Thursday 17 October 2013

तब से अंग्रेशुद्रो की दशा बिगङ

1- रिगवेद लिखने वालो मे 13 पैदाईशी शुद्र पर कर्म के
लिहाज से ब्राह्मण थे.
2- रामायण के रचयिता महर्षि बाल्मिकी जन्म से शुद्र कर्म
से ब्राह्मण थे.
3- महाभारत के रचयिता महर्षि वेदव्यास , अक अवैध सन्तान
और मछुआरिन पुत्र थे.
4- महाराजा हरिश्चन्द्र जन्म से च्छत्रिय थे पर बाद मे चांडाल
बने.
5- भगवान श्रीकृष्ण यादव थे, और पांडवो की माता मछुवारीन
थीं.
6- भगवान राम ने जामवन्त हनुमान आदि वनवासी मित्रो के
साथ ब्राह्मङ से युद्ध किया.
7- शबरी के जुठे बेर खाये और वह बेर लच्छमङ की रच्छा मे
काम आये और उनका घमंड खत्म हुआ.
8- मौर्य वंश जो की शुद्र था भारत पर बहुत समय राज्य किया.
9- गुप्त वंश वैश्य था भारत पर राज्य किया.
10- पासीयो के राजा महाराज सुहेल देव बहराईच के राजा रहे
11- छत्रपति शाहुजी महाराज ने आरच्छङ शुरु किया था शुद्रो के
लिये , वो च्छत्रिय थे.
12- डा भीमराव को बचपन मे जिस शिच्छक ने न पढने के
सामाजिक बंधनो से बचाये रखा वो ब्राह्मङ थे.
13- वीर सावरकर और नाथुराम गोडसे ने बाबा साहेब के समय
काल मे ही जातिविरोधी आन्दोलन शुरु किया वो ब्राह्मङ थे
14- जिस स्वामी श्रद्धानन्द को बाबा साहेब ने अपने जीवन
का सबसे सम्मानित व्यक्ति कहा वो ब्राह्मङ थे.
15- मीराबाई जैसे कृष्णभक्त के गुरु शुद्र थे.
16- आदि शंकराचार्य के गुरु चांडाल थे.
17- जिसे इस देश का संविधान लिखने को मिला वो शुद्र थे.
18- जिस वीपी सिंह ने ओबीसी आरच्छङ लागु
किया वो च्छत्रिय थे. जिस पार्टी ने उन्हे समर्थन
दिया वो कट्टर हिन्दूवादी थे.

अभी बहुत कुछ है पर इतना रटो , इसे पढोगे तो पता चलेगा की जबसे
भारत मे इस्लामिक आक्रमणकारी और
अंग्र ज आये तब से अंग्रेशुद्रो की दशा बिगङ
गयी , जब वे गये थो फिर ठीक होने लगी.. इसलिये जिन
इस्लामिक आक्रमणकारीयों व् अंग्रेजो ने हमे बाटा, हमारे कुछ लोगो को स्वार्थी बनाकर हमपर ही अत्याचार करवाया उन निकृष्ट
लोगों को पश्चिमी सभ्यता केदिवानो को मूह तोड़ जवाब दो..

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