मित्रों वर्तमान समय में जो इतिहास की सरकारी पुस्तकें पढाई जाती हैं उनके अनुसार जब भारत पर मुसलामानों का आक्रमण हुआ तब यहाँ के राजा पतनशील अवस्था में थे जो उनकी पराजय का प्रमुख कारन था किन्तु यह बात कोरी बकवास है तत्कालीन हिन्दू राजाओं का चरित्र विदेशी आक्रमणकारी राजाओं से शतगुणित उत्तम था | पराजयों के कारन कुछ तत्कालीन परिस्थितियां , सैनिक एवं कूटनीतिक कमियां थी जिनकी चर्चा अन्य लेखों में करूँगा | यहाँ बस हिन्दू राजाओं के सम्बन्ध में कुछ विदेशी लेखकों के विचार प्रस्तुत करता हूँ -
"यदि यह सिद्ध हो जाये कि राजा ने मदिरापान किया है तो उसे राज्य छोड़ना पड़ता था और उसे शासन के योग्य नही समझा जाता था |"
-------------------------- मजरूल जहब , ग्रन्थ - अलमसूदी ९१४ ई
"हिन्दू राजा मदिरापान नहीं करते थे | देश में ऐसी मान्यता थी की जो राजा मदिरापान करता है वह वास्तव राजा नही है |"
-----------------------------सुलेमान , ग्रन्थ -सल्सिलातुत्तावारीक ८५१ ई
'भारत के हिन्दू राजा सीधे सरल तथा धार्मिक थे | वे वचन का पालन करने वाले थे जबकि मुसलमान हर तरह से दूसरों को धोखा देना मजाक समझते थे |"---------------------------------मनूची १६५३-१७०८ ई
जब मैं हिन्द के गुण बताऊंगा तो (आप विदेशी मुसलमान) विरोध करेंगे | जो खुरासानी, हिन्द के निवासी को मूर्ख समझता होगा वह पान को भी घास मानता होगा | आपको चाहिए की हिंदुस्तान को स्वर्ग समझें |
------------------------------------ अमीर खुसरो
यह तो कुछेक उदाहरन हैं जितने भी विदेशी विद्वान भारत आये हैं और मन से पूर्वाग्रह रहित तथा निष्पक्ष रहे हैं उन्होंने भारत और भारतीयों की भूरि भूरि प्रशंसा की है और मैं गर्व से कहता हूँ की वर्तमान समय में भी हिन्दुओं का चरित्र पूरे विश्व में सर्वश्रेष्ठ है |
'भारत के हिन्दू राजा सीधे सरल तथा धार्मिक थे | वे वचन का पालन करने वाले थे जबकि मुसलमान हर तरह से दूसरों को धोखा देना मजाक समझते थे |"----------------------------
जब मैं हिन्द के गुण बताऊंगा तो (आप विदेशी मुसलमान) विरोध करेंगे | जो खुरासानी, हिन्द के निवासी को मूर्ख समझता होगा वह पान को भी घास मानता होगा | आपको चाहिए की हिंदुस्तान को स्वर्ग समझें |
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यह तो कुछेक उदाहरन हैं जितने भी विदेशी विद्वान भारत आये हैं और मन से पूर्वाग्रह रहित तथा निष्पक्ष रहे हैं उन्होंने भारत और भारतीयों की भूरि भूरि प्रशंसा की है और मैं गर्व से कहता हूँ की वर्तमान समय में भी हिन्दुओं का चरित्र पूरे विश्व में सर्वश्रेष्ठ है |
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