Wednesday 15 October 2014


ैनिको को दिए जाने वाले कवच (बुलेटप्रुफ जेकेट) चीन से
मंगवाया गया जिसकी कीमत 1000 थी और उसको कांग्रेस सरकार ने 55,000 हज़ार में खरीदा!
2) सैनिको के लिए बड़े बड़े टेंकर खरीदे गए जिनकी अंतर-रास्ट्रीय बाज़ार में कीमत
40 लाख रूपए थी लेकिन कांग्रेस सरकार को सस्ती चीज़े खरीदने का शौक
नहीं था इसीलिए उन्होंने इसको 1 करोड़ 35 लाख में खरीदा!
3) BSF के सभी सैनको को AK - 47 नहीं मिला लेकिन सरकार ने अपने कागज
में सभी सैनिको को यह AK - 47 दे चुकी थी जिसकी कीमत हमारे टेक्स से 213
लाख करोड़ लगाईं गई थी !
4) सरकार ने लद्दाक में ठण्ड से बचने के लिए दिए जाने वाले सैनिक पोशाको को
भी नहीं खरीद पाई थी क्युकी जापान की कंपनी ने कमिसन देने से मना कर
दिया था! वोह सैनिक 20 साल पुराना पोशाक पहन रहे थे |
अरून शुक्ला
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क्या पिछली UPA सरकार में पाकिस्तानी हमदर्द/एजेंट हावी थे? शंका का कारण निम्न है :
१. सीमाँओं पर पाकिस्तान की और से एक तरफ़ा गोलिया बरसती थी| हमारे सैनिको को गोली का जवाब देने के लिए दिल्ली से अनुमति लेनी पड़ती थी| मोदीजी ने भी कहा है की पहली और आखिरी गोली पाकिस्तान की ही होती थी| क्यों???
२. चुकी हम गोली का जवाब नहीं दे पाते थे, इसलिए पकिस्तान के सैनिक हमारे इलाके में घुस कर हमारे सैनिको का सर काट कर ले गए और अपने यहाँ प्रदर्शन करते रहे औरUPA सरकार नपुन्शको की भाँती चुप बैठी रही|
३. हमारे सेना को कमज़ोर बनाया गया,कई हजार अफसरों के पोस्ट खाली रखे गए| यही नहीं, सेना को भी भ्रष्टाचार में लिप्त किया गया, उदाहरंस्वरूप तब के आर्मी चीफ को २० करोड़ रुपयों की घूस की पेशकस भी की गई ट्राट्रा ट्रक को पास करने के लिए – केस सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है|
४. आर्मी के पास गोला बारूद और अन्य हथियारों की बेहद कमी थी,जिसके विरुद्ध हताश और बाध्य होकर तब के आर्मी चीफ को प्रधान मंत्री मन मोहन सिंह को पत्र लिखना पड़ा की युद्ध की अवस्था में २ या ३ दिन से ज्यादा उनके गोला बारूद नहीं चलेगे और तब भयावह स्थिति पैदा हो जाएगी|
ऐसे ही और भी घटनाएं है जिससे शंकाए होती है की UPA सरकार में उच्च स्तर पर पाकिस्तानी-हमदर्द/एजेंट हावी थे और भारत को कमजोर बनाया जा रहा था|

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एक बार नेताजी सुभाष चन्द्र बोस हिटलर से मिलने गये।हिटलर किसी से खुद नही मिलता था बल्कि अपने डुप्लिकेट्स को भेजता था।
पहला डुप्लिकेट आया और हाथ बढाकर बोला-हैलो आई एम हिटलर!
नेता जी:मै सुभाष हुँ,भारत से।हिटलर को भेजो!
इसी प्रकार दूसरा आया पर नेताजी ने पहचान लिया।तब हिटलर खुद आया।तब नेता जी ने हाथ बढाया,बोले कृप्या दस्ताने उतार दे मै दोस्ती के बीच कोई दिवार नही चाहता।
इतनी निर्भिकतापूर्ण बातै हिटलर से पहले किसी ने नही की थी।फिर हिटलर ने पहली बार दस्ताने उतार कर हाथ मिलाये।
ऐसे थे नेताजी
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जरा सोचिये की शाम के
7:25 बजे है और आप घर जा रहे है
वो भी एकदम अकेले।
ऐसे में अचानक से आपके सीने में तेज
दर्द होता है जो
आपके हाथों से होता हुआ आपके
जबड़ो तक पहुँच
जाता है। आप अपने घर से
सबसे नजदीक अस्पताल
से 5 मील दूर है और
दुर्भाग्यवश आपको ये नहीं
समझ आरहा की आप वहां
तक पहुँच पाएंगे की नहीं।
आप सीपीआर में प्रशिक्षित
है मगर वहां भी आपको ये
नहीं सिखाया गया की इसको
खुद पर प्रयोग कैसे करे।
ऐसे में दिल के दौरे से बचने
के लिए ये उपाय आजमाए ;-
चूँकि ज्यादातर लोग दिल के
दौरे के वक्त अकेले होते है
बिना किसी की मदद के
उन्हें सांस लेने में तकलीफ
होती है । वे बेहोश होने लगते
ह और उनके पास सिर्फ 10 सेकण्ड्स
होते है । ऐसे हालत
में पीड़ित जोर जोर से खांस
कर खुद को सामान्य रख
सकता है। एक जोर की सांस
लेनी चाहिए हर खांसी से पहले
और खांसी इतनी तेज हो की
छाती से थूक निकले।
जब तक मदद न आये ये
प्रक्रिया दो सेकंड से दोहराई
जाए ताकि धड्कण सामान्य
हो जाए ।
जोर की साँसे फेफड़ो में
ऑक्सीजन पैदा करती है
और जोर की खांसी की वजह
से दिल सिकुड़ता है जिस से
रक्त सञ्चालन नियमित रूप से
चलता है ।।।।।
जहाँ तक ही सके इस सन्देश को हरेक
तक पहुंचाए । एक ह्रदय के डॉक्टर
ने तो यहाँ तक कहाँ
की अगर हर व्यक्ति यह सन्देश
10 लोगो को भेजे तो एक जान
बचायी जा सकती है।
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आयुर्वेदिक दोहे
१Ⓜ
दही मथें माखन मिले,
केसर संग मिलाय,
होठों पर लेपित करें, 
रंग गुलाबी आय..
२Ⓜ
बहती यदि जो नाक हो,
बहुत बुरा हो हाल,
यूकेलिप्टिस तेल लें,
सूंघें डाल रुमाल..
३Ⓜ
अजवाइन को पीसिये ,
गाढ़ा लेप लगाय,
चर्म रोग सब दूर हो,
तन कंचन बन जाय..
४Ⓜ
अजवाइन को पीस लें ,
नीबू संग मिलाय,
फोड़ा-फुंसी दूर हों,
सभी बला टल जाय..
५Ⓜ
अजवाइन-गुड़ खाइए,
तभी बने कुछ काम,
पित्त रोग में लाभ हो,
पायेंगे आराम..
६Ⓜ
ठण्ड लगे जब आपको,
सर्दी से बेहाल,
नीबू मधु के साथ में,
अदरक पियें उबाल..
७Ⓜ
अदरक का रस लीजिए.
मधु लेवें समभाग,
नियमित सेवन जब करें,
सर्दी जाए भाग..
८Ⓜ
रोटी मक्के की भली,
खा लें यदि भरपूर,
बेहतर लीवर आपका,
टी० बी० भी हो दूर..
९Ⓜ
गाजर रस संग आँवला,
बीस औ चालिस ग्राम,
रक्तचाप हिरदय सही,
पायें सब आराम..
१०Ⓜ
शहद आंवला जूस हो,
मिश्री सब दस ग्राम,
बीस ग्राम घी साथ में,
यौवन स्थिर काम..
११Ⓜ
चिंतित होता क्यों भला,
देख बुढ़ापा रोय,
चौलाई पालक भली,
यौवन स्थिर होय..
१२Ⓜ
लाल टमाटर लीजिए,
खीरा सहित सनेह,
जूस करेला साथ हो,
दूर रहे मधुमेह..
१३Ⓜ
प्रातः संध्या पीजिए,
खाली पेट सनेह,
जामुन-गुठली पीसिये,
नहीं रहे मधुमेह..
१४Ⓜ
सात पत्र लें नीम के,
खाली पेट चबाय,
दूर करे मधुमेह को,
सब कुछ मन को भाय..
१५Ⓜ
सात फूल ले लीजिए,
सुन्दर सदाबहार,
दूर करे मधुमेह को,
जीवन में हो प्यार..
१६Ⓜ
तुलसीदल दस लीजिए,
उठकर प्रातःकाल,
सेहत सुधरे आपकी,
तन-मन मालामाल..
१७Ⓜ
थोड़ा सा गुड़ लीजिए,
दूर रहें सब रोग,
अधिक कभी मत खाइए,
चाहे मोहनभोग.
१८Ⓜ
अजवाइन और हींग लें,
लहसुन तेल पकाय,
मालिश जोड़ों की करें,
दर्द दूर हो जाय..
१९Ⓜ
ऐलोवेरा-आँवला,
करे खून में वृद्धि,
उदर व्याधियाँ दूर हों,
जीवन में हो सिद्धि..
२०Ⓜ
दस्त अगर आने लगें,
चिंतित दीखे माथ,
दालचीनि का पाउडर,
लें पानी के साथ..
२१Ⓜ
मुँह में बदबू हो अगर,
दालचीनि मुख डाल,
बने सुगन्धित मुख, महक,
दूर होय तत्काल..
२२Ⓜ
कंचन काया को कभी,
पित्त अगर दे कष्ट,
घृतकुमारि संग आँवला,
करे उसे भी नष्ट..
२३Ⓜ
बीस मिली रस आँवला,
पांच ग्राम मधु संग,
सुबह शाम में चाटिये,
बढ़े ज्योति सब दंग..
२४Ⓜ
बीस मिली रस आँवला,
हल्दी हो एक ग्राम,
सर्दी कफ तकलीफ में,
फ़ौरन हो आराम..
२५Ⓜ
नीबू बेसन जल शहद ,
मिश्रित लेप लगाय,
चेहरा सुन्दर तब बने,
बेहतर यही उपाय..
२६.Ⓜ
मधु का सेवन जो करे,
सुख पावेगा सोय,
कंठ सुरीला साथ में ,
वाणी मधुरिम होय.
२७.Ⓜ
पीता थोड़ी छाछ जो,
भोजन करके रोज,
नहीं जरूरत वैद्य की,
चेहरे पर हो ओज..
२८Ⓜ
ठण्ड अगर लग जाय जो
नहीं बने कुछ काम,
नियमित पी लें गुनगुना,
पानी दे आराम..
२९Ⓜ
कफ से पीड़ित हो अगर,
खाँसी बहुत सताय,
अजवाइन की भाप लें,
कफ तब बाहर आय..
३०Ⓜ
अजवाइन लें छाछ संग,
मात्रा पाँच गिराम,
कीट पेट के नष्ट हों,
जल्दी हो आराम..
३१Ⓜ
छाछ हींग सेंधा नमक, x
दूर करे सब रोग, जीरा
उसमें डालकर,
पियें सदा यह भोग..।

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