिद्धांत (Atomic Theory):600 ईसा पूर्व (600 BC) कनद ऋषि ने परमाणु(Atom) का सिद्धांत दिया था। कणद का कथन है कि-"सभी वस्तुएं परमाणु(Atoms) से बनी हुयी हैं,विभिन्न परमाणु आपस में जुड़ कर अणु (Molecule)का निर्माण करते हैं"
उन्होंने ये कथन John Dalton से 2500 वर्ष पहले दिया था।
इसके आगे कणद परमाणुओं की Dimensions,गतियों और आपस में रासायनिक अभिक्रियाओं(Chemical Reactions) का वर्णन करते हैं।
Acharya Kanad: Atomic Theory was given in 600 BC
गुरुत्वाकर्षण का सिद्धांत (Law of Gravity):400-500 ईसा पूर्व भाष्कराचार्य ने अपनी किताब सूर्य-सिद्धांत में ये कथन लिखा था-" वस्तुयों का पृथ्वी पे गिरने का कारण, पृथ्वी द्वारा उन पे लगने वाला आकर्षण बल है। पृथ्वी में ये क्षमता उसके अत्यधिक गुरुत्व (Mass) के कारण आती है।"
उन्होंने ये कथन Sir Issac Newton से लगभग 1200 वर्ष पहले दिया था।
सूर्य सिद्धांत में भाष्कराचार्य लिखते हैं-"पृथ्वी, ग्रह, चंद्रमा, सूर्य आदि इस
गुरुत्वाकर्षण के कारण अपने कक्षक में बने रहते हैं"
Bhashkaracharya: Law of Gravitation was given in 500 BC
धातुकर्म (Metallurgy):10वीं सदी में नागार्जुन ने अपनी किताब रसरत्नाकर Rasaratnanakara में बहुत से धातुकर्म विधियों के बारे में लिखा है जैसे:
विभिन्न धातुओं जैसे सोना,चांदी,तम्बा और टिन का उनके अयस्कों (Ores) से निष्कर्षण।द्रवीकरण(liquefaction),आसवन(distillation),उर्ध्वपातन (sublimation) आदि विधियों का वर्णन।विभिन्न रस (Liquid Metal) जैसे पारा(Mercury) का निर्माण।धातुकर्म के क्षेत्र में भारत 5000 वर्षों से अधिक
समय तक विश्व-गुरु रहा है।सोने के आभूषण 3000 BC से पहले उपलब्ध थे।कांसे और पीतल के मिले बर्तनों का अनुमान 1300 BC लगाया गया है।
जस्ता (जिंक) को इसके अयस्क (Ore) से आसवन विधि द्वारा निकालना भारत में 400 BC में ज्ञात था, European William Campion से2000 वर्ष पहले।
ताम्बे की मुर्तियों की आयु का अनुमान 500 BC लगाया गया है।दिल्ली में एक लौह स्तम्भ है जो 400 BC पुराना है और उस पर आज तक जंग या क्षय का कोई निशान नहीं है।।
Nagarjuna: Invention of Mettalurgy Bouddhayan: Great mathematician of 600 BC
पाइथागोरस प्रमेय या बौद्धायन प्रमेय(Pythagorean Theorem or Baudhayana Theorem):
ईसा से 6 सदी पूर्व बौद्धायन ने अपनी किताब बौद्धायन सुल्ब सूत्र में Baudhayana Sulba Sutra में ये कथन लिखा है:
dīrghasyākṣaṇayā rajjuḥ pārśvamānī,tiryaḍam mānī,किसी समकोण त्रिभुज में दीर्घ-अक्ष(Hypotenuse) का वर्ग, रज्जू(Base) और पार्श्ववमिनी
(Hight) के वर्ग के योग के बराबर होता है।
पाई π का मान (The Value of Pi π):बौद्धायन ने वृत की परिधि और व्यास का
अनुपात 3 बताया था।लेकिन उनके बाद 499 AD में आर्यभट्ट ने π के मान की गणना दशमलव के 4स्थान तक की (3.1416).825 AD में एक अरबी गणितज्ञ मुहम्मद इब्ना मूसा ने ये कहा कि ये मान भारतियों के द्वारा दिया गया है।
शून्य की अवधारणा (The Concept of 'Zero'):Zero की अवधारणा शुरूआती संस्कृत लेखों में 'शून्य' के रूप में आती है और पिंडाला के 'चंदा:
सूत्र' (200 AD) में भी समझायी गयी है।भ्रह्मगुप्त के 'ब्रह्म फुता सिद्धांत' (400 AD) में शून्य को विस्तार से समझाया गया है।भारतीय गणितज्ञ भाष्कराचार्य ने सिद्ध किया की X को 0 से विभाजित करने पर अनंत (Infinty) आता है जिसको फिर कितना ही विभाजित करें अनंत ही रहता है।लेकिन शून्य के महत्व के आविष्कार का श्रेय आर्यभट्ट को जाता है।
Aryabhatt: Great Mathemeticial, who has givenConcept of Decimal and Zeroदशमलव प्रणाली (Decimal System):दशमलव के आविष्कार का भी मुख्य श्रेय आर्यभट्ट को दिया जाता है। उन्होने हर गणना
का आधार 10 को बनाया जिस से बड़ी से बड़ी संख्या भी 10 की घात के रूप में आसानी से व्यक्त की जाने लगीं।।
गणित की वैदिक जडें (Vedic roots of Mathematics):अंग्रेजी का शब्द Geometry संस्कृत के शब्द'ज्यामिति' से आया हुआ है।जिसका अर्थ होता है 'पृथ्वी का मापन'.इसी तरह से अंग्रेजी का शब्द 'Trignometry' भी संस्कृत के शब्द 'त्रिकोणमिति' से बना है।युक्लिड का निर्माण 300 BC में Geometry के
अविष्कार के बाद हुआ जबकि भारत में ज्यामिति का उद्भव 1000 BC में ही आग वेदियों (fire altars) के निर्माण से हो गया था "चतुर्भुज में वर्ग का निर्माण".सूर्य सिद्धांत में त्रिकोणमिति का प्रखर वर्णन किया है, जो कि 1200 साल बाद यूरोप में 1600 इसवी में Briggs द्वारा दिया गया।भाष्कराचार्य ने 1150 AD में अपनी प्रसिद्ध किताब 'सिद्धांता-सिरोमन' लिखी,जिसके चार भाग हैं:
लीलावती(Arithmetic)
गोलाध्याय (Celestial Glob)
बीजगणित (Treatise of Algebra)
ग्रहगणित (Mathematics of Planets)
भारत से ही sinƟ funtion 8वीं सदी में अरब में पहुँचा। भारत में sinƟ को 'ज्या' कहते थे जो कि अरब में Jiba / Jyb में अनुवादित हो गया। अरबी
में Jaib शब्द का मतलब होता है महिला-पोशाक का गले के पास से खुला होना, Jaib शब्द का लैटिन में अनुवाद हुआ Sinus, जिसका अर्थ होता है पोशाक में तह या Curve. और इस प्रकार अंत में Sine (sinƟ) शब्द बना।।10 की घात 53 की गणना (Raising 10 to the Power of 53!):आज की गणित में 10 की अधिकतम घात के लिए उपसर्ग (Prefix) है- 'D' दस की घात 30 (from Greek Deca).जबकि 100 BC पहेल भारतियों ने 10 की घात 53 तक के लिए सटीक नामों का आविष्कार कर लिया था।
1= एकं =1, 10 था दशकं , 100 था शतं (10 to the power of 10), 1000 tha सहस्रं (10 power of 3),10000 था दशासहस्रम (10 power of 4), 100000 था लक्शः (10 power of 5), 1000000 था दशालक्शः (10 power of 6), 10000000 था कोटिः (10 power of 7)……विभुतान्गामा (10
power of 51), तल्लाक्षनाम (10 power of 53).अंकों को शब्दों में व्यक्त करना (The Word-Numeral System):word-numeral system, अंक को 10 के गुणांक के रूपमें लिखते हुए आगे बढ़ता है। जैसे संख्या 60799 को
संस्कृत में इस तरह लिखते हैं-"सस्टीम सहस्र सप्तसतानी नवाटीम नवा"(sastim (60), shsara (thousand), sapta (seven) satani (hundred),
navatim (nine ten times) and nava (nine))इस system के नियम इस प्रकार है:
1.शुरू के नौ अंकों के नाम-eka, dvi, tri, catur,pancha, sat, sapta, asta, nava
2.अगले नौ अंको का समूह, उपर्युक्त प्रत्येक अंक को 10 से गुना करके प्राप्त होता है-dasa,
vimsat, trimsat, catvarimsat, panchasat, sasti,saptati, astiti, navati
3. इसी प्रकार अगला समूह 10 के अगले गुणांक के रूप में प्राप्त होता है-satam sagasara, ayut,niyuta, prayuta, arbuda, nyarbuda, samudra,
Madhya, anta, parardha
गर्व से कहो हम हिन्दु हैं और हमारा सनातन धर्म(हिन्दु धर्म) ही विश्व का सबसे प्राचीन और उत्तम धर्म है।

mediya

कुदरत का सबसे बडा सच ::--
यदि आप फूलों पर सो रहे हैं
तो ये आपकी पहली रात है l
और यदि फूल आप पर सो रहे
है तो ये आपकी आखिरी रात है l
(अजब तेरी दुनिया गज़ब तेरा खेल)
मोमबत्ती जलाकर मुर्दों को याद
किया जाता है l
और मोमबत्ती बुझाकर जन्म
दिन मनाया जाता है l
(कैसी विडम्बना है हमारे देश की)
फूलन देवी डाकू होकर भी
चुनाव जीत गई थी l
और किरन बेदी पुलिस वाली
होकर भी हार गई l
(किस्मत के खेल निराले मेरे भैया)
कितनी अजीब दुनिया हैं, जहाँ औरतें ‘दूसरी औरतों
की शिकायते करते नहीं थकती,
जबकि पुरूष ‘दूसरी औरतों’ की तारीफ करते नहीँ
थकते !!!
पुरुष सच में महान हैं !!
हमने 5 औरतों को डव लगाया और 5 आदमियों को बियर पिलायी .. ….
आदमियों के चेहरे पर ज्यादा रंगत थ
5 चीजें जो खत्म होने पे बहुत तकलीफ देते हैं
1. दोस्ती
2. पैसा
3. प्यार
4. रविवार और
5. इंटरनेट पेक
लास्ट वाला तो रुला ही देता है…
पुराने जमाने में जब कोई
अकेला बैठकर हंसता था, तो लोग
कहते थे… कि इसपर कोई भूत-
प्रेत का सांया है..!!
आज कोई अकेले में बैठकर हंसता है
तो कहते हैं…
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जरा गौर फरमाएँ :
१) महात्मा बुद्ध ने विवाह किया था परंतु वे पत्नी को छोड़कर सत्य की खोज में निकल गए। उनकी पत्नी ने एकाकी जीवन जिया। उनकी पत्नी का नाम यशोधरा था।
२) स्वामी महावीर ने भी विवाह किया था परंतु वे भी पत्नी को छोड़ कर सन्यासी हो गये। उनकी पत्नी ने एकाकी जीवन जिया। उनकी पत्नी का नाम यशोदा था।
३) मोदी ने भी विवाह किया परंतु अपनी पत्नी को छोड़ दिया और अपना जीवन देश सेवा में लगा दिया। उनकी पत्नी भी एकाकी जीवन व्यतीत कर रही हैं। उनकी पत्नी का नाम यशोदाबेन है ।
यशोदा, यशोधरा एवम यशोदाबेन !!!
यह सिर्फ संयोग है या फिर इतिहास अपने आप को दोहरा रहा है... ईश्वर जाने...!!!
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बीफ वाली 'गलत खबर' के खिलाफ कानूनी नोटिस दूंगा: रिजिजू
‪#‎बिकाऊमिडिया‬ ‪#‎PaidMedia‬
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राजस्थान में अकबर की जगह महाराणा प्रताप के बारे में पढ़ाने की बात पर सचिन पायलट ने ये कहकर ऐतराज जताया है कि ये शिक्षा का भगवाकरण कर रहे है ये सब RSS की चाल है वो अपने करीबियो के बारे में ही पढ़ाना चाहते है।
..... आज पता चला कि महाराणा प्रताप RSS के करीबी थे .....और अकबर लुटेरा कांग्रेस का करीबी था .....!


मलयाली मनोरमा ने राहुल गांधी के नौटँकी की पोल खोल दी ...एक आलिशान स्टूडियो में मछुआरों के साथ बैठकर फाइव स्टार होटल से मछली मंगवाकर राहुल ने फोटो शूट किया ..लेकिन एक पत्रकार ने चुपके से दो फोटो खिंच लिया

media ने कभी ये बताया ??


: Breaking News
media ने कभी ये बताया ??
nestle कंपनी खुद मानती है कि वे अपनी चाकलेट kitkat मे
बछड़े के मांस
का रस
मिलाती है
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media ने कभी ये बताया ???
की मद्रास high cout मे fair and lovely कंपनी पर जब case
किया गया था ! तब कंपनी ने खुद माना था ! हम cream मे
सूअर
की चर्बी का तेल मिलाते है !!
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media ने कभी बताया कि
ये vicks नाम कि दवा यूरोप के कितने देशो मे ban है ! वहाँ इसे
जहर
घोषित किया गया है !पर भारत मे सारा दिन tv पर
इसका विज्ञापन
आता है !!
_____________________________
media ने कभी बताया ??
कि life bouy न bath soap है न toilet soap ! ये
जानवरो को नहलाने
वाला cabolic soap है !
यूरोप मे life bouy से कुत्ते है !और भारत मे 9 करोड़ लोग इससे
रगड़ रगड़
कर नहाते हैं !!
_______________________
media ने कभी बताया ! ???????????
की ये coke pepsi सच मे toilet cleaner है ! और ये साबित
हो गया है
इसमे 21 तरह के अलग अलग जहर है ! और तो और संसद की कंटीन
मे
coke pepsi बेचना ban है ! पर पूरे देश मे बिक रही है !!
____________________
media ने कभी बताया ????
कि ये healt tonic बेचने
वाली विदेशी कंपनिया boost ,complan ,horlics,maltov
a ,protinx ,
इन सबका delhi के all india institute (जहां भारत की सबसे
बड़ी लैब
है ) वहाँ इन सबका test किया गया ! और पता लगा ये सिर्फ
मुगफली के
खली से बनते है ! मतलब मूँगफली का तेल निकालने के बाद
जो उसका waste बचता है !जिसे गाँव मे जानवर खाते है ! उससे
ये health
tonic बनाते है !!
__________________________
media ने कभी बताया ??????
अमिताभ बच्चन का जब आपरेशन हुआ था और 10 घंटे चला था !
तब
डाक्टर ने उसकी बड़ी आंत काटकर निकली थी !! और डाक्टर
मे कहा था ये
coke pepsi पीने के कारण सड़ी है ! और अगले ही दिन से
अमिताभ बच्चन
ने इसका विज्ञापन करना बंद कर दिया था और आजतक coke
pepsi
का विज्ञापन नहीं करता नहीं करता !
__________________________________
Media अगर ईमानदार है !
तो सबका सच एकसाथ दिखाये !!
आजकल बहुत से लोग हैं
जिन्हें "पिज्जा"
खाने में बड़ा मज़ा आता है .
चलिये पिज्जा पर एक नज़र डालें >>
पिज्जा बेचनेवाली कंपनियाँ
"Pizza Hut, Dominos,
KFC, McDonalds,
Pizza Corner,
Papa John’s Pizza,
California Pizza Kitchen,
Sal’s Pizza"
ये सब कम्पनियॉ अमेरिका की है
आप चाहे तो
Wikipedia पे देख सकते हो.
Note:- पिज्जा मे टेस्ट लाने के लिये
E-631 flavor Enhancer
नाम का तत्व मिलाया जाता है
वो सुअर के मॉस से बनता है
आप चाहो तो Google पे देख लो.
Sahi lage to is msg ko
aage failaye.
● सावधान मित्रों अगर खाने पीने
कि चीजों के पैकेटो पर निम्न कोड
लिखे है तो उसमें ये चीजें मिली हुई है.
E 322 - गाये का मास
E 422 - एल्कोहोल तत्व
E 442 - एल्कोहोल तत्व ओर कमिकल
E 471 - गाय का मास ओर एल्कोहोल तत्व
E 476 - एल्कोहोल तत्व
E 481 - गाय ओर सुर के मास ए संगटक
E 627 - घातक केमिकल
E 472 - गाय + सुर + बकरी के मिक्स मास के संगटक
E 631 - सुर कि चर्बी का तेल
● नोट -
ये सभी कोड आपको ज्यादातर
विदेशी कम्पनी जैेसे :-
चिप्स , बिस्कुट , च्युंगम,
टॉफी ,कुरकुरे ओर मैगी
आदि में दिखेगे l
● ध्यान दे ये अफवह नही
बिलकुल सच है अगर यकीन नही
हो तो इंन्टरनेट गुगल पर सर्च कर लो.
● मैगी के पैक पे ingredient में देखें , flavor (E-635 ) लिखा मिलेगा.
● आप चाहे तो google पर देख
सकते है इन सब नम्बर्स को:-
E100, E110, E120, E140, E141, E153, E210, E213, E214, E216, E234, E252, E270, E280, E325, E326, E327, E334, E335, E336, E337, E422, E430, E431, E432, E433, E434, E435, E436, E440, E470, E471, E472, E473, E474, E475, E476, E477, E478, E481, E482, E483, E491, E492, E493, E494, E495, E542, E570, E572, E631, E635, E904.
आप सबसे निवेदन है की
चुटकले भेजने की बजाय यह
सन्देश सबको भेजे ताकि लोग
जान सके ।
देश को सन्देश....
यदि भारत के 121 करोड़ लोगों में से सिर्फ 10% लोग प्रतिदिन 10 रुपये का रस पियें तो महीने भर में होता है लगभग " 3600 करोड़ "...!!!!
अगर आप...
कोका कोला या पेप्सी पीते हैं
तो ये " 3600 करोड़ " रुपये
देश के बाहर चले जायेँगे...।
कोका कोला, पेप्सी जैसी कंपनियाँ प्रतिदिन
" 7000 करोड़ " से ज्यादा लूट लेती हैं..।
आपसे अनुरोध है क आप...
गन्ने का जूस/ नारियल पानी/ आम/ फलों के रस आदि को अपनायें और
देश का " 7000 करोड़ " रूपये बचाकर हमारे किसानों को दें...।
" किसान आत्महत्या नहीं करेंगे.."
फलों के रस के धंधे से
" 1 करोड़ " लोगो को रोजगार मिलेगा और 10 रूपये के रस का गिलास 5 रूपये में ही मिलेगा...।
स्वदेशी अपनाओ,
राष्ट्र को शक्तिशाली बनाओ..।
👇👇👇
और ये मेसेज तीन लोगों तक जरुर पहुँचाये..
मैसेज रुकना नहीं चाहिए..
Cocacola
Maggi
Fanta
Garnier
Ravlon
Lorial
Huggis
Levis
Nokia
Macdownalds
Calvin clin
Kit kat
Sprite
80% लोगो ने इसे इस्तेमाल करना बंध कर दिया हे। इन की आधे से ज्यादा ब्रांच बंध हो चुकी हे।

sanskar

Deven Chaudhary ने 3 नई फ़ोटो जोड़ी.
25 जानवरो को निगल लिया था और ये आबादी के लिए जबरदस्त खतरा बन गया था
134 फ़ीट लंबा और 2067 किलोग्राम वजनी यह अनाकोंडा सांप 37 दिन के लगातार प्रयास के बाद अफ्रीका की रॉयल ब्रिटिश कमांडो टीम द्वारा मारा डाला गया
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ओ३म्
संस्कृत वाक्य अभ्यासः
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बहूनि दिनानि पूर्वम्
= बहुत दिन पहले
बहूनि दिनानि अभवन्
= बहुत दिन हो गए
बहूनि दिनानि अनन्तरम्
= बहुत दिनों के बाद
बहूनि दिनानि प्रयन्तम्
= बहुत दिनों तक
बहुभ्यः दिनेभ्यः प्रभृतिः
= बहुत दिनों से
बहूनि दिनानि पूर्वं सः मम गृहम् आगतवान् आसीत्
= बहुत दिन पहले वह मेरे घर आया था ।
बहूनि दिनानि अभवन् सः मम गृहं न आगतवान्
= बहुत दिन हो गए वह मेरे घर नहीं आया है ।
बहूनि दिनानि अनन्तरं सः मम गृहम् आगतवान्
= बहुत दिनों के बाद वह मेरे घर आया ।
बहूनि दिनानि पर्यन्तं सः मम गृहे स्थितवान्
= बहुत दिनों तक वह मेरे घर रुका ।
बहुभ्यः दिनेभ्यः प्रभृतिः सः प्रतिदिनं मम गृहम् आगच्छति
= बहुत दिनों से वह हररोज मेरे घर आता है ।
बहूनि दिनानि अतीतानि
= बहुत दिन हो गए हैं
बहूनि दिनानि अतीतानि वर्षा न जाता
= बहुत दिन हो गए हैं वर्षा नहीं हुई ।
==========================
ी कई मार्शल आर्ट विकसित हुए भारत में विशेषकर मुगलों और अन्य बाहरी आक्रमणकारियों से लड़ने के लीये जिनमें प्रमुख है :
बिहार-उड़ीसा का मार्शलआर्ट "छऊ" - इसमें तलवारबाजी प्रमुख है ।
गटका : ये है अपना सिक्ख मार्शलआर्ट जिससे एक हजार मुगलों पर अपना एक ही वीर सिपाही भारी पड़ता था ...
continued...
‪#‎Mehu‬ 😍💪🔫🔪🐯🌸





mediya

अगर किसीको गांधी महात्मा लगता हो तो वो हमारे सिर्फ चार सवालों के जवाब दे.
1 ~ अगर भारत में हिंदू मुसलमान एक साथ रह शकते थे तो फिर गांधी ने पाकिस्तान क्युँ
बनाया?
2 ~ अगर हिंदू मुसलमान एक साथ नही रह शकते इसलिये अगर पाकिस्तान बनाया तो फिर भारत में मुसलमान क्युँ रखे?
3 ~ नेहरु मुसलमान है ये बात गांधी ने लोगों से क्युँ छुपायी?
इंदीरा खान से इंदिरा गांधी जुठा नाम गांधी ने क्युँ बनाया और लोगोंको फसाया?
4 ~ प्रधानमंत्री के पद के लिये सरदार वल्लभ भाइ पटेल चुने गये थे तो उनको हटाके गांधी ने नेहरु को प्रधानमंत्री क्युँ बनाया?
हमारे लिए तो सच्चा राष्ट्रपिता नाथुराम गोडसे ही है.
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Sanjay Dwivedy ने 4 नई फ़ोटो जोड़ी.
आज जब अमेरिका सहित दुनियाँ भर के देशों में हिंदु को सर्वोच्च प्रशासनिक पदों पर आसीन किया जा रहा है वहीं इन 700 रोहिंग्या मुस्लिमों को अन्य मुस्लिम देश तो छोडिये इनके खुद के ही देश में नहीं घुसने दिया जा रहा है,
क्या इस बात से यह पुष्टि नहीं होती कि पूरा विश्व सनातन धर्म का आदर करता है.
मैं जानता हूँ मेरी यह पोस्ट पढ़कर कुछ शांतिदूत बिलबिला जायेंगे लेकिन चूँकि सत्य से मुंह चुरा नहीं सकते इसलिए किसी भी तरह की टिपण्णी नहीं करेंगे.
क्या ये सच नहीं है कि इनका ये हाल शुक्रवार को इनके भेजे में भरने वाली इनकी शिक्षाओं ने ही किया है, मैंने कई शांतिदूतों के मुंह से सूना है कि इस्लाम अमन और भाईचारे का मज़हब है तो इनके ही मजहबी भाई इन्हें कुत्ते की तरह क्यों दुत्कार रहे हैं, बांग्लादेशी DNA वाले इन रोहिंज्ञा मुस्लिमों को बांग्लादेश, पाकिस्तान, मलेशिया, इंडोनेशिया सहित इस्लाम का ठेकेदार कोई भी देश शरण देने को तैयार ही नहीं है बल्कि अपुष्ट समाचारों के अनुसार जब इन्होने चिट्गाव बांग्लादेश में घुसने की कोशिश की तो वहां की BDR {बंगलादेश रायफल्स} ने सीधा कई लोगों को गोली से उड़ा दिया क्या इसे ही भाईचारा कहते हैं.
ऐसा नहीं कि म्यांमार के लोग हमेशा से ही इतने क्रूर थे बल्कि वो लोग हम हिन्दुओं से ज्यादा अहिंसावादी और दयालू थे, पर इन रोहिंग्या मुसलामानों ने अपनी नीच और कमीनी हरकतों से उनका जीना ही हराम कर दिया था अब उनके पास सिर्फ दौ विकल्प थे या तो इनको समूल नष्ट किया जाए या स्वयम अपना आस्तित्व समाप्त कर ले उन्होंने पहला विकल्प चुना और अहिंसा की पोटली में आग लगाकर हिंसा का दामन थाम लिया.
अब यक्ष प्रश्न : इनका ये हाल क्यों हो रहा है ?
कारण इतना सब कुछ होने के बावजूद ये भविष्य में भी कोई शिक्षा नहीं लेंगे, रहते भारत में हैं लेकिन संस्कृत, की बजाय पढेंगे अरबी ही, पढ़ाई लिखाई से दूर रहेंगे और बच्चों की लाइन लगाते रहेंगे,और यही राग अलापते रहेंगे कि इस्लाम अमन का मज़हब है और इंसानियत सिर्फ इस्लाम की ही देंन है.
अगर आपसे कोई मुस्लिम अहिंसा या राष्ट्रभक्ति को लेकर बहस करे तो सिर्फ उससे इतना पूछिये,
1,औरंगजेब ने गुरु गोविन्द सिंह के दौ नन्हे नन्हे बच्चों जोरावर सिंह (8वर्ष) और फतह सिंह (5वर्ष) को उनकी दादी के सामने दीवार में चुनवाकर अच्छा काम किया था या महापाप किया था जिसमे जोरावर सिंह के घुटने बके(मांस काटने वाला चाकू) से छीलकर दीवार में चुनवाया गया था.
अगर ये महापाप था तो दिल्ली में औरंगजेब रोड का नाम बदलकर फतह सिंह जोरावर सिंह मार्ग रखना चाहिए या नहीं, उत्तर पाकर या ना पाकर आपको मेरी पोस्ट लिखने का असली कारण समझ में आ जाएगा और इस अमन के मज़हब का असली चेहरा भी आपके सामने आ जाएगा.
2, औरंगजेब ने भाई मतिदास को आरी से बीच में से चिरवा कर भाई सतीदास को तेल में तलकर और भाई दयाला को रुई में लपेटकर और जलाकर हत्या करके अच्छा किया था या महापाप अगर महापाप था तो महाराष्ट्र के औरंगाबाद शहर का नाम सम्भाजी नगर क्यों ना रखा जाए.

खैर मुद्दे पर आता हूँ,
लगभग हर मुस्लिम देश इन रोहिंग्या मुस्लिमों की चिंताजनक स्थिति को देखकर विधवा विलाप कर रहा है लेकिन अपने यहाँ रखने को कोई तैयार नहीं, जानते हैं अब मानवता के नाते कौनसा देश इन भिखारियों पर तरस खा रहा है "फिलीपींस" जी हाँ इसाई बहुल देश फिलीपींस.
कुछ दिनों, महीनों या वर्षों बाद ये ही रोहिंग्या शांतिदूत इन फिलिपिनियों का जीना हराम कर देंगे रातदिन इनके पास एक ही काम है दुनिया को आसमान से उतरी किताब के अनुसार चलने पर मजबूर करना उसके लिए हर तरह की जद्दोजहद करना और शायद ये ही इनकी इस फटीचर हालत और दुर्गति का सबसे बड़ा कारण है.
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अपनी बीवी की पसन्द पर कभी मत हँसो
क्योकि तुम उनमे से एक हो...😯😯
अपनी पसन्द पर कभी घमण्ड मत करो..क्योकि
तुम्हारी बीवी उनमे से एक है..!!
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मुसलमानों को कोई सिरीया में घर नही दे रहा है ... ईराक में नही दे रहा है .. अमेरिका में नही दे रहा है .. आस्ट्रेलिया में नही दे रहा है .. इजरायल में नही दे रहा है ..
तो दोषी कौन है ? क्या मुसलमान खुद कभी चिन्तन करेंगे ?
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सोमनाथ मन्दिर के संग्रहालय में ये दुर्लभ फोटो रखा हुआ है ..इस फोटो को एक अंग्रेज इतिहासकार ने लिया था .. महमूद गजनवी द्वारा लूटने के बाद ध्वस्त किया गया सोमनाथ ...
कुछ दिन पहले एबीपी न्यूज़ पर एक मुस्लिम इतिहासकार कह रहे थे की इतिहास में मुगलो को लेकर झूठ फैलाया गया है मुगलो ने एक भी मन्दिर नही तोडा ..
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Tuesday, 26 May 2015

भक्तिकथा
हनुमानजी की रामभक्ति की गाथा संसार में भर में गाई जाती है. लक्ष्मणजी की भक्ति भी अद्भुत थी. लक्ष्मणजी की कथा के बिना श्रीरामकथा पूर्ण नहीं है.
अगस्त्य मुनि अयोध्या आए और लंका युद्ध का प्रसंग छिड़ गया. भगवान श्रीराम ने बताया कि उन्होंने कैसे रावण और कुंभकर्ण जैसे प्रचंड वीरों का वध किया और लक्ष्मण ने भी इंद्रजीत और अतिकाय जैसे शक्तिशाली असुरों को मारा.
अगस्त्य मुनि बोले- श्रीराम बेशक रावण और कुंभकर्ण प्रचंड वीर थे, लेकिन सबसे बड़ा वीर तो मेघनाध ही था. उसने अंतरिक्ष में स्थित होकर इंद्र से युद्ध किया था और बांधकर लंका ले आया था. ब्रह्मा ने इंद्रजीत से दान के रूप में इंद्र को मांगा तब इंद्र मुक्त हुए थे. लक्ष्मण ने उसका वध किया इसलिए वे सबसे बड़े योद्धा हुए.
श्रीराम को आश्चर्य हुआ लेकिन भाई की वीरता की प्रशंसा से वह खुश थे. फिर भी उनके मन में जिज्ञासा पैदा हुई कि आखिर अगस्त्य मुनि ऐसा क्यों कह रहे हैं कि इंद्रजीत का वध रावण से ज्यादा मुश्किल था.
अगस्त्य मुनि ने कहा- प्रभु इंद्रजीत को वरदान था कि उसका वध वही कर सकता था जो चौदह वर्षों तक न सोया हो, जिसने चौदह साल तक किसी स्त्री का मुख न देखा हो और चौदह साल तक भोजन न किया हो.
श्रीराम बोले- परंतु मैं बनवास काल में चौदह वर्षों तक नियमित रूप से लक्ष्मण के हिस्से का फल-फूल देता रहा. मैं सीता के साथ एक कुटी में रहता था, बगल की कुटी में लक्ष्मण थे, फिर सीता का मुख भी न देखा हो, और चौदह वर्षों तक सोए न हों, ऐसा कैसे संभव है.
अगस्त्य मुनि सारी बात समझकर मुस्कुराए. प्रभु से कुछ छुपा है भला! दरअसल, सभी लोग सिर्फ श्रीराम का गुणगान करते थे लेकिन प्रभु चाहते थे कि लक्ष्मण के तप और वीरता की चर्चा भी अयोध्या के घर-घर में हो.
अगस्त्य मुनि ने कहा- क्यों न लक्ष्मणजी से पूछा जाए. लक्ष्मणजी आए. प्रभु ने कहा कि आपसे जो पूछा जाए उसे सच-सच कहिएगा.
प्रभु ने पूछा- हम तीनों चौदह वर्षों तक साथ रहे फिर तुमने सीता का मुख कैसे नहीं देखा, फल दिए गए फिर भी अनाहारी कैसे रहे और 14 साल तक सोए नहीं, यह कैसे हुआ.
लक्ष्मणजी ने बताया- भैया जब हम भाभी को तलाशते ऋष्यमूक पर्वत गए तो सुग्रीव ने हमें उनके आभूषण दिखाकर पहचानने को कहा. आपको स्मरण होगा मैं तो सिवाए उनके पैरों के नुपूर के कोई आभूषण नहीं पहचान पाया था क्योंकि मैंने कभी भी उनके चरणों के ऊपर देखा ही नहीं.
चौदह वर्ष नहीं सोने के बारे में सुनिए- आप औऱ माता एक कुटिया में सोते थे. मैं रातभर बाहर धनुष पर बाण चढ़ाए पहरेदारी में खड़ा रहता था. निद्रा ने मेरी आंखों पर कब्जा करने की कोशिश की तो मैंने निद्रा को अपने बाणों से बेध दिया था.
निद्रा ने हारकर स्वीकार किया कि वह चौदह साल तक मुझे स्पर्श नहीं करेगी लेकिन जब श्रीराम का अयोध्या में राज्याभिषेक हो रहा होगा और मैं उनके पीछे सेवक की तरह छत्र लिए खड़ा रहूंगा तब वह मुझे घेरेगी. आपको याद होगा राज्याभिषेक के समय मेरे हाथ से छत्र गिर गया था.
अब मैं 14 साल तक अनाहारी कैसे रहा! मैं जो फल-फूल लाता था आप उसके तीन भाग करते थे. एक भाग देकर आप मुझसे कहते थे लक्ष्मण फल रख लो. आपने कभी फल खाने को नहीं कहा- फिर बिना आपकी आज्ञा के मैं उसे खाता कैसे. मैंने उन्हें संभाल कर रख दिया. सभी फल उसी कुटिया में अभी भी रखे होंगे.
प्रभु के आदेश पर लक्ष्मणजी चित्रकूट की कुटिया में से वे सारे फलों की टोकरी लेकर आए और दरबार में रख दिया. फलों की गिनती हुई. सात दिन के हिस्से के फल नहीं थे. प्रभु ने कहा- इसका अर्थ है कि तुमने सात दिन तो आहार लिया था.
लक्ष्मणजी ने सात फल कम होने के बारे बताया- उन सात दिनों में फल आए ही नहीं. जिस दिन हमें पिताश्री के स्वर्गवासी होने की सूचना मिली, हम निराहारी रहे. जिस दिन रावण ने माता का हरण किया उस दिन फल लाने कौन जाता.
जिस दिन समुद्र की साधना कर आप उससे राह मांग रहे थे, जिस दिन आप इंद्रजीत के नागपाश में बंधकर दिनभर अचेत रहे, जिस दिन इंद्रजीत ने मायावी सीता को काटा था और हम शोक में रहे, जिस दिन रावण ने मुझे शक्ति मारी और जिस दिन आपने रावण-वध किया- इन दिनों में हमें भोजन की सुध कहां थी.
विश्वामित्र मुनि से मैंने एक अतिरिक्त विद्या का ज्ञान लिया था- बिना आहार किए जीने की विद्या. उसके प्रयोग से मैं चौदह साल तक अपनी भूख को नियंत्रित कर सका जिससे इंद्रजीत मारा गया.
भगवान श्रीराम ने लक्ष्मणजी की तपस्या के बारे में सुनकर उन्हें हृद्य से लगा लिया.