Saturday, 28 November 2015

13 सितम्बर 2008 को दिल्ली में सीरियल ब्लास्ट हुए | 19 सितम्बर 2008 को पुलिस के ख़ुफ़िया तंत्र ने सूचना दी कि इस सीरियल ब्लास्ट के आरोपी आतंकवादी बटला हाउस में छुपे हुए हैं | पुलिस जांबाज इन्स्पेक्टर मोहन चन्द्र शर्मा के नेतृत्व में उस घर को घेर लेती है | अपनी 21 वर्ष की नौकरी में इन्स्पेक्टर मोहन चन्द्र शर्मा 200 से ज्यादा आतंकियों को गिरफ्तार कर चुके थे, 60 को ढेर कर चुके थे | लेकिन यह एनकाउन्टर उनके जीवन का अंतिम पड़ाव साबित हुआ | वे आतंकियों की गोली का शिकार बन गए | दो आतंकी आतिफ व साजिद भी मारे गए, जबकि कुछ आतंकी फरार होने में सफल हुए | 

 अधिक दुर्भाग्यपूर्ण यह रहा कि कांग्रेस के स्वनामधन्य क्षत्रप दिग्विजय सिंह जी ने इस एनकाउन्टर को ही फर्जी करार दे दिया और इन्स्पेक्टर शर्मा की शहादत पर प्रश्नवाचक चिन्ह लगा दिया | वे तथा कांग्रेस के अन्य नेता मुठभेड़ में मारे गए आतंकी के साथ खड़े दिखाई दिए | एक नेता ने तो यहाँ तक बयान दिया कि आतिफ व साजिद की मौत पर कांग्रेस अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गांधी फुटफुट कर रो पडीं | राहुल गांधी तो स्वयं मारे गए आतंकियों के घर भी गए, व उनसे सहानुभूति प्रदर्शित की | 

भाजपा नेता विनय कटियार ने कहा ‌है कि उक्त एनकाउन्टर में फरार हुआ आरोपी सज्जाद, पेरिस में हुए आतंकी हमले में भी शामिल था, तथा वहां हुई पुलिस कार्यवाही में मारा गया | श्री कटियार ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के आतंकवादियों से तालुक्कात हैं। कटियार ने कहा कि दिल्ली के बटाला हाउस कांड का आरोपी सज्जाद आजमगढ़ के एक गांव का रहने वाला था। इस घटना के बाद खुद दिग्विजय सिंह व राहुल गांधी सज्जाद के घर पहुंचे थे तथा सज्जाद को क्लिचिट दिलाने का आश्वासन भी दिलाया था।अभी पेरिस में जो आतंकी हमला हुआ था उसमें लड़ते हुए सज्जाद मारा गया। तब मालूम चला कि सज्जाद आईएसआई से जुड़ा हुआ था। इस बारे में समाचार पत्रों में भी निकला था।

कटियार ने आरोप लगाया कि दिल्ली बाटला हाउस कांड का आरोपी आजमगढ़ संजयपुर का रहने वाला सज्जाद की मौत आईएसआईएस के गढ़ में हुई है। बाटला हाउस कांड के इस आतंकी आरोपी के घर आजमगढ़ में दिग्विजय सिंह, राहुल गांधी जाते थे। उसे बाटला हाउस कांड के आरोप से मुक्त कराने की मांग करते थे। अंत में सज्जाद आतंकी निकला।  दिग्विजय सिंह बताए कि सज्जाद से उनके क्या रिश्ते थे। सोनिया और राहुल सहित कांग्रेस के इन नेताओं ने देश को शर्मसार किया है।

Friday, 27 November 2015

तीन दिन पहले एक मेजर के बच्चे को आग देते हुए नहीं देखा आप उसकी लाश पर क्रिकेट खेलेंगे गजल सुनेगे बहुत तमाशा हो चुका ।
फ़्रांस ने 24 घंटे में ईट से ईट बजा दी हमारी तरह ग़ज़ल और क्रिकेट नहीं खेल रहे और उन दोगलो से जो असहिष्णुता की बात कर रहे है उन्हें एक फौजी के नाते कहना चाह रहा हूँ की हम आतंक के खिलाफ सहनशील नहीं है ।
हम अपने सैनिको की शहादत पर सहनशील नहीं है । खून को खौला देने वाला बक्शी का दर्द आज देशवाशियो को असहिष्णुता का अर्थ समझा गया।

Wednesday, 25 November 2015

कलौंजी : मौत को छोड़कर इसमें छिपा है हर मर्ज का इलाज!

टाइप-2 डायबिटीज
प्रतिदिन 2 ग्राम कलौंजी के सेवन के परिणामस्वरूप तेज हो रहा ग्लूकोज कम होता है। इंसुलिन रैजिस्टैंस घटती है,बीटा सैल की कार्यप्रणाली में वृद्धि होती है तथा ग्लाइकोसिलेटिड हीमोग्लोबिन में कमी आती है।
मिर्गी
2007 में हुए एक अध्ययन के अनुसार मिर्गी से पीड़ित बच्चों में कलौंजी के सत्व का सेवन दौरे को कम करता है।
उच्च रक्तचाप
100 या 200 मिलीग्राम कलौंजी के सत्व के दिन में दो बार सेवन से हाइपरटैंशन के मरीजों में ब्लड प्रैशर कम होता है।
दमा :
कलौंजी को पानी में उबालकर इसका सत्व पीने से अस्थमा में काफी अच्छा प्रभाव पड़ता है।
रक्तचाप (ब्लडप्रेशर)
रक्तचाप (ब्लडप्रेशर) में एक कप गर्म पानी में आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर दिन में 2 बार पीने से रक्तचाप सामान्य बना रहता है। तथा 28 मिलीलीटर जैतुन का तेल और एक चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर पूर शरीर पर मालिश आधे घंटे तक धूप में रहने से रक्तचाप में लाभ मिलता है। यह क्रिया हर तीसरे दिन एक महीने तक करना चाहिए।
गंजापन
जली हुई कलौंजी को हेयर ऑइल में मिलाकर नियमित रूप से सिर पर मालिश करने से गंजापन दूर होकर बाल उग आते हैं।
त्वचा के विकार
कलौंजी के चूर्ण को नारियल के तेल में मिलाकर त्वचा पर मालिश करने से त्वचा के विकार नष्ट होते हैं।
लकवा
कलौंजी का तेल एक चौथाई चम्मच की मात्रा में एक कप दूध के साथ कुछ महीने तक प्रतिदिन पीने और रोगग्रस्त अंगों पर कलौंजी के तेल से मालिश करने से लकवा रोग ठीक होता है।
कान की सूजन, बहरापन
कलौंजी का तेल कान में डालने से कान की सूजन दूर होती है। इससे बहरापन में भी लाभ होता है।
सर्दी-जुकाम
कलौंजी के बीजों को सेंककर और कपड़े में लपेटकर सूंघने से और कलौंजी का तेल और जैतून का तेल बराबर की मात्रा में नाक में टपकाने से सर्दी-जुकाम समाप्त होता है। आधा कप पानी में आधा चम्मच कलौंजी का तेल व चौथाई चम्मच जैतून का तेल मिलाकर इतना उबालें कि पानी खत्म हो जाएं और केवल तेल ही रह जाएं। इसके बाद इसे छानकर 2 बूंद नाक में डालें। इससे सर्दी-जुकाम ठीक होता है। यह पुराने जुकाम भी लाभकारी होता है।
पेट के कीडे़
10 ग्राम कलौंजी को पीसकर 3 चम्मच शहद के साथ रात सोते समय कुछ दिन तक नियमित रूप से सेवन करने से पेट के कीडे़ नष्ट हो जाते हैं।
प्रसव की पीड़ा
कलौंजी का काढ़ा बनाकर सेवन करने से प्रसव की पीड़ा दूर होती है।
पोलियों का रोग
आधे कप गर्म पानी में एक चम्मच शहद व आधे चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर सुबह खाली पेट और रात को सोते समय लें। इससे पोलियों का रोग ठीक होता है।
मुंहासे
सिरके में कलौंजी को पीसकर रात को सोते समय पूरे चेहरे पर लगाएं और सुबह पानी से चेहरे को साफ करने से मुंहासे कुछ दिनों में ही ठीक हो जाते हैं।
स्फूर्ति
स्फूर्ति (रीवायटल) के लिए नांरगी के रस में आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर सेवन करने से आलस्य और थकान दूर होती है।
गठिया
कलौंजी को रीठा के पत्तों के साथ काढ़ा बनाकर पीने से गठिया रोग समाप्त होता है।
जोड़ों का दर्द
एक चम्मच सिरका, आधा चम्मच कलौंजी का तेल और दो चम्मच शहद मिलाकर सुबह खाली पेट और रात को सोते समय पीने से जोड़ों का दर्द ठीक होता है।
आंखों के सभी रोग
आंखों की लाली, मोतियाबिन्द, आंखों से पानी का आना, आंखों की रोशनी कम होना आदि। इस तरह के आंखों के रोगों में एक कप गाजर का रस, आधा चम्मच कलौंजी का तेल और दो चम्मच शहद मिलाकर दिन में 2बार सेवन करें। इससे आंखों के सभी रोग ठीक होते हैं। आंखों के चारों और तथा पलकों पर कलौंजी का तेल रात को सोते समय लगाएं। इससे आंखों के रोग समाप्त होते हैं। रोगी को अचार, बैंगन, अंडा व मछली नहीं खाना चाहिए।
स्नायुविक व मानसिक तनाव
एक कप गर्म पानी में आधा चम्मच कलौंजी का तेल डालकर रात को सोते समय पीने से स्नायुविक व मानसिक तनाव दूर होता है।
गांठ
कलौंजी के तेल को गांठो पर लगाने और एक चम्मच कलौंजी का तेल गर्म दूध में डालकर पीने से गांठ नष्ट होती है।

मलेरिया का बुखार
पिसी हुई कलौंजी आधा चम्मच और एक चम्मच शहद मिलाकर चाटने से मलेरिया का बुखार ठीक होता है।
स्वप्नदोष
यदि रात को नींद में वीर्य अपने आप निकल जाता हो तो एक कप सेब के रस में आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर दिन में 2 बार सेवन करें। इससे स्वप्नदोष दूर होता है। प्रतिदिन कलौंजी के तेल की चार बूंद एक चम्मच नारियल तेल में मिलाकर सोते समय सिर में लगाने स्वप्न दोष का रोग ठीक होता है। उपचार करते समय नींबू का सेवन न करें।
कब्ज
चीनी 5 ग्राम, सोनामुखी 4 ग्राम, 1 गिलास हल्का गर्म दूध और आधा चम्मच कलौंजी का तेल। इन सभी को एक साथ मिलाकर रात को सोते समय पीने से कब्ज नष्ट होती है।
खून की कमी
एक कप पानी में 50 ग्राम हरा पुदीना उबाल लें और इस पानी में आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर सुबह खाली पेट एवं रात को सोते समय सेवन करें। इससे 21 दिनों में खून की कमी दूर होती है। रोगी को खाने में खट्टी वस्तुओं का उपयोग नहीं करना चाहिए।
पेट दर्द
किसी भी कारण से पेट दर्द हो एक गिलास नींबू पानी में 2 चम्मच शहद और आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर दिन में 2 बार पीएं। उपचार करते समय रोगी को बेसन की चीजे नहीं खानी चाहिए। या चुटकी भर नमक और आधे चम्मच कलौंजी के तेल को आधा गिलास हल्का गर्म पानी मिलाकर पीने से पेट का दर्द ठीक होता है। या फिर 1 गिलास मौसमी के रस में 2 चम्मच शहद और आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर दिन में 2 बार पीने से पेट का दर्द समाप्त होता है।
सिर दर्द
कलौंजी के तेल को ललाट से कानों तक अच्छी तरह मलनें और आधा चम्मच कलौंजी के तेल को 1 चम्मच शहद में मिलाकर सुबह-शाम सेवन करने से सिर दर्द ठीक होता है। कलौंजी खाने के साथ सिर पर कलौंजी का तेल और जैतून का तेल मिलाकर मालिश करें। इससे सिर दर्द में आराम मिलता है और सिर से सम्बंधित अन्य रोगों भी दूर होते हैं।
कलौंजी के बीजों को गर्म करके पीस लें और कपड़े में बांधकर सूंघें। इससे सिर का दर्द दूर होता है। कलौंजी और काला जीरा बराबर मात्रा में लेकर पानी में पीस लें और माथे पर लेप करें। इससे सर्दी के कारण होने वाला सिर का दर्द दूर होता है।
उल्टी
आधा चम्मच कलौंजी का तेल और आधा चम्मच अदरक का रस मिलाकर सुबह-शाम पीने से उल्टी बंद होती है।
हार्निया
3 चम्मच करेले का रस और आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर सुबह खाली पेट एवं रात को सोते समय पीने से हार्निया रोग ठीक होता है।
मिर्गी के दौरें
एक कप गर्म पानी में 2 चम्मच शहद और आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर दिन में तीन बार सेवन करने से मिर्गी के दौरें ठीक होते हैं। मिर्गी के रोगी को ठंडी चीजे जैसे- अमरूद, केला, सीताफल आदि नहीं देना चाहिए।
पीलिया
एक कप दूध में आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर प्रतिदिन 2 बार सुबह खाली पेट और रात को सोते समय 1 सप्ताह तक लेने से पीलिया रोग समाप्त होता है। पीलिया से पीड़ित रोगी को खाने में मसालेदार व खट्टी वस्तुओं का उपयोग नहीं करना चाहिए।
कैंसर का रोग
एक गिलास अंगूर के रस में आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर दिन में 3 बार पीने से कैंसर का रोग ठीक होता है। इससे आंतों का कैंसर, ब्लड कैंसर व गले का कैंसर आदि में भी लाभ मिलता है। इस रोग में रोगी को औषधि देने के साथ ही एक किलो जौ के आटे में 2 किलो गेहूं का आटा मिलाकर इसकी रोटी, दलिया बनाकर रोगी को देना चाहिए। इस रोग में आलू, अरबी और बैंगन का सेवन नहीं करना चाहिए। कैंसर के रोगी को कलौंजी डालकर हलवा बनाकर खाना चाहिए।
दांत
कलौंजी का तेल और लौंग का तेल 1-1 बूंद मिलाकर दांत व मसूढ़ों पर लगाने से दर्द ठीक होता है। आग में सेंधानमक जलाकर बारीक पीस लें और इसमें 2-4 बूंदे कलौंजी का तेल डालकर दांत साफ करें। इससे साफ व स्वस्थ रहते हैं।
दांतों में कीड़े लगना व खोखलापन: रात को सोते समय कलौंजी के तेल में रुई को भिगोकर खोखले दांतों में रखने से कीड़े नष्ट होते हैं।
नींद
रात में सोने से पहले आधा चम्मच कलौंजी का तेल और एक चम्मच शहद मिलाकर पीने से नींद अच्छी आती है।
मासिकधर्म
कलौंजी आधा से एक ग्राम की मात्रा में सुबह-शाम सेवन करने से मासिकधर्म शुरू होता है। इससे गर्भपात होने की संभावना नहीं रहती है।
जिन माताओं बहनों को मासिकधर्म कष्ट से आता है उनके लिए कलौंजी आधा से एक ग्राम की मात्रा में सेवन करने से मासिकस्राव का कष्ट दूर होता है और बंद मासिकस्राव शुरू हो जाता है।
कलौंजी का चूर्ण 3 ग्राम की मात्रा में शहद मिलाकर चाटने से ऋतुस्राव की पीड़ा नष्ट होती है।
मासिकधर्म की अनियमितता में लगभग आधा से डेढ़ ग्राम की मात्रा में कलौंजी के चूर्ण का सेवन करने से मासिकधर्म नियमित समय पर आने लगता है।
यदि मासिकस्राव बंद हो गया हो और पेट में दर्द रहता हो तो एक कप गर्म पानी में आधा चम्मच कलौंजी का तेल और दो चम्मच शहद मिलाकर सुबह-शाम पीना चाहिए। इससे बंद मासिकस्राव शुरू हो जाता है।
गर्भवती महिलाओं
कलौंजी आधा से एक ग्राम की मात्रा में प्रतिदिन 2-3 बार सेवन करने से मासिकस्राव शुरू होता है।
गर्भवती महिलाओं को इसका सेवन नहीं कराना चाहिए क्योंकि इससे गर्भपात हो सकता है।
स्तनों का आकार
कलौंजी आधे से एक ग्राम की मात्रा में प्रतिदिन सुबह-शाम पीने से स्तनों का आकार बढ़ता है और स्तन सुडौल बनता है।
स्तनों में दुध
कलौंजी को आधे से 1 ग्राम की मात्रा में प्रतिदिन सुबह-शाम खाने से स्तनों में दुध बढ़ता है।
स्त्रियों के चेहरे व हाथ-पैरों की सूजन:
कलौंजी पीसकर लेप करने से हाथ पैरों की सूजन दूर होती है।
बाल लम्बे व घने
50 ग्राम कलौंजी 1 लीटर पानी में उबाल लें और इस पानी से बालों को धोएं। इससे बाल लम्बे व घने होते हैं।
बेरी-बेरी रोग
बेरी-बेरी रोग में कलौंजी को पीसकर हाथ-पैरों की सूजन पर लगाने से सूजन मिटती है।
भूख का अधिक लगना
50 ग्राम कलौंजी को सिरके में रात को भिगो दें और सूबह पीसकर शहद में मिलाकर 4-5 ग्राम की मात्रा सेवन करें। इससे भूख का अधिक लगना कम होता है।
नपुंसकता
कलौंजी का तेल और जैतून का तेल मिलाकर पीने से नपुंसकता दूर होती है।
खाज-खुजली
50 ग्राम कलौंजी के बीजों को पीस लें और इसमें 10 ग्राम बिल्व के पत्तों का रस व 10 ग्राम हल्दी मिलाकर लेप बना लें। यह लेप खाज-खुजली में प्रतिदिन लगाने से रोग ठीक होता है।
नाड़ी का छूटना
नाड़ी का छूटना के लिए आधे से 1 ग्राम कालौंजी को पीसकर रोगी को देने से शरीर का ठंडापन दूर होता है और नाड़ी की गति भी तेज होती है। इस रोग में आधे से 1ग्राम कालौंजी हर 6 घंटे पर लें और ठीक होने पर इसका प्रयोग बंद कर दें।
कलौंजी को पीसकर लेप करने से नाड़ी की जलन व सूजन दूर होती है।
हिचकी
एक ग्राम पिसी कलौंजी शहद में मिलाकर चाटने से हिचकी आनी बंद हो जाती है। तथा कलौंजी आधा से एक ग्राम की मात्रा में मठ्ठे के साथ प्रतिदिन 3-4 बार सेवन से हिचकी दूर होती है। या फिर कलौंजी का चूर्ण 3 ग्राम मक्खन के साथ खाने से हिचकी दूर होती है। और यदि आप काले उड़द चिलम में रखकर तम्बाकू के साथ पीने से हिचकी में लाभ होता है।
3 ग्राम कलौंजी पीसकर दही के पानी में मिलाकर खाने से हिचकी ठीक होती है।
स्मरण शक्ति
लगभग 2 ग्राम की मात्रा में कलौंजी को पीसकर 2 ग्राम शहद में मिलाकर सुबह-शाम खाने से स्मरण शक्ति बढ़ती है।
छींके
कलौंजी और सूखे चने को एक साथ अच्छी तरह मसलकर किसी कपड़े में बांधकर सूंघने से छींके आनी बंद हो जाती है।
पेट की गैस
कलौंजी, जीरा और अजवाइन को बराबर मात्रा में पीसकर एक चम्मच की मात्रा में खाना खाने के बाद लेने से पेट की गैस नष्ट होता है।
पेशाब की जलन
250 मिलीलीटर दूध में आधा चम्मच कलौंजी का तेल और एक चम्मच शहद मिलाकर पीने से पेशाब की जलन दूर होती है।
दमा रोग (ASTHMA)
एक चुटकी नमक, आधा चम्मच कलौंजी का तेल और एक चम्मच घी मिलाकर छाती और गले पर मालिश करें और साथ ही आधा चम्मच कलौंजी का तेल 2 चम्मच शहद के साथ मिलाकर सेवन करें। इससे दमा रोग में आराम मिलता है।
पथरी
250 ग्राम कलौंजी पीसकर 125 ग्राम शहद में मिला लें और फिर इसमें आधा कप पानी और आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर प्रतिदिन 2 बार खाली पेट सेवन करें। इस तरह 21 दिन तक पीने से पथरी गलकर निकल जाती है।
सूजन
यदि चोट या मोच आने के कारण शरीर के किसी भी स्थान पर सूजन आ गई हो तो उसे दूर करने के लिए कलौंजी को पानी में पीसकर लगाएं। इससे सूजन दूर होती है और दर्द ठीक होता है। कलौंजी को पीसकर हाथ पैरों पर लेप करने से हाथ-पैरों की सूजन दूर होती है।
स्नायु की पीड़ा
दही में कलौंजी को पीसकर बने लेप को पीड़ित अंग पर लगाने से स्नायु की पीड़ा समाप्त होती है।
जुकाम
20 ग्राम कलौंजी को अच्छी तरह से पकाकर किसी कपड़े में बांधकर नाक से सूंघने से बंद नाक खुल जाती है और जुकाम ठीक होता है।
जैतून के तेल में कलौंजी का बारीक चूर्ण मिलाकर कपड़े में छानकर बूंद-बूंद करके नाक में डालने से बार-बार जुकाम में छींक आनी बंद हो जाती हैं और जुकाम ठीक होता है। कलौंजी को सूंघने से जुकाम में आराम मिलता है।
यदि बार-बार छींके आती हो तो कलौंजी के बीजों को पीसकर सूंघें।
बवासीर के मस्से
कलौंजी की भस्म को मस्सों पर नियमित रूप से लगाने से बवासीर का रोग समाप्त होता है।
वात रोग
वात रोग में कलौंजी के तेल से रोगग्रस्त अंगों पर मालिश करने से वात की बीमारी दूर होती है।
article source: Oldveda.com
नोट: ध्यान रखें कि इस दवा का प्रयोग गर्भावस्था में नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे गर्भ नष्ट हो सकता है।




हे बीजेपी गण...
कब तक सोशल मिडिया के निस्वार्थ जनों के भरोसे रोटी दाल चलाओगे अपनी .
सुब्रह्मण्यम स्वामी ने राहुल की नागरिकता का सवाल उठाया ,तुम लोग चुप
नेशनल हेराल्ड मामला ,तुम लोग चुप
बादल ने कांग्रेस को देशद्रोही कहा ,तुम लोग चुप
तुममे से किसी ने भी अरविन्द केजरीवाल को लालू का साथ देने पर घेरा ,वही केजरीवाल जो जमकर लालू को भ्रष्टाचारी बोला था,,आज वो सब एक हो गये और तुम लोग चुप
जाने कितने मुद्दों को हाथ से खो दिया तुम लोग ने
निखट्टू

Monday, 23 November 2015

दिल के समस्त रोगो के लिए विशेष उपचार।
आवश्यकता अनुसार सूखे आंवलों को कूट पीसकर बारीक़ चूर्ण बना ले और उससे बराबर वजन पीसी हुई मिश्री मिलाकर किसी कांच के मर्तबान में रख ले। नित्य सवेरे खाली पेट छ: ग्राम ( दो चम्मच ) चूर्ण को पानी के साथ फांक लेने से कुछ ही दिनों में ह्रदय के समस्त रोग दूर हो जाते है। विशेषकर ह्रदय की धड़कन, ह्रदय की कमजोरी और चेतना-शून्यता आदि लाभकारी एवं चमत्कारी और खूब अनुभूत प्रयोग है।
1. आंवला दिल की तेज धड़कन, अनियमित हृदयगति, दिल का फ़ैल जाना, दिल के ठीककार्य न करने से उत्पन्न उच्च रक्तचाप में हानिरहित औषिधि और खाद्य पदार्थ है। यह ह्रदय को शक्तिशाली बनाता है।
2. चैत्र या अशिवन मास में २९ दिन से एक मांस तक लेना अधिक अच्छा रहता है।
3. आंवला का निरंतर सेवन रक्तवाहिनियों को मुलायम और लचकीला बनाता है तथा रक्तवाहिनियों की दीवारो के कठोर तथा मोटा हो जाने का दोष दूर करता है। इसी कारण रोगी का हाई ब्लड प्रेशर दूर हो जाता है और रक्तवाहिनियों में रक्त का दौरा भली प्रकार होने लग जाता है। रक्तवाहिनियों में लचक बनी रहने के कारण मनुष्य का हृदय फेल नही होने पाता है और न ही उच्च रक्तचाप रोग होता है और ना ही रक्तवाहिनियों में रक्त का थक्का जम जाने के कारण मस्तिष्क की रक्तवाहिनी फटने पाती है।
संन्यासी ने जीते 65 लाख, कहा विज्ञान ही धर्म है

महज कुछ हजार रुपए बैंक अकाउंट में रखने वाले एक संन्यासी को ज्यामिति में उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए 65 लाख रुपये के पुरस्कार से नवाजा गया है. ये पुरस्कार उन्हें ज्यामितीय समूह सिद्धांत, न्यून आयामी टोपोलॉजी और जटिल ज्यामिति के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया गया है. इस संन्यासी को प्रोफेसर महन महाराज के नाम से जाना जाता है. ऐसा पहली बार नहीं है कि महन महाराज को ऐसे किसी सम्मान से नवाजा गया है. इससे पहले साल 2011 में भी उन्हें भारत के सर्वोच्च विज्ञान सम्मान "शांति स्वरूप भटनागर अवार्ड" से पुरस्कृत किया जा चुका है.

महन महाराज 1998 में 47 साल की उम्र में संन्यासी बन रामकृष्ण मिशन के मठ से जुड़ गए थे. उस दौरान वह कैलिफोर्निया में पीएचडी कर रहे थे. महन महाराज मुंबई स्थित प्रसिद्ध टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च संस्थान में नियुक्त हैं. इस बेहद सम्मानित प्रोफेसर को गणित के क्षेत्र में इंफोसिस पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. वह कहते हैं, "हम बिल्कुल अराजनीतिक हैं. विज्ञान स्वभाव से ही अराजनैतिक है."

एक ही वक्त में विज्ञान और आस्था दोनों को साथ लेकर चलने वाले प्रोफेसर महान को इसमें कुछ भी बेतुका नहीं लगता. वह कहते हैं, "मेरे गणितीय जीवन के संदर्भ में बात करें तो इसमें बिल्कुल कोई विरोधाभास नहीं है." वह कहते हैं कि वह गेरुआ वस्त्र इसलिए पहनते हैं कि यह उन्हें तपस्वी जीवन शैली की याद दिलाता है और इसका धर्म से ना के बराबर नाता है. वह कहते हैं, "मैं किसी संगठित धर्म का पालन नहीं करता. अगर आप मेरे सिर पर बंदूक रख कर (मेरा धर्म) पूछेंगे तो शायद मैं विज्ञान कहूं."
प्रेषित समय :20:12:34 PM / Sun, Nov 22nd, 2015
पलपलइंडिया के अनुसार << सूर्य की किरण >>

मोदी को हटाने / हराने में पाकिस्तान की मदद मांगने

अगर आप नितीश कुमार मणि शंकर अय्यर सलमान खुर्शीद और अनिल शास्त्री को मूर्ख समझते हैं तो आप स्वयं मूर्ख हैं ।
सवाल है कि आज से दो साल पहले नितीश कुमार पकिस्तान क्या करने गए थे ?
FDI लाने ?
सीमा विवाद सुलझाने ?
व्यापार विनिमय बढ़ाने ?
वाघा बॉर्डर से रोज़ाना 70 - 80 truck लहसुन पकिस्तान जाता है ।
नितीस कुमार क्या बिहार के अनारदाना और पुदीने की market खोजने गए थे ?
***
मणि शंकर अय्यर पकिस्तान में जा के मोदी को हराने का फार्मूला खोज रहे थे । दोनों देशों के बीच अगर शांति स्थापित करनी है तो मोदी को हटाना होगा ?
मोदी को हटाने में हमारी मदद कीजिये ।
मोदी को हटाने / हराने में पकिस्तान / पाकिस्तानी क्या मदद दे सकते हैं ?
मणि शंकर अय्यर के बाद सलमान खुर्शीद गए और अब अनिल शास्त्री गए हैं ।
मोदी को हटाने / हराने में पाकिस्तान की मदद मांगने ।
***
मेरी इस पोस्ट को सम्हाल के रखना ......... अगला भारतीय राजनेता जो जल्दी ही पकिस्तान जाएगा .......... मोदी के खिलाफ पाकिस्तानी मदद मांगने वो जानते हैं कौन होगा ?
सीरी सीरी अरबिंद खेजड़ीबाल ...........
यूँ मोदी को हटाने के लिए पाकिस्तानी इमदाद पंजाब में आनी शुरू हो चुकी है ।
अलबत्ता जिन कबूतरों को बिल्ली देख के आँख बंद कर लेने की आदत है उन्हें वो इमदाद नहीं दिखेगी ।
पिछले कुछ महीनों से पंजाब में खालिस्तान movement को पुनर्जीवित करने के जो प्रयास चल रहे हैं उसकी पटकथा Canada में , वहाँ स्थित पाकिस्तानी दूतावास द्वारा , ISI के निर्देश पे लिखी जा रही है । खालिस्तानियों ने पिछले दिनों जो सरबत खालसा अमृतसर के नज़दीक बुलाया और इसमें आतंकी हवारा को अकाल तख़्त का जत्थेदार नियुक्त किया ......... ये सारी प्लानिंग ISI ने canada में बैठे खालिस्तानियों के साथ रची है ।
पंजाब में चुनाव होने वाले हैं । ISI की planning है कि अगले विस चुनाव में सिख वोट AAP को मिले और पंजाब में सत्ता की चाभी आप के हाथ हो । कांग्रेस पकिस्तान को ये समझाने का प्रयास कर रही है कि AAP को नहीं हमको आने दो । मोदी से भारत में AAP नहीं हम ही लड़ पाएंगे ।
पर इसमें एक पेंच है । सिखों को भड़का के खालिस्तान movement को पुनर्जीवित करने के लिए 1984 के सिख नरसंहार का उपयोग / याद दिलाना ज़रूरी है । कांग्रेस उसमे villain बन जाती है । ऐसे में सिख वोट को अकाली / भाजपा और congress से दूर करना हो तो विकल्प सिर्फ AAP का बचता है ।
आज पाकिस्तान सरकार / ISI के पास भारत में दो मोहरे हैं जिन्हें वो मोदी ( भारत ) के खिलाफ इस्तेमाल कर सकते हैं । भारत के मुसलमान और सिख । मुसलमान संघ/ भाजपा / मोदी विरोध के नाम पे और सिख को खालिस्तान के नाम पे .
अब आप मुझे ये मुसलमान के देश भक्त होने के लफ़्फ़ाज़ी comment box में मत पेलियेगा । पकिस्तान भारत के लोकतंत्र में बहुत कायदे से participate कर रहा है । उसके पास भी एक votebank है जो भारत में उसके पसंद की सरकार बनाने / बैठाने में उसकी मदद करेगा ।
भारत में होने वाले आगामी विस् चुनाव जो पंजाब असम बंगाल और UP में होंगे , उनका संचालन करने के लिए एक war room पकिस्तान में भी होगा और फंडिंग दुबई और सऊदी के रास्ते होगी ।
नेताजी लोग यूँ ही पकिस्तान और दुबई की तीर्थ यात्रा नहीं कर रहे हैं ।
अल्लाह बड़ा दयालू है ........ अल्लाह सब जानता है ।