Wednesday, 25 December 2013

नमक के मुख्य कितने प्रकार होते हैं !!

 नमक के मुख्य कितने प्रकार होते हैं !!
एक होता है समुद्री नमक दूसरा होता है सेंधा नमक (rock slat) !!

ये जो समुद्री नमक है आयुर्वेद के अनुसार ये तो अपने आप मे ही बहुत खतरनाक है ! आज से कुछ वर्ष पहले कोई भी समुद्री नमक नहीं खाता था सब सेंधा नमक ही खाते थे ! मात्र 2,3 रूपये किलो मे सब जगह मिल जाया करता था !

फिर अचानक से ऐसा क्या हुआ की लोग आओडीन युक्त समुद्री नमक खाने लगे ??

हुआ ये कि जब ग्लोबलाईसेशन के बाद बहुत सी विदेशी कंपनियो(अनपूर्णा,कैपटन कुक ) ने नमक बेचना शुरू किया तब ये सारा खेल शुरू हुआ ! अब समझिए खेल क्या था ?? खेल ये था कि विदेशी कंपनियो को नमक बेचना है और बहुत मोटा लाभ कमाना है और लूट मचानी है तो पूरे भारत मे एक नई बात फैलाई गई कि आओडीन युक्त नामक खाओ ,आओडीन युक्त नमक खाओ ! आप सबको आओडीन की कमी हो गई है ! ये सेहत के लिए बहुत अच्छा है आदि आदि बातें पूरे देश मे प्रायोजित ढंग से फैलाई गई !! और जो नमक किसी जमाने मे 2 से 3 रूपये किलो मे बिकता था ! उसकी जगह आओडीन नमक के नाम पर सीधा भाव पहुँच गया 8 रूपये प्रति किलो ! और आज तो 12 रूपये को भी पार कर गया है !

एक बार राजीव भाई ने किसी MP के माध्यम से संसद मे सवाल पुछवाया कि पूरे देश मे आओडीन की कमी से जितनी बीमारियाँ आती है जैसे घेंघा ! उसके मरीज कितने है ? पूरे देश मे ! तो सरकार की तरफ से उत्तर आया कि भारत मे कुल जितनी बीमारियो के कुल मरीज है उसमे से सिर्फ 0.3 % घेंघा के मरीज है ! और वो भी कहाँ है भारत मे पर्वतीय इलाके मे जहां भारत की सबसे कम आबादी रहती है ! ऐसे ही राजीव भाई ने एक बार सरकार को पत्र लिखा की मुझे उन मरीजो की सूची चाहिए जिनको आओडीन की कमी से घेंगा हुआ ! सूची कभी नहीं आई !!

अब जो सबसे अजीब बात है वो ये कि आओडीन हर नमक मे होता है बिना आओडीन का कोई नमक नहीं होता है !! अब आप कहेंगे फिर इस समुद्री नमक से क्या परेशानी है ??

एक तो जैसा हमने ऊपर बताया कि आयुर्वेद के अनुसार समुद्री नमक अपने आप मे ही बहुत खतरनाक है इसके अतिरिक्त कंपनियाँ इसमे अतिरिक्त आओडीन डाल रही है !! अब आओडीन भी दो तरह का होता है एक तो भगवान का बनाया हुआ जो पहले से नमक मे होता है ! दूसरा होता है industrial iodine ! ये बहुत ही खतरनाक है ! तो समुद्री नमक जो पहले से ही खतरनाक है उसमे कंपनिया अतिरिक्त industrial iodine डाल को पूरे देश को बेच रही है ! जिससे बहुत सी गंभीर बीमरिया हम लोगो को आ रही है ! ये नमक मानव द्वारा फ़ैक्टरियों मे निर्मित है !

।आम तौर से उपयोग मे लाये जाने वाले समुद्री नमक से उच्च रक्तचाप (high BP ) ,डाइबिटीज़,आदि गंभीर बीमारियो का भी कारण बनता है । इसका एक कारण ये है कि ये नमक अम्लीय (acidic) होता है ! जिससे रक्त अम्लता बढ़ती है और रक्त अमलता बढ्ने से ये सब 48 रोग आते है ! ये नमक पानी कभी पूरी तरह नहीं घुलता हीरे (diamond ) की तरह चमकता रहता है इसी प्रकार शरीर के अंदर जाकर भी नहीं घुलता और अंत इसी प्रकार किडनी से भी नहीं निकल पाता और पथरी का भी कारण बनता है ! और ये नमक नपुंसकता और लकवा (paralysis ) का बहुत बड़ा कारण है ! श्री राजीव बताते है कि उन्होने कितने मरीज जो नपुंसक थे उनको समुद्री नमक छोड़ने को कहा और सेंधा नमक का प्रयोग करने को कहा मात्र 1 वर्ष मे उनकी समस्या का हल हो गया !

ऐसे ही एक बार राजीव भाई के गुरु थे जिनका नाम था प्रोफेसर धर्मपाल जी ! उनको एक बार लकवे (paralysis) का अटैक आ गया !! उनकी आवाज तक चली गई और हाथ पैर एक जगह रुक गए उनके बाकी शिष्य धर्मपाल जी को अस्पताल ले गए वहाँ डाक्टरों से भी कुछ नहीं हुआ तो डाक्टरों उनके हाथ पैर बांध दिये ! राजीव भाई को जैसे ही खबर मिली राजीव वहाँ पहुंचे और उनको वहाँ से उठा कर घर ले आए ! और उनकी दो होमेओपेथी दवाइयाँ देना शुरू की ! मात्र 3 दिन मे उनकी आवाज वापिस आ गई ! और एक सप्ताह बाद वो ऐसे दिखने लगे कि मानो कभी अटैक ही ना आया हो !
तो राजीव भाई बताते है कि मैंने होमेओपेथी मे उस दवा को दिया जो सेंधा नमक ना खाने से शरीर मे आने वाली कमियो को पूरा करती है !! इसकी जगह अगर सेंधा नमक वाला भी पिलाता तो वो ठीक हो जाते लेकिन उनकी हालत ऐसे थी की मात्र दवा की बूंध ही अंदर जा सकती थी तो राजीव भाई ने वो पिलाया और धर्मपाल जी ठीक हुये !!

कुल मिलकर कहने का अर्थ यही है कि आप इस अतिरिक्त आओडीन युक्त समुद्री नमक खाना छोड़िए और उसकी जगह सेंधा नमक खाइये !! सिर्फ आयोडीन के चक्कर में समुद्री नमक खाना समझदारी नहीं है, क्योंकि जैसा हमने ऊपर बताया आओडीन हर नमक मे होता है सेंधा नमक मे भी आओडीन होता है बस फर्क इतना है इस सेंधा नमक मे प्राकृतिक के द्वारा भगवान द्वारा बनाया आओडीन होता है इसके इलावा आओडीन हमें आलू, अरवी के साथ-साथ हरी सब्जियों से भी मिल जाता है।

सेंधा नमक के उपयोग से रक्तचाप और बहुत ही गंभीर बीमारियों पर नियन्त्रण रहता है ।! क्योंकि ये अम्लीय नहीं ये क्षारीय है (alkaline ) !! क्षारीय चीज जब अमल मे मिलती है तो वो न्यूटल हो जाता है ! और रक्त अमलता खत्म होते ही शरीर के 48 रोग ठीक हो जाते हैं ! ये नामक शरीर मे पूरी तरह से घुलनशील है ! और सेंधा नमक की शुद्धता के कारण आप एक और बात से पहचान सकते हैं कि उपवास ,व्रत मे सब सेंधा नमक ही खाते है ! तो आप सोचिए जो समुंदरी नमक आपके उपवास को अपवित्र कर सकता है वो आपके शरीर के लिए कैसे लाभकारी हो सकता है ??

इसके अतिरिक्त सेंधा नमक शरीर मे 97 पोषक तत्वो की कमी को पूरा करता है ! इन पोषक तत्वो की कमी ना पूरी होने के कारण ही लकवे (paralysis ) का अटैक आने का सबसे बढ़ा जोखिम होता है ! जबकि समुद्री नमक से सिर्फ शरीर को 4 पोषक तत्व मिलते है ! और बीमारिया जरूर साथ मे मिल जाती है ! राजीव भाई तो यहाँ तक कहते है कि अगर आपके 2 बच्चे है तो एक बच्चे को 11 साल तक समुद्री नमक पर पाल के देखो और दूसरे को सेंधा नमक पर !! उनके शारीरिक और मानसिक परिवर्तन देख आपको खुद पर खुद अंदाजा हो जाएगा ! कि ये समुद्री नमक कितना हानिकारक है और सेंधा कितना फायदेमंद !

दुनिया के 56 देशों ने अतिरिक्त आओडीन युक्त नमक 40 साल पहले ban कर दिया अमेरिका मे नहीं है जर्मनी मे नहीं है फ्रांस मे नहीं ,डेन्मार्क मे नहीं , यही बेचा जा रहा है डेन्मार्क की सरकार ने 1956 मे आओडीन युक्त नमक बैन कर दिया क्यों ?? उनकी सरकार ने कहा हमने मे आओडीन युक्त नमक खिलाया !(1940 से 1956 तक ) अधिकांश लोग नपुंसक हो गए ! जनसंख्या इतनी कम हो गई कि देश के खत्म होने का खतरा हो गया ! उनके वैज्ञानिको ने कहा कि आओडीन युक्त नमक बंद करवाओ तो उन्होने बैन लगाया ! और शुरू के दिनो मे जब हमारे देश मे ये आओडीन का खेल शुरू हुआ इस देश के बेशर्म नेताओ ने कानून बना दिया कि बिना आओडीन युक्त नमक बिक नहीं सकता भारत मे !! वो कुछ समय पूर्व किसी ने कोर्ट मे मुकदमा दाखिल किया और ये बैन हटाया गया !

अंत आपके मन मे एक और सवाल आ सकता है कि ये सेंधा नमक बनता कैसे है ??

तो उत्तर ये है कि सेंधा नमक बनता नहीं है पहले से ही बना बनाया है !! पूरे उत्तर भारतीय उपमहाद्वीप में खनिज पत्थर के नमक को 'सेंधा नमक' या 'सैन्धव नमक' ,लाहोरी नमक आदि आदि नाम से जाना जाता है ! जिसका मतलब है 'सिंध या सिन्धु के इलाक़े से आया हुआ'। वहाँ नमक के बड़े बड़े पहाड़ है सुरंगे है !! वहाँ से ये नमक आता है ! मोटे मोटे टुकड़ो मे होता है आजकल पीसा हुआ भी आने लगा है यह ह्रदय के लिये उत्तम, दीपन और पाचन मे मददरूप, त्रिदोष शामक, शीतवीर्य अर्थात ठंडी तासीर वाला, पचने मे हल्का है । इससे पाचक रस बढ़्ते हैं। तों अंत आप ये समुद्री नमक के चक्कर से बाहर निकले ! काला नमक ,सेंधा नमक प्रयोग करे !! क्यूंकि ये प्रकर्ति का बनाया है ईश्वर का बनाया हुआ है !! और सदैव याद रखे इंसान जरूर शैतान हो सकता है लेकिन भगवान कभी शैतान नहीं होता !!

आपने पूरी post पढ़ी बहुत बहुत धन्यवाद !!

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http://www.youtube.com/watch?v=BzId8OHnNA0

पिम्पल के लिए::



पिम्पल के लिए::

गवारपाठे(एलोवेरा) की ताजा जैल लगाए इसके लिए एलोवेरा के पत्ते को काट कर, छील कर इसका गुदा निकाल कर मसले और जैल को सूखने दे और फ़िर दोबारा लगाए

ऐलोवेरा जेल त्वचा संबंधी रोगों में, चोट लगने या जलने पर काफी लाभदायक है। तेल के छींटे पड़ने या हाथ जलने पर ऐलोवेरा के पत्ते को पीस कर बनाया गया पेस्ट लगाने पर आराम मिलता है। जली हुई जगह पर इसे करीब 20 मिनट के लिए लगा रहने दें, फिर ठंडे पानी से धो लें।
यह अच्छा एंटीसेप्टिक है, चोट लगने पर मरहम का काम करता है।
त्वचा पर चकत्ते पड़ने, मच्छर या कीड़े-मकौड़े के काटने पर ऐलोवेरा जेल को लगाने से आराम मिलता है।
चोट लगने से या गर्भावस्था के दौरान त्वचा पर पड़ने वाले निशानों पर ऐलोवेरा जेल रगड़ कर लगाना फायदेमंद है।
रोज 4 औंस ऐलोवेरा रस पीने से विषाक्त पदाथरे से छुटकारा मिलेगा।
ऐलोवेरा जेल और शहद मिलाकर चेहरे पर मॉस्क की तरह लगाने से झुर्रियों पर नियंत्रण पाया जा सकता है।
ड्राई स्किन पर ऐलोवेरा जेल मॉश्चराइजर का काम करता है। जेल में अंडे की जर्दी और 1 टेबलस्पून ऑलिव ऑयल मिला कर पेस्ट बनाएं। इसे चेहरे पर लगाकर 20 मिनट के लिए सूखने दें। फिर गुनगुने पानी से चेहरा धो लें।
होंठ फटने पर होने वाले दर्द, जीभ के नीचे छाले की समस्या होने पर ऐलोवेरा से आराम मिलता है। एक चम्मच ऐलोवेरा जेल में एक चुटकी नीम पाउडर मिलाकर पेस्ट बनाएं। इसे दर्द वाली जगह पर दिन में तीन बार लगाएं। इसके रस से कुछ दिन कुल्ला करें। इसके अलावा दिन में करीब 2 औंस ऐलोवेरा रस पीने से आराम भी मिलता है।
फटे होंठों की समस्या में ऐलोवेरा जेल के साथ जैतून का तेल मिलाकर लगाने से आराम मिलता है।
ऐलोवेरा जेल में एंटीवॉयरल गुण होते हैं। रात को सोते समय ऑखों के आसपास लगाने से संक्रमण, लालिमा और सूजन में लाभ होता है।

अगर आप ज्यादा वजन से परेशान हैं, तो व्यायाम के साथ रोज 4 औंस ऐलोवेरा रस पीने से फायदा होगा।
पुरानी खांसी, भूख न लगना या सांस लेने में मुश्किल होने की स्थिति में 40 दिन तक दिन में दो बार एक-एक चम्मच ऐलोवेरा का रस पिएं, लाभ होगा।
मधुमेह और हृदय रोगों से राहत के लिए रोज 2 चम्मच ऐलोवेरा रस पिएं। यह कोलेस्ट्रॉल कम करता है। उच्च रक्तचाप और हार्ट स्ट्रोक पर नियंत्रण रखता है।
बालों के झड़ने या गंजापन, बालों के विकास में रुकावट या दोमुंहे बाल जैसी समस्याओं का समाधान करने में ऐलोवेरा के तेल की मालिश असरदार साबित होती है।
ऐलोवेरा रस गठिया, अल्सर, कब्ज, मूत्राशय और गुर्दे के संक्रमण में राहत पहुंचाता है। जोड़ों में सूजन और अनिद्रा में भी लाभदायक है। 3 औंस ऐलोवेरा रस रात में सोने के समय पीना फायदेमंद है।
मुंहासे से मिलेगी मुक्ति
चेहरे पर मुंहासे होने पर आधा चम्मच ऐलोवेरा जेल और आधा चम्मच शहद अच्छी तरह मिलाकर फेसपैक बनाएं। इस फैसपैक की पतली परत अपने चेहरे पर मास्क की तरह लगा कर 15 मिनट के लिए छोड़ दें। इसके सूख जाने पर ठंडे पानी से चेहरा धो लें। यह फैसपैक सप्ताह में दो-तीन बार प्रयोग करें, मुंहासे साफ हो जाएंगे।

एलोवेरा जूस के उपयोग-

1. करे अंदर से सफाई- हमारे शरीर में भोजन तथा प्रदूषण की वजह से बहुत सारी गंदगी अंदर जाती है। शरीर अच्छे से काम करे इसलिये हमें गंदगी से शरीर को मुक्ति दिलानी चाहिये। 3 से 4 चम्मच रस सुबह खाली पेट लेने से दिन-भर शरीर में चुस्ती व स्फूर्ति बनी रहती है। साथ ही यह शरीर के अंदर की गंदगी को बाहर निकाल देता है। एलोवेरा का ज्यूस ब्लड को प्यूरीफाई करता है साथ ही हीमोग्लोबिन की कमी को पूरा करता है। शरीर में वहाईट ब्लड सेल्स की संख्या को बढाता है।

2. एजिंग से बचाए- ऐलो वेरा का जूस शरीर में प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाता है। इसमें खूब सारा एंटी ऑक्सीिडेंट पाया जाता है जो बूढ़ा करने वाली फ्री रेडिकल्सा को दूर करके इंसान को बुढ़ापे से बचाता है। जलने पर, अंग कहीं से कटने पर, अंदरूनी चोटों पर एलोवेरा अपने एंटी बैक्टेरिया और एंटी फंगल गुण के कारण घाव को जल्दी भरता है।

3. पाचन क्रिया सही करे- ऐलो वेरा जूस पीने से पेट की कई रोग दूर होते हैं। यह पाचन तंत्रिका को मजबूत बनाता है जिससे कि वह पेट में जाने वाले आहारों से पौष्टिक तत्वह को ग्रहण कर सकें। इसके रोजाना उपयोग से अपच और कब्जा जैसी समस्याट भी दूर रहती है। पेट में पैदा होने वाले अल्सार को भी यह ठीक करता है।

4. दिल की बीमारी और खून का दौरा- यह शरीर में खून बढ़ाने के साथ ही खून का दौरा भी ठीक करता है। साथ ही यह शरीर में हाई ब्लाड प्रेशर को सामान्यन करता है, जिससे हार्ट अटैक की समस्याह नहीं आ पाती है।


अन्यल लाभ - इसके रस में कई तरह के मिनरल, विटामिन और अमीनो एसिड, जैसे बी12, बी6, बी2, बी1, फोलिक एसिड, नियासिन, जिंक और मैगनीशियम आदि। इतने सारे पौष्टिक तत्वोंी के मिश्रण का उपयोग कर के शरीर के हर रोग दूर हो जाते हैं। यह शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकाल कर शरीर की अंदर से सफाई करता है। जिससे त्वंचा में चमक आती है तथा दाग-धब्बोंन की छुट्टी होती है। इसके अलावा एक्जि्मा, पिंपल और सिरोसिस की समस्याा दूर होती है। मुंह के रोग दूर होते हैं। मसूड़ों की तकलीफ और खून आना बंद होता है। साथ ही मुंह में अल्संर की बीमारी भी ठीक होती है। ऐलो वेरा जूस पीने से मोटापा भी कंट्रोल होता है और एनर्जी भी आती है।

Monday, 23 December 2013

मुंह के छालों से बचने के घरेलू उपचार–

मुंह में अगर छाले हो जाएं तो जीना मुहाल हो जाता है। खाना तो दूर पानी पीना भी मुश्किल हो जाता है। लेकिन, इसका इलाज आपके आसपास ही मौजूद है। मुंह के छाले गालों के अंदर और जीभ पर होते हैं। संतुलित आहार, पेट में दिक्कत, पान-मसालों का सेवन छाले का प्रमुख कारण है। छाले होने पर बहुत तेज दर्द होता है। आइए हम आपको मुंह के छालों से बचने के लिए घरेलू उपचार बताते हैं।

मुंह के छालों से बचने के घरेलू उपचार–


शहद में मुलहठी का चूर्ण मिलाकर इसका लेप मुंह के छालों पर करें और लार को मुंह से बाहर टपकने दें।

मुंह में छाले होने पर अडूसा के 2-3 पत्तों को चबाकर उनका रस चूसना चाहिए।
छाले होने पर कत्था और मुलहठी का चूर्ण और शहद मिलाकर मुंह के छालों परलगाने चाहिए।

अमलतास की फली मज्जा को धनिये के साथ पीसकर थोड़ा कत्था मिलाकर मुंह में रखिए। या केवल अमलतास के गूदे को मुंहमें रखने से मुंह के छाले दूर हो जाते हैं।

अमरूद के मुलायम पत्तों में कत्था मिलाकर पान की तरह चबाने से मुंह के छाले से राहत मिलती है और छाले ठीक हो जाते हैं

Saturday, 21 December 2013

गोबर गैस के प्लांट

रसोई गैस की कमी व उसकी कीमतों में हो रहे इजाफे से जहां पूरे देशवासी परेशान हैं। वहीं गुजरात का एक गांव ऐसा है, जहां के लोगों को इसकी कोई चिंता नहीं। इन्हें रसोईगैस की किल्लत या उसकी बढ़ रही कीमतों से कोई फर्क नहीं पड़ता।
 पालीताणा तहसील के मेढा व लाखावाड गांव में लगभग 150 परिवार रहते हैं। इस गांवों में गोबर गैस के प्लांट ने इन लोगों की सारी मुश्किलें खत्म कर दी हैं। इतना ही नहीं, इन गांवों के लोग खेती के लिए भी रासायनिक पदार्थो की जगह कुदरती प्रयोगों का ही इस्तेमाल करते हैं। गांवों में लगे गोबर गैस के प्लांट में ऑग्रेनिक वेस्ट से भी गैस पैदा होती है।
 अब से लगभग आठ साल पहले राज्यसभा के सांसद मनसुखभाई जब एग्रो इंडस्ट्रीज चेयरमैन के पद पर थे, तब उन्होंने वैकल्पिक ऊर्जा के प्रयोग के लिए ग्रामीणों को जाग्रत किया था। इतना ही नहीं, उन्होंने यहां गोबर गैस के प्लांट भी शुरु करवाए और इस काम में उन्हें ग्रामीणों का भी भरपूर सहयोग मिला। इसी का परिणाम है कि आज ये गांव रसोई गैस की किल्लत से पूरी तरह मुक्त हैं।

नाथूराम गोडसे का अंतिम बयान

नाथूराम गोडसे का अंतिम बयान - The Last Statement of Nathuram Gods

 कहा जाता है की इसे सुनकर अदालत में उपस्तित सभी लोगो की आँखे गीली हो गई थी और कई तो रोने लगे थे। एक जज महोदय ने अपनी टिपणी में लिखा था की यदि उस समय अदालत में उपस्थित लोगो को जूरी बना जाता और उनसे फेसला देने को कहा जाता तो निसंदेह वे प्रचंड बहुमत से नाथूराम के निर्दोष होने का निर्देश देते!

नाथूराम जी ने अपने बयान में कहा था - " सम्मान ,कर्तव्य और अपने देश वासियों के प्रति प्यार कभी कभी हमें अहिंसा के सिद्धांत से हटने के लिए बाध्य कर देता है . में कभी यह नहीं मान सकता की किसी आक्रामक का सशस्त्र प्रतिरोध करना कभी गलत या अन्याय पूर्ण भी हो सकता है .

प्रतिरोध करने और यदि संभव हो तो ऐसे शत्रु को बलपूर्वक वश में करना को मैं एक धार्मिक और नैतिक कर्तव्य मानता हूँ . मुसलमान अपनी मनमानी कर रहे थे, या तो कांग्रेस उनकी इच्छा के सामने आत्मसर्पण कर दे और उनकी सनक ,मनमानी और आदिम रवैये के स्वर में स्वर मिलाये अथवा उनके बिना काम चलाये .वे अकेले ही प्रत्येक वस्तु और व्यक्ति के निर्णायक थे।

महात्मा गाँधी अपने लिए जूरी और जज दोनों थे .गाँधी जी ने मुस्लिमों को खुश करने के लिए हिंदी भाषा के सौंदर्य और सुन्दरता के साथ बलात्कार किया। गाँधी जी के सारे प्रयोग केवल और केवल हिन्दुओ
की कीमत पर किये जाते थे। जो कांग्रेस अपनी देश भक्ति और समाज वाद का दंभ भरा करती थी . उसी ने गुप्त रूप से बन्दुक की नोक पर पाकिस्तान को स्वीकार कर लिया और जिन्ना के सामने नीचता से
आत्मसमर्पण कर दिया।

मुस्लिम तुष्टिकरण की नीति के कारण भारत माता के टुकड़े कर दिए गय और 15 अगस्त 1947 के बाद देश का एक तिहाई भाग हमारे लिए ही विदेशी भूमि बन गई। नेहरु तथा उनकी भीड़ की स्वीकारोक्ति के साथ ही एक धर्म के आधार पर अलग राज्य बना दिया गया .इसी को वे बलिदानों द्वारा जीती गई स्वतंत्रता कहते है। और, किसका बलिदान ?

जब कांग्रेस के शीर्ष नेताओ ने गाँधी जी के सहमती से इस देश को काट डाला ,जिसे हम पूजा की वस्तु मानते है , तो मेरा मस्तिष्क भयंकर क्रोध से भर गया .मैं साहस पूर्वक कहता हूँ की गाँधी अपने कर्तव्य में असफल हो गए। उन्होंने स्वयं को पाकिस्तान का पिता होना सिद्ध किया।

मैं कहता हूँ की मेरी गोलियां एक ऐसे व्यक्ति पर चलाई गई थी ,जिसकी नीतियों और कार्यो से करोड़ों हिन्दुओं को केवल बर्बादी और विनाश ही मिला। ऐसी कोई क़ानूनी प्रक्रिया नहीं थी जिसके द्वारा उस अपराधी को सजा दिलाई जा सके, इसीलिए मैंने इस घातक रास्ते का अनुसरण किया।

मैं अपने लिए माफ़ी की गुजारिश नहीं करूँगा ,जो मैंने किया उस पर मुझे गर्व है . मुझे कोई संदेह नहीं है की इतिहास के इमानदार लेखक मेरे कार्य का वजन तोल कर भविष्य में किसी दिन इसका सही मूल्यांकन करेंगे। जब तक सिन्धु नदी भारत के ध्वज के नीचे से ना बहे तब तक मेरी अस्थियो का विसर्जन मत करना।
http://apnikahaani.blogspot.in/2013/05/last-statement-of-nathuram-godse.html
 -Swami 
 गाँधी, नेहरु और जिन्ना ने मिलकर रचा था हमारे देश के नेताजी सुभाष चन्द्र बोसे को रस्ते से हटाने का षड़यंत्र |

इसी लेख में आपको यह भी दिखाई देगा की नेहरु (दुनिया की सारी गन्दी वाली गालियाँ नेहरु के लिए) कैसे दुसरे कांग्रेस्सियो को झूट बोलने के लिए उकसाता था| मात्र 21600 डॉलर के लिए उस्मान पटेल से झूट तक बुलवाने को अमादा था |

इसी नेहरु ने चन्द्र शेखर आज़ाद को भी मौत के घात उतरवाया था अंग्रेजो को चन्द्र शेखर आज़ाद की जगह बता कर |

कैसे देश की जनता इतनी मुर्ख हो सकती है की इन देशद्रोहियों को इतना सम्मान देती है |
 
 मत्स्य उद्योग को बढ़ावा देकर
गाय की हत्या रोकने
का दूरदर्शी योजना आपको मोदी का कायल बना देगी. देखिये,
कैसे..
1. मोदी समुद्र में मछली पकडने वालो को सब्सिडी देते है, जिससे
की लोग यदि मांसाहार करना भी चाहे तो मछली खाए, न
की जानवरो और गायों का मांस खाए..
2. किसान अनुपयोगी जानवर गोशालाओ को बेचे, न की कसाई
को और गो-वध शाला को...
3. गोशाला में इन पशुओ के गोबर से बायो गैस बनाई जाये और और
बायोगैस संयत्र से निकला उत्तम कम्पोस्ट खाद
किसानो को सस्ते दाम में देकर विष मुक्त
खेती को बढ़ावा दिया जाये. बायो गैस रिफिल्लिंग के क्षेत्र में
भी बहुत काम किया जाना बाकि है, जिससे पेट्रोल की बचत
की जा सके और विदेशी मुद्रा बचाई जा सके.
4. गावो में आधुनिक मछली पालन केंद्र बनाये जाये, जिसके लिए
सरकार सहायता देगी. इस मछली तालाब का आधा भाग
सौरी उर्जा पैनलो से ढका जाये, जिससे मछली को छाव मिले और
पानी जल्दी न सूखे. सोलर बिजली को पास के गाव
को दिया जाये, जिससे गाव खुशहाल हो. मोदी सूर्य
ऊर्जा को हर गाव -हर घर तक पहुचाने के लिए बहुत बड़ी योजना के
समर्थक है. जाहिर है, मोदी सौर ऊर्जा के दीवाने हैं, जिसमे कोई
प्रदुषण नहीं होता, यह फ्री में और 40 साल तक चलता है. सौर
ऊर्जा गारंटी के साथ साल के 365 दिन मिलता रहेगा.
5. तालाब के किनारे आवश्यक रूप से फल देने वाले पेड़ लगाये जाये और
आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी उद्यान विकसित किया जाये, जिससे लोग
स्वस्थ रहे...
6. सस्ती मछली मिलने से लोग जानवरों का महगा मांस खाने से
परहेज करेंगे और बीमार भी नहीं होंगे. मछली खाने से अच्छा स्वस्थ्य
भी मिलेगा..
7. मछली पालन और इसके उपयोग से प्रदुषण नहीं होता है. मछली के
अवशेषों को पशु-पक्षी खाकर वातावरण को साफ़ रखेंगे. जानवरों के
वध से पृथ्वी और हवा-पानी प्रदूषित हो जाते हैं, जिसका अनुभव हम
सबको है...
8. गाव में तालाब होने से गाव का माहौल खुशनुमा रहता है और
जिव-जंतु-पक्षी -जानवरों को हमेशा पीने का पानी उपलब्ध
होगा..
9. आजकल जानवरों के क़त्ल का सारा जिम्मा मुस्लिम समुदाय के
पास. जिससे लोगो को लगता है, मुस्लिम जानवरों को मार रहे हैं.
जब की मछली पालने और बेचने का काम गैर मुस्लिम भी करके इस
क्षेत्र की आमदनी में अपना हिस्सा सुनिश्चित कर पायेगे. जाहिर
है पशु वध बंद होने से मछली-पालन व्यवसाय में बहुत
लोगो को रोजगार मिलेगा.
10. किसानो को अच्छी नस्ल की गाये (जर्सी नहीं ) पालने के
लिए सहायता दी जायेगी और भैंस पालन से विमुख
किया जायेगा. जिससे गो-शाला में भैस न जा पानेसे यह कसाई के
हाथ न पड़े. यानी भैस् पालन बंद और गो-पालन को बढ़ावा..
11. गाय पालन का मतलब है की स्वस्थ और खुशहाल समाज.
क्योकि गाय हमें पालती है, न की हम गाय को पालते हैं.
मछली पालन और गोशाला हमारे समाज में सुचिता लाएगी..
12. मोदी जी गो-हत्या, शराब का उत्पादन व् विक्री और
वेश्यावृत्ति को राष्ट्रीय स्तर पर पाबन्दी लगाने के हामी हैं.
भारत में शराब अपराधों की जननी बन चुकी है..

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भारत की जनसंख्या 125 करोड़
कोल्ड ड्रींक पीने वाले की संख्या :- 15 करोड़
प्रत्येक व्यक्ती का कोल्ड ड्रिंक पर औसत सालाना खर्च : 4000 रूपये
टोटल : 60000 करोड़ रूपैया

अगर आप फल फुल के जुस पीते हो तो ये 60 हजार करोड़ रूपैया विदेश में ना जाकर देश के किसानो के पास जाएगा । इससे देश के किसान पैसो के अभाव में आत्महत्या करने पर मजबुर नहीं होंगे ।
आओ मिलकर भारत को सर्वश्रेष्ठ बनाए ।
जहरीली कोल्ड ड्रींक उत्पादो का बहिष्कार करें ।

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Monday, 16 December 2013

"बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश निषेध"


रामेश्वरम मंदिर के लिए प्रसिद्ध तमिलनाडु के रामनाथपुरम जिले के कई मुस्लिम बहुल गाँवों में स्थानीय पंचायतों ने फतवा जारी करके "बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश निषेध" का बोर्ड लगा दिया है.

अथियुत्हू, पुतुवालासी, पनईकुलम, सिथरकोटी जैसे कई मुस्लिम बहुल गाँवों में मुस्लिम जमात ताजुल इस्लाम संघ द्वारा नोटिस लगाया गया है कि, "इस गाँव में किसी भी प्रकार का पोस्टर-बैनर अथवा गाड़ियों के होर्न बगैर पंचायत की इजाज़त के नहीं लगाए जा सकेंगे, कोई भी गैर-इस्लामिक गतिविधि स्वीकार नहीं है". स्थानीय निवासी बताते हैं कि इस इलाके से पंचायत स्तर पर भी आज तक कभी कोई हिन्दू उम्मीदवार नहीं जीता. रामनाथपुरम के सांसद हैं मुस्लिम मुनेत्र कषगम (MMK) के एमएच जवाहिरुल्लाह.

पामबन गाँव के रहवासी कुप्पुरामू बताते हैं कि यहाँ कई गाँवों में लगभग ५०-६०% दुकानदार मुसलमान हैं, और हिन्दू को किसी व्यवसाय आरम्भ करने के लिए इनकी अनुमति लेनी होती है.... जिला कलेक्टर अथवा राज्य सरकार (चाहे DMK सरकार हो या AIDMK) को शिकायत करने पर मुस्लिम वोटों के लालच में आँखें मूँद ली जाती हैं. 

सवदेशी अपनाये देश बचाये

बेवकूफ बनाने का तरिका
अगर रंग गोरा करने वाली क्रीम होती तो बाजार क्षेत्र भारत नहीँ अफ्रिका होता।

और ओबामा और ओपेरा विनफ्रे जैसे अरबपती काले काले नहीँ होते।

हाईट लम्बी करने वाली दवा सच मेँ हाईट बढ़ाती तो नेपाल और चाईना की खपत ही पूरी नहीँ हो पाती।

बाल काले मुलायम रेशमी अगर करने वाला तैल होता तो अमेरिका और यूरोप मेँ चमकिले सुनहरे बुढ़ऊ टाईप बाल नहीँ होते।

जितने भी प्रोडक्ट वाले है सब भारत को मार्केटिंग अड्डा बना लिये है। क्योंकी भारत मेँ जरूरत की चीजे नहीँ खरीदी जाती।
बल्की विज्ञापन देख के जरूरत महसूस किया जाता है।

फिर वस्तुये खरीदी जाती है।फिर बेवकूफ बन जाया जाता है।

सबसे स्वतंत्र रस जो भी अनघ पियेगा
पूरा जीवन केवल वह वीर जियेगा!

"डूबती कश्ती को अब किनारा देना होगा ,
लडखडाते देश को हमें सहारा देना होगा,
लिखना है इतिहास हमे अपने हिन्द का,
फिर इस काम में लहू हमें हमारा देना होगा !"

जय हिन्द जय भारत

सवदेशी अपनाये देश बचाये

Sunday, 15 December 2013

भगवान अपने भक्तों के साथ हमेशा रहते हैं

एक अमीर आदमी था। उसने समुद्र मेँ अकेले
घूमने के लिए एक
नाव बनवाई।
छुट्टी के दिन वह नाव लेकर समुद्र
की सेर करने निकला।
आधे समुद्र तक पहुंचा ही था कि अचानक एक जोरदार
तुफान आया।
उसकी नाव पुरी तरह से तहस-नहस हो गई लेकिन वह
लाईफ जैकेट की मदद से समुद्र मेँ कूद गया।
जब तूफान शांत हुआ तब वह तैरता तैरता एक टापू पर
पहुंचा लेकिन वहाँ भी कोई नही था।
टापू के चारो और समुद्र के अलावा कुछ भी नजर
नही आ रहा था।
उस आदमी ने सोचा कि जब मैंने पूरी जिदंगी मेँ
किसी का कभी भी बुरा नही किया तो मे साथ
ऐसा क्यूँ
हुआ..?
उस आदमी को लगा कि भगवान ने मौत से
बचाया तो आगे का रास्ता भी भगवान ही बताएगा।
धीरे धीरे वह वहाँ पर उगे झाड-पत्ते खाकर दिन
बिताने लगा।
अब धीरे-धीरे उसकी श्रध्दा टूटने लगी,
भगवान पर से उसका विश्वास उठ गया।
उसको लगा कि इस दुनिया मेँ भगवान है ही नही।
फिर उसने सोचा कि अब
पूरी जिंदगी यही इस टापू पर ही बितानी है तो क्यूँ
ना एक झोपडी बना लूँ ......?
फिर उसने झाड की डालियो और पत्तो से एक
छोटी सी झोपडी बनाई।
उसने मन ही मन कहा कि आज से झोपडी मेँ सोने
को मिलेगा आज से बाहर
नही सोना पडेगा।
रात हुई ही थी कि अचानक मौसम
बदला बिजलियाँ जोर जोर से कड़कने लगी.!
तभी अचानक एक बिजली उस झोपडी पर आ गिरी और
झोपडी धधकते हुए जलने लगी।
यह देखकर वह आदमी टूट गया आसमान की तरफ
देखकर बोला तू भगवान नही, राक्षस है।
तुझमे दया जैसा कुछ है ही नही तू बहुत क्रूर है।
वह व्यक्ति हताश होकर सर पर हाथ रखकर
रो रहा था।
कि अचानक एक नाव टापू के पास आई।
नाव से उतरकर दो आदमी बाहर आये और बोले
कि हम तुमे बचाने आये हैं।
दूर से इस वीरान टापू मे जलता हुआ
झोपडा देखा तो लगा कि कोई उस टापू पर मुसीबत मेँ
है।
अगर तुम अपनी झोपडी नही जलाते
तो हमे पता नही चलता कि टापू पर कोई है।
उस आदमी की आँखो से आँसू गिरने लगे।
उसने ईश्वर से माफी माँगी और बोला कि मुझे
क्या पता कि आपने मुझे बचाने के लिए
मेरी झोपडी जलाई थी।
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moral - दिन चाहे सुख के हों या दुख के,
भगवान अपने भक्तों के साथ हमेशा रहते हैं।


बधाई भारतीय शेरों को......

बधाई भारतीय शेरों को................''वन्दे मातरम्''


अगर यही विश्व कप क्रिकेट का जीता होता तो फेसबुक पे बधाइयों वाली पोस्टों की बाढ़ आ गई होती ...महिला टीम के बाद अब पुरुषों की टीम ने भी जीता कबड्डी का विश्व कप ..!
फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को किया चारो खाने चित.....!!
शनिवार रात भारत ने गुरु नानक स्टेडियम में चौथी विश्वकप कबड्डी प्रतियोगिता में पाकिस्तान को 48-39 से हराकर यह चैंपियनशिप अपने नाम कर ली। भारत ने 9 प्वाइंट के अंतर से चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को हराकर लगातार चौथी बार यह स्पर्धा जीती व कबड्डी का विश्वकप अपने पास रखा है।
भारत को इस जीत पर विजेता ट्रॉफी के साथ 2 करोड़ रुपये का नगद पुरस्कार प्रदान किया गया,
खेल के सर्वश्रेष्ठ रेडर और स्टॉपर भी भारतीय टीम से ही रहे और उन्हें पुरस्कार स्वरूप ट्रैक्टर प्रदान किए गए।

Saturday, 14 December 2013

छतीसगढ़ के सभी वर्तमान विधायको का मोबाईल न. ---

छतीसगढ़ के सभी वर्तमान विधायको का मोबाईल न. ---
1-भरतपुर-सोनहत-चम्पादेवी पावले(भाजपा)-9907496447
2-मनेन्द्रगढ़-श्यामबिहारी जायसवाल(भाजपा)-9754428962
3-बैकुंठपुर-भैयालाल राजवाड़े(भाजपा)-9425255174
4-प्रेमनगर-खेल्सय सिंह(कांग्रेस)-9424249006
5-भटगांव-पारस नाथ राजवाड़(कांग्रेस)े9165404564
6-प्रतापपुर-रामसेवक पैकरा भाजपा -9926955054
7-रामानुजगंज-ब्रिहस्पती सिंह-कांग्रेस-9926105315
8-सामरी-प्रीतम सिंह-कांग्रेस-9977267877
9-लुंद्रा-चिंतामणि महराज-कांग्रेस-9617370471
10-अंबिकापुर-टी.एस.सिंह देव-कांग्रेस-942525404
11-सीतापुर-अमरजीत भगत-कांग्रेस-9425582024
12-जसपुर-राजशरण भगत-भाजपा-9827981230
13-कुनकुरी-रोहित साय-भाजपा-9775957381
14-पत्थलगांव-शिवशंकर साय-भाजपा-9424184430
15-लैलूंगा-सुनीति राठिया-भाजपा-9479275470
16-रायगढ़-रोशनलाल अग्रवाल-भाजपा-9425250992
17-सारंगढ़-केराबाई मनहर-भाजपा-9303839410
18-खरसिया-उमेश पटेल-कांग्रेस-9407700000
19-धरमजयगढ़-लालजीत सिंह राठिया-कांग्रेस-9977815873
20-रामपुर-श्यामलाल कंवर-कांग्रेस-9826174862
21-कोरबा-जयसिंह अग्रवाल-कांग्रेस-9425224812
22-कटघोरा-लखनलाल देवांगन-भाजपा-9827111702
23-पाली तनखर-रामदयाल उइके-कांग्रेस-9425220727
24-मरवाही-अमित जोगी-कांग्रेस-9424202648
25-कोटा-डॉ रेनू जोगी-कांग्रेस-9425205678
26+लोरमी-तोखन साहू-भाजपा-9893593068
27-मुंगेली-पुन्नुलाल मोहले-भाजपा-9425219600
28-तखतपुर-राजू सिंह क्षत्रिय-भाजपा-9685251000
29-बिल्हा-शियाराम कौशिक-कांग्रेस-9425530390
30-अमर अग्रवाल-बिलासपुर-भाजपा-9893140203
31-बेलतरा-बद्रीधर दीवान-भाजपा-9425219035
32-मस्तुरी-दिलीप लहरिया-कांग्रेस-9981019399
33-अकलतरा-चुन्नीलाल साहू-कांग्रेस-9981172172
34-जांजगीर चाम्पा-मोतीलाल देवांगन-कांग्रेस-9425223824
35-शक्ति-खिलावन साहू-भाजपा-9993936762
36-चन्द्र पुर-युद्धवीर सिंह जूदेव-भाजपा-9826165100
37-जैजैपुर-केशव चंद्रा-बसपा-9981830982
38-पामगढ़-अम्बेश जांगडे-भाजपा-9425226794
39-सरायपाली-रामलाल चौहान-भाजपा-8959992161
40-बसना-रूप कुमारी चौधरी -भाजपा-9826811547
41-खल्लारी-चुन्नीलाल साहू-भाजपा-9977909977
42-महासमुंद-डॉ विमल चोपड़ा-निर्दलीय-9425202544
43-बिलाईगढ़-डॉ सनम जांगडे-भाजपा-9425524078
44-कसडोल-गौरीशंकर अग्रवालभाजपा-7693027273
45-बलौदाबाजार-जनकराम वर्मा-कांग्रेस-9826919038
46-भांटा पारा -शिव रतन शर्मा-भाजपा-9425206885
47-धरसिवा-देवजीभाई पटेल-भाजपा-9425203192
48-रायपुर ग्रामीण-सत्यनारायण शर्मा-कांग्रेस-9425204000
49-रायपुर नगर पश्चिम-राजेश मूणत-भाजपा-9425202555
50-रायपुर उत्तर-श्रीचंद सुन्दरानी-भाजपा-9425209722
51-रायपुर दक्षिण-बृजमोहन अग्रवाल-भाजपा-9827127200
52-आरंग-नविन मार्कन्डे-भाजपा-9977421158
53-अभनपुर-धनेन्द्र साहू-कांग्रेस-9425203288
54+राजिम-संतोष उपाध्याय-भाजपा-9977313101
55-बिंद्रा नवागढ़-गोवर्धनसिंह मांझी-भाजपा-9303654757
56-सिहावा-श्रवन मरकाम-भाजपा-9575930045
57-कुरूद-अजय चन्द्राकर-भाजपा-7705223162
58-धमतरी-गुरुमुख सिंह होरा-कांग्रेस-9827125001
59-संजारी बालोद-भैया राम सिन्हा-कांग्रेस-9425212931
60-डोंडी लोहरा-अनिल भेड़िया-कांग्रेस-9425595345
61-गुन्दारदेही-राजेन्द्र कुमार राय-कांग्रेस-9425212931
62-पाटन-भूपेश बघेल-कांग्रेस-9425236333
63-दुर्ग ग्रामीण-रमशीला साहू-भाजपा-9425247307
64-दुर्ग सहर-अरुण वोरा-9425565100
65-भिलाई नगर-प्रेमप्रकाश पाण्डेय-8807429039
66-वैशाली नगर-विद्यारतन भसीन-भाजपा-9826154999
67-अहिवारा-सावला राम दहरे-भाजपा-9424115046
68-साजा-लाभचंद बाफना-भाजपा-9425207261
69-बेमेतरा-अवधेश सिंह चंदेल-भाजपा-9425247025
70-नवागढ़-दयालदास बघेल-भाजपा-9755986272
71-पंडरिया-मोतीराम चंद्रवंशी-भाजपा-9424108817
72-कवर्धा-अशोक साहू-भाजपा-9587098175
73-खैरागढ़-गिरवर जंघेल-कांग्रेस-9406038387
74-डोंगरगढ़-सरोजनी बंजारे-भाजपा-8120649222
75-राजनांदगाव-डॉ रमन सिंह-07712443399
76-डोंगरगाव-दलेस्वर साहू-कांग्रेस-7697877533
77-खुज्जी-भोलाराम साहू-कांग्रेस-9406325436
78-मोहला मानपुर-तेज कुवर नेताम-कांग्रेस-8827452450
79-अंतागढ़-विक्रम उसेंडी-भाजपा-9425262182
80-भानुप्रतापपुर-मनोजमंडावी-कांग्रेस-9424288889
81-कांकेर-शंकर ध्रुवा-कांग्रेस-9424288950
82-केशकाल-संतराम नेताम-कांग्रेस-8103485026
83-कोंडागाव-मोहन मरकाम-कांग्रेस-9425258242
84-नारायणपुर-केदार कश्यप-भाजपा-9893961000
85-बस्तर-लखेस्वर बघेल-कांग्रेस-9406070700
86-जगदलपुर-संतोष बाफना-भाजपा-9425258001
87-चित्रकोट-दीपक बैज-कांग्रेस-8817277727
88-दंतेवाडा-देवती करमा-कांग्रेस-9425236666
89-बीजापुर-महेश गागडा-भाजपा-9753920077
90-कोंटा-कवासी लखमा-कांग्रेस-9425260144


भारतीय बच्चा जिसकी प्रतिभा ने चौका दिया सारे विश्व को ......



एक ऐसी भारतीय बच्चा जिसकी प्रतिभा ने चौका दिया सारे विश्व को ......

बिहार के बखोरापुर के रहने वाले सत्यम को आज पूरी दुनिया जानती है। इसकी प्रतिभा से क्रिकेट के भगवान सचिन तेंडुलकर और ऐश्वर्या राय बच्चन भी परिचित हैं। बिहार के एक किसान परिवार में जन्मे सत्यम इन दिनों आईआईटी कानपुर में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं। पहली बार महज 12 साल की उम्र में आईआईटी में सफलता पाने वाले सत्यम ने रैंकिंग सुधारने के लिए दोबारा इस परीक्षा में शामिल हुए थे और 679 रैंक लाकर सबको चौंका दिया। तब सत्यम की उम्र 13 साल हो गई थी और वे सबसे कम उम्र में आईआईटी-जेईई पास करने वाले छात्र बन गए थे।

एक और शर्त चाणक्य ने हेलेन के सामने रखी

जब यूनानी आक्रमणकारी सेल्यूकस चन्द्रगुप्त मौर्य से हार गया और उसकी सेना बंदी बना ली गयी तब उसने अपनी खूबसूरत बेटी हेलेना के विवाह का प्रस्ताव चन्द्रगुप्त के पास भेजा ..

सेल्यूकस की सबसे छोटी बेटी थी हेलेन बेहद खुबसूरत , उसका विवाह आचार्य चाणक्य ने प्रस्ताव मिलने पर सम्राट चन्द्रगुप्त से कराया. पर उन्होंने विवाह से पहले हेलेन और चन्द्रगुप्त से कुछ शर्ते रखी जिस पर उन दोनों का विवाह हुआ.

पहली शर्त यह थी की उन दोनों से उत्पन्न संतान उनके राज्य का उत्तराधिकारी नहीं होगा और कारण बताया की हेलेन एक विदेशी महिला है , भारत के पूर्वजो से उसका कोई नाता नहीं है. भारतीय संस्कृति से हेलेन पूर्णतः अनभिग्य है और दूसरा कारण बताया की हेलेन विदेशी शत्रुओ की बेटी है. उसकी निष्ठा कभी भारत के साथ नहीं हो सकती. तीसरा कारण बताया की हेलेन का बेटा विदेशी माँ का पुत्र होने के नाते उसके प्रभाव से कभी मुक्त नहीं हो पायेगा और भारतीय माटी, भारतीय लोगो के प्रति पूर्ण निष्ठावान नहीं हो पायेगा.

एक और शर्त चाणक्य ने हेलेन के सामने रखी की वह कभी भी चन्द्रगुप्त के राज्य कार्य में हस्तक्चेप नहीं करेगी और राजनीति और प्रशासनिक अधिकार से पूर्णतया विरत रहेगी. परन्तु गृहस्थ जीवन में हेलेन का पूर्ण अधिकार होगा.

सोचिये मित्रो ... भारत ही नही विश्व भर में चाणक्य जैसा कुटनीतिक और नीतिकार राजनितिक आज तक दूसरा कोई नही पैदा हुआ ..फिर भी आज भारत उनकी सबक को भूल गया और देश पर शासन कौन कर रहा है … सब आपके सामने है
मेरा इशारा शायद आप समझ गये होंगे …

छुहारा



ठंड में छुहारा खाने के ''लालच'' से बच नहीं पाएंगे,जब जानेंगे ये BENEFITS!

छुहारा खुश्क फलों में गिना जाता है, जिसके प्रयोग से शरीर हृष्ट-पुष्ट बनता है। सर्दियों में छुहारे बहुत पौष्टिक होते है। अगर पाचन शक्ति अच्छी हो तो खजूर खाना ज्यादा फायदेमंद है। छुहारे का सेवन तो सालभर किया जा सकता है, क्योंकि यह सूखा फल बाजार में सालभर मिलता है। मगर फिर भी ठंड में इसे खाना अधिक बेहतर होता है। सर्दियों में शरीर को शक्ति देने के लिए मेवों के साथ छुहारे का प्रयोग खासतौर पर किया जाता है।

-चार बीज निकाले छुहारे ,एक चुटकी केशर (125 मिलीग्राम ) और आवश्यकता अनुसार शक्कर को 500मि.ली. दूध में मिलाकर उबाल लें और इन सब को एक साथ रात में सेवन करें। यह शरीर को ऊर्जा प्रदान करने वाला योग है।

- छुहारों को बीज निकालकर पीस लें और 250 मिलीग्राम की मात्रा में दूध और केले के साथ मिलाकर मिल्क शेक बना लें। इसका नियमित सेवन बुढ़ापे से जुड़ी समस्याओं को दूर रखेगा।

- खजूर के सेवन से दमे के रोगियों के फेफड़ों से बलगम आसानी से निकल जाता है। लकवा और सीने के दर्द की शिकायत को दूर करने में भी खजूर सहायता करता है।

-भूख बढ़ाने के लिए छुहारे को दूध में पकाएं। उसे थोड़ी देर पकने के बाद ठंडा करके पीस लें। यह दूध बहुत पौष्टिक होता है। इससे भूख बढ़ती है और खाना भी पच जाता है।

-जुकाम से परेशान रहते हैं तो खारक का दूध बनाकर उसमें थोड़ा कालीमिर्र्र्च व इलायची पाऊडर डालकर पीएं। सर्दी-जुकाम बिल्कुल ठीक हो जाएगा।

- छुहारा पुरुषों की कमजोरी दूर करता है अगर आप कमजोरी या नपुंसकता से परेशान हैं तो तीन महीने तक छुहारे का सेवन आपको समस्या से मुक्ति दिला देगा। इसे रोज सुबह खाली पेट खाएं। पहले सप्ताह एक छुहारा व दूसरे सप्ताह से दो सप्ताह तक दो छुआरा खूब चबा-चबाकर खाएं। तीसरे सप्ताह में तीन छुहारे खाएं और चौथे सप्ताह से 12वें सप्ताह तक चार-चार छुहारों का रोज सेवन करें। इस समस्या से मुक्ति मिल जाएगी।

- छुहारे का नियमित सेवन करने से दिल से संबंधित रोग नहीं होते हैं। साथ ही इसे खाने से खून की कमी की समस्या दूर होती है।

- छुहारे बहुत अल्प मात्रा में फेट व कोलेस्ट्रॉल से युक्त होने के कारण मोटे व्यक्तियों सहित रक्तचाप पीडि़त रोगियों के लिए भी सुरक्षित होते है। नियमित दो या चार छुहारे का सेवन कब्ज की समस्या को दूर करता है।

- सर्दियों में छुहारे का सेवन बहुत लाभदायक होता है। इसके नियमित सेवन से आमाशय को बल मिलता है।

- छुहारे या खारक की तासीर गर्म होने से ठंड के दिनों में इसका सेवन नाड़ी के दर्द में भी आराम देता है। साइटिका रोग से पीडि़त लोगों को इससे विशेष लाभ होता है।

- सर्दियों में रोजाना छुहारे के सेवन से प्रदर रोग स्त्रियों की बड़ी बीमारी है। छुआरे की गुठलियों को कूट कर घी में तल कर, गोपी चन्दन के साथ खाने से प्रदर रोग दूर हो जाता है।

- जो लोग बहुत पतले हैं और अपना वजन बढ़ाना चाहते हैं उनके लिए छुहारा वरदान साबित हो सकता है, सर्दियों में इसके नियमित सेवन से वजन बढऩे लगता है।

अमरबेल से जुडे आदिवासी नुस्खे................

अमरबेल से जुडे आदिवासी हर्बल नुस्खे, जानिए और कहिए अरे वाह! 
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जंगलों, सड़क, खेत खलिहानों के किनारे लगे वृक्षों पर परजीवी अमरबेल का जाल अक्सर देखा जा सकता है, वास्तव में जिस पेड़ पर यह लग जाती है, वह पेड़ धीरे धीरे सूखने लगता है। इसकी पत्तियों मे पर्णहरिम का अभाव होता है जिस वजह से यह पीले रंग की दिखाई देती है। इसके अनेक औषधीय गुण भी है। अमरबेल का वानस्पतिक नाम कस्कूटा रिफ़्लेक्सा है। आदिवासी अंचलों में अमरबेल को अनेक हर्बल नुस्खों के तौर पर उपयोग में लाया जाता है, चलिए जानते हैं आज अमरबेल से जुडे हर्बल नुस्खों और आदिवासी जानकारियों को..


पूरे पौधे का काढ़ा घाव धोने के लिए बेहतर है और यह टिंक्चर की तरह काम करता है। आदिवासियों के अनुसार यह काढा घावों पर लगाया जाए तो यह घाव को पकने नहीं देता है।

बरसात में पैर के उंगलियों के बीच सूक्ष्मजीवी संक्रमण या घाव होने पर अमरबेल पौधे का रस दिन में 5-6 बार लगाया जाए तो आराम मिल जाता है।

अमरबेल को कुचलकर इसमें शहद और घी मिलाकर पुराने घावों पर लगाया जाए तो घाव जल्दी भरने लगता है। यह मिश्रण एंटीसेप्टिक की तरह कार्य करता है।



- गुजरात के आदिवासी हर्बल जानकार इसके बीजों और पूरे पौधे को कुचलकर आर्थराईटिस के रोगी को दर्द वाले हिस्सों पर पट्टी लगाकर बाँध देते है। इनके अनुसार यह दर्द निवारक की तरह कार्य करता है।

गंजेपन को दूर करने के लिए पातालकोट के आदिवासी मानते हैं कि यदि आम के पेड़ पर लगी अमरबेल को पानी में उबाल लिया जाए और उस पानी से स्नान किया जाए तो बाल पुन: उगने लगते है।

डाँग के आदिवासी अमरबेल को कूटकर उसे तिल के तेल में 20 मिनट तक उबालते हैं और इस तेल को कम बाल या गंजे सर पर लगाने की सलाह देते है। आदिवासी हर्बल जानकारों के अनुसार यह तेल बालों के झडने का सिलसिला कम करता है और गंजे सिर पर भी बाल लाने में मदद करता है।
डाँग के आदिवासी अमरबेल को कूटकर उसे तिल के तेल में 20 मिनट तक उबालते हैं और इस तेल को कम बाल या गंजे सर पर लगाने की सलाह देते है। आदिवासी हर्बल जानकारों के अनुसार यह तेल बालों के झडने का सिलसिला कम करता है और गंजे सिर पर भी बाल लाने में मदद करता है।

पातालकोट के आदिवासियों के अनुसार मुँह और पेट के कैंसर या ट्युमर में इस पौधे का काढा आराम दिलाता है, आधुनिक अध्ययनों से पता चलता है कि इस पौधे का अर्क पेट के कैंसर से लड़ने में मदद कर सकता है

जैविक खेती का एक आसान तरीका



जैविक खाद ( एक एकड़ खेत के लिए )
# एक ड्रम में नीचे लिखी पाँच चीजों को आपस में मिला लें.

१. १५ किलो गोबर ( गाय का, बैल का, या भैंस का )
२. १५ लीटर मूत्र ( गाय का, बैल का, या भैंस का )
३. १ किलो गुड़ ( कैसा भी चलेगा, जो सड़ गया हो आपके उपयोग का ना हो तो ज्यादा अच्छा )
४. १ किलो पिसी हुई दाल या चोकर (कैसा भी चलेगा, आपके उपयोग का ना हो तो ज्यादा अच्छा )
५. १ किलो मिट्टी ( किसी भी पुराने पेड़ के नीचे की पीपल, बरगद .... )
# अब इसे १५ दिन तक छाँव में रखो, और रोज सुबह शाम एक बार इसे मिला दो.
# १५ दिन बाद इसमें २०० लीटर पानी मिला दो, अब आपकी खाद तैयार हो गयी जो एक एकड़ खेत के लिए काफी है.
# इस जैविक खाद को हर २१ दिन के बाद खेत में डाल सकते है.
# अगर खेत खाली है तो सीधे खेत में इसे छिड़क दें. और अगर फ़सल खड़ी है तो पानी के साथ पटा दें !
# यह जैविक खाद आपके रासायनिक खाद ( यूरिया ... ) से ६ गुना ज्यादा ताकतवर है !
# इस जैविक खाद की कोई एक्सपायरी डेट नहीं होती है !
# इस जैविक खाद को इस्तेमाल करने से खेत को पानी की कम जरुरत पड़ती है !

जैविक जंतु नाशक ( एक एकड़ खेत के लिए )

# जिस खेत में यूरिया, डी ए पी आदि डाला जाता है, कीट उसी खेत में जाते हैं, आप जितना ज्यादा यूरिया, डी ए पी डालोगे कीट उतने ज्यादा आएंगे, इसलिए सबसे पहले रासायनिक खाद डालना बंद करें खेत में कीट आना कम होते जायेगा !
# एक ड्रम में नीचे लिखी चीजों को मिला कर उबालें !
१. २० लीटर मूत्र ( गाय का, बैल का, या भैंस का )
२. २.५ किलो नीम के पत्ते या निम्बोली पिस कर मिलाएं !
३. २.५ किलो सीताफल के पत्ते पिस कर मिलाएं !
४. २.५ किलो आकड़ा ( आक, अकौवा, अर्क मदार ) के पत्ते को पिस कर मिलाएं !
५. २.५ किलो धतुरे के पत्ते को पिस कर मिलाएं !
६. २.५ किलो बेल पत्र के पत्ते को पिस कर मिलाएं !
# इस घोल को खूब उबालें, उबालते समय इसमें करीब ०.५ किलो तम्बाकू का पाउडर मिला दें!
# खूब उबल जाये तो इसे ठंढा करके छान लें !
# अब इसे बोतल में या किसी और बर्तन में रख लें !
# अब जब भी इसका इस्तेमाल करना हो तो इसमें २० गुना पानी मिला कर छिड़के !
# छिड़कने के ३ दिन के अंदर सभी कीट मर जायेंगे !

बीज संस्कारित करने का तरीका ( १ किलो बीज के लिए )

# एक ड्रम में नीचे लिखी चीजों को मिलाएं !
१. १ किलो गोबर ( गाय का, बैल का, या भैंस का )
२. १ लीटर मूत्र ( गाय का, बैल का या भैंस का )
# अब इसमें १०० ग्राम कलई चूना मिलाना है, उसका तरीका है !
३. १०० ग्राम कलई चूना को २ से ३ लीटर पानी में डालकर रात भर छोड़ दें ! सुबह में जब चूना फूल जाये तो चूना और उसके पानी को घोल लें !
# अब ड्रम में जिसमें गोबर और मूत्र मिला हुआ है उसमें ये चुने का घोल मिला दें और इसे अच्छे से घोलें !
# अब कोई भी बीज जिसको संस्कारित करना हो उसे इस घोल में मिला कर रात भर ( ३ से ६ घंटे ) छोड़ दें !
# सुबह में बीज को घोल से निकाल लीजिए, और इसे छाँव में सुखा लीजिए !
# अब आपका बीज तैयार है इसे खेत में लगा दीजिए !
# इस संस्कारित बीज से आपको उत्पादन ज्यादा मिलेगा !
# और इस संस्कारित बीज पर कीट आसानी से नहीं लगेगा !